आजमगढ़ जिले की शहर कोतवाली पुलिस ने दो करोड़ 87 लाख रुपए की ठगी करने वाले गैंगस्टर हिस्ट्रीशीटर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी संगठित गिरोह बनाकर लोगों को जहां से में लेकर ठगी की घटना को अंजाम देता था। इसके साथ ही अपनी गैंग के सदस्यों के साथ मिलकर फर्जी नक्शा और फर्जी डॉक्यूमेंट तैयार करता था। पुलिस की जांच में अभी तक दो करोड़ 87 लाख रुपए से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। ऐसे में गैंगस्टर भू माफिया कृष्ण चंद्र राय के साथ ही उसकी पत्नी और बेटे पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में पीड़ित रुद्रांश राय ने शहर कोतवाली में शिकायती पत्र देकर मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। शहर कोतवाली पुलिस को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया गया कि उनके पूर्व परिचित कृष्णचन्द्र राय पुत्र सुखसागर राय निवासी ग्राम मोहम्मदपुर फेटी थाना बरदह जनपद आजमगढ़, जो जमीन खरीद-फरोख्त व दलाली का कार्य करता है। आरोपी के द्वारा मई 2023 में कोडर अजमतपुर स्थित भूमि को बेचने का प्रस्ताव दिया गया। कृष्णचन्द्र राय द्वारा बार-बार संपर्क कर वादी को जमीन खरीदने के लिए प्रेरित किया गया तथा कथित जमीन मालिकों से मुलाकात कराकर यह विश्वास दिलाया गया कि जमीन का एग्रीमेंट कर दिया जायेगा तथा भुगतान किस्तों में लिया जायेगा। इसके पश्चात अभियुक्त कृष्णचन्द्र राय, उसकी पत्नी रेनू राय, पुत्र संगम राय तथा गैंग के अन्य सदस्यों द्वारा वादी को कोडर अजमतपुर स्थित लगभग 10 बिस्वा भूमि दिखाई गयी, जिसकी चारों तरफ बाउंड्रीवाल बनी हुई थी। अभियुक्तों द्वारा उक्त भूमि को विवाद-मुक्त बताते हुए 10 लाख रुपये प्रति बिस्वा के हिसाब से सौदा तय किया गया तथा पैसों की तत्काल आवश्यकता बताकर वादी से कुल 33,30,000 रुपये (तैंतीस लाख तीस हजार रुपये) विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से अग्रिम धनराशि प्राप्त कर ली गयी। दिनांक 4.9.2023 को कुछ व्यक्तियों द्वारा आंशिक रूप से जमीन का एग्रीमेंट किया गया, किन्तु शेष कथित जमीन मालिकों द्वारा न तो एग्रीमेंट किया गया और न ही जमीन पर कब्जा दिया गया। बार-बार टालमटोल करने पर हुआ संदेह
इस मामले में बार-बार टालमटोल करने पर वादी को संदेह हुआ तथा स्थानीय स्तर पर जानकारी करने पर पता चला कि दिखाई गयी अधिकांश भूमि बंजर भूमि है तथा कई गाटा संख्या उस स्थान से संबंधित ही नहीं हैं। अभियुक्तों द्वारा वादी को विश्वास में लेने के लिए राजस्व अभिलेखों का कूटरचित नक्शा-नजरी तैयार कर उस पर राजस्व निरीक्षक व तहसीलदार की फर्जी मुहर व हस्ताक्षर अंकित कर प्रस्तुत किया गया, तथा उसी के आधार पर एग्रीमेंट तैयार कराया गया। जब पीड़ित द्वारा 21.2.2026 को अपना पैसा वापस मांगा गया तो अभियुक्तों द्वारा गाली-गलौज करते हुए जान से मारने तथा झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी दी गयी। प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली पर मुअसं 92/2026 धारा 319(2), 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2), 352, 351(3), 111(7) बीएनएस बनाम— 1. कृष्णचन्द्र राय पुत्र सुखसागर राय 2. रेनू राय पत्नी कृष्णचन्द्र राय 3. संगम राय पुत्र कृष्णचन्द्र राय निवासीगण ग्राम मोहम्मदपुर फेटी थाना बरदह जनपद आजमगढ़ व अन्य सहयोगियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया। शातिर अपराधी है कृष्ण चंद्र
मामले में मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस की विवेचना में यह बात सामने आई की अभियुक्त कृष्णचन्द्र राय उपरोक्त एक शातिर किस्म का अपराधी है। जो अपने सहयोगियों के साथ मिलकर संगठित रूप से धोखाधड़ी, कूटरचना एवं जमीन से संबंधित अवैध गतिविधियों को अंजाम देता रहा है। उक्त आपराधिक गतिविधियों को दृष्टिगत रखते हुए अभियुक्त कृष्णचन्द्र राय व उसके सहयोगियों के विरुद्ध गैंग चार्ट अनुमोदित करते हुए गैंग पंजीकृत किया गया है।
उक्त गैंग का गैंग लीडर – कृष्णचन्द्र राय पुत्र सुखसागर राय निवासी ग्राम मोहम्मदपुर फेटी थाना बरदह जनपद आजमगढ़ है। इस गैंग के अन्य सक्रिय सदस्य रेनू राय पत्नी कृष्णचन्द्र राय, संगम राय पुत्र कृष्णचन्द्र राय व अन्य सदस्य उक्त गैंग के सदस्य संगठित रूप से लोगों को झांसे में लेकर जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर आर्थिक लाभ अर्जित करने जैसे आपराधिक कृत्यों में संलिप्त रहे हैं। जिनके विरुद्ध विधिक कार्यवाही की जा रही है। प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए थाना कोतवाली पुलिस द्वारा मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना प्रारम्भ की गयी तथा अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु टीम गठित कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी गयी। इसी क्रम में मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम द्वारा थाना बरदह का गैंगेस्टर, हिस्ट्रीशीटर (HS 15B), भूमाफिया अभियुक्त कृष्णचन्द्र राय पुत्र सुखसागर राय निवासी ग्राम मोहम्मदपुर फेटी थाना बरदह जनपद आजमगढ़ को उसके घर अजमतपुर कोडर क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। ठगी करने का पुराना आरोपी है कृष्ण चंद्र
पूछताछ के दौरान अभियुक्त द्वारा अपने सहयोगियों के साथ मिलकर जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर कूटरचित नक्शा-नजरी एवं अन्य फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की गयी। अभियुक्त ने बताया कि वह अपने परिजनों व अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर जमीन का फर्जी एग्रीमेंट तैयार कर लोगों से बड़ी धनराशि प्राप्त कर लेते थे तथा बाद में टालमटोल करते हुए पैसा हड़प लेते थे। पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही करते हुए अभियुक्त को नियमानुसार गिरफ्तार कर अग्रिम आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। प्रकरण में नामित अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु प्रयास किये जा रहे हैं।
अभियुक्त कृष्णचन्द्र राय उपरोक्त पूर्व से ही जालसाजी, कूटरचना व धोखाधड़ी के माध्यम से लोगों को झांसे में लेकर भारी धनराशि की ठगी करने का अभ्यस्त अपराधी है। इसके द्वारा पूर्व में भी कई व्यक्तियों से करोड़ों रुपये की ठगी किये जाने के आरोप हैं, जिसके सम्बन्ध में जनपद के विभिन्न थानों पर इसके विरुद्ध दर्जनों अभियोग पंजीकृत हैं। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाली प्रभारी यादवेंद्र पाण्डेय, इंस्पेक्टर अपराध रफी आलम, स्वाट टीम के प्रभारी संजय सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे।


