नवादा जिले में दस्तावेज वसीक नवीस संघ ने एक होली मिलन समारोह का आयोजन किया, जिसमें सैकड़ों स्थानीय निवासी, व्यापारी, समाजसेवी और संघ के सदस्य शामिल हुए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करना था। संघ के अध्यक्ष विद्यासागर प्रसाद, सचिव प्रमोद कुमार सिन्हा, कोषाध्यक्ष नागेश्वर प्रसाद, उपाध्यक्ष संतोष कुमार उर्फ टंनट और संतोष कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस समारोह को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थिरकन के साथ होली की मस्ती में हिस्सा लिया
उपस्थित सभी लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। आयोजकों ने पानी, ठंडाई, गुजिया और अन्य पकवानों की व्यवस्था की, जिससे उत्सव का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। समारोह की मुख्य विशेषता परंपरागत होली के फाग गीत रहे। ढोलक, मंजीरा और हारमोनियम की धुन पर लोकप्रिय फागुआ गीत गाए गए, जिनमें “फागुनवा में होली खेली रे…” और “रंग बरसे बिगड़ी…” जैसे गीत शामिल थे। इन गीतों पर लोगों ने जमकर नृत्य किया। महिलाएं और युवतियां विशेष रूप से उत्साहित थीं और उन्होंने पारंपरिक थिरकन के साथ होली की मस्ती में हिस्सा लिया। पुरुषों ने भी तालियां बजाकर और नाच-गाकर आनंद लिया, जो नवादा की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है। इस होली मिलन समारोह ने नवादा में भाईचारे और प्रेम की मिसाल पेश की। आयोजकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम समाज में आपसी प्रेम बढ़ाते हैं और त्योहारों को यादगार बनाते हैं। लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने होली के प्रति स्थानीय उत्साह को उजागर किया। नवादा जिले में दस्तावेज वसीक नवीस संघ ने एक होली मिलन समारोह का आयोजन किया, जिसमें सैकड़ों स्थानीय निवासी, व्यापारी, समाजसेवी और संघ के सदस्य शामिल हुए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करना था। संघ के अध्यक्ष विद्यासागर प्रसाद, सचिव प्रमोद कुमार सिन्हा, कोषाध्यक्ष नागेश्वर प्रसाद, उपाध्यक्ष संतोष कुमार उर्फ टंनट और संतोष कुमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस समारोह को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थिरकन के साथ होली की मस्ती में हिस्सा लिया
उपस्थित सभी लोगों ने एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। आयोजकों ने पानी, ठंडाई, गुजिया और अन्य पकवानों की व्यवस्था की, जिससे उत्सव का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। समारोह की मुख्य विशेषता परंपरागत होली के फाग गीत रहे। ढोलक, मंजीरा और हारमोनियम की धुन पर लोकप्रिय फागुआ गीत गाए गए, जिनमें “फागुनवा में होली खेली रे…” और “रंग बरसे बिगड़ी…” जैसे गीत शामिल थे। इन गीतों पर लोगों ने जमकर नृत्य किया। महिलाएं और युवतियां विशेष रूप से उत्साहित थीं और उन्होंने पारंपरिक थिरकन के साथ होली की मस्ती में हिस्सा लिया। पुरुषों ने भी तालियां बजाकर और नाच-गाकर आनंद लिया, जो नवादा की सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाता है। इस होली मिलन समारोह ने नवादा में भाईचारे और प्रेम की मिसाल पेश की। आयोजकों ने बताया कि ऐसे कार्यक्रम समाज में आपसी प्रेम बढ़ाते हैं और त्योहारों को यादगार बनाते हैं। लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने होली के प्रति स्थानीय उत्साह को उजागर किया।


