उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने बुधवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई में पीड़ित महिलाओं की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, राजस्व, पुलिस, अवैध कब्जा, साइबर क्राइम समेत विभिन्न प्रकार की लगभग 50 शिकायतें सामने आईं। कुछ मामलों का मौके पर ही समाधान कराया गया, जबकि शेष प्रकरणों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया। जनसुनवाई के दौरान रचना कुमारी, निवासी लाला की सराय, थाना शिवकुटी ने मोहल्ले के हिस्ट्रीशीटर पप्पू उर्फ उदय पासी और उनके परिवार पर प्रताड़ना का आरोप लगाया। इस पर आयोग की सदस्य ने संबंधित थानाध्यक्ष को मामले की जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार शर्मिला, निवासी चाका गोसाई का तालाब, थाना नैनी ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत की। इस मामले में दोनों पक्षों को 19 मार्च 2026 को आयोग के लखनऊ कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। वहीं कल्लो देवी, निवासी बालूमंडी करैलाबाग ने अपनी भूमिधरी जमीन पर जबरन मिट्टी डालकर अतिक्रमण किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर संबंधित थाने को तत्काल कार्रवाई कर आयोग को अवगत कराने के निर्देश दिए गए। मन्नो बानो, निवासी करेली ने ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना और गाली-गलौज का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। इस मामले में भी थानाध्यक्ष करेली को जांच कर एक सप्ताह में आख्या प्रस्तुत करने को कहा गया। इसके अलावा राखी जायसवाल, निवासी पुराना कटरा ने अपने मकान में किराये पर दी गई दुकान खाली कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इस पर सदस्य ने पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान सदस्य ने पिछली बैठकों के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों से निस्तारित और लंबित प्रकरणों की सूची उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही महिलाओं से जुड़ी सरकारी योजनाओं और सहायता राशि के वितरण की प्रगति की जानकारी भी मांगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि थानों में आने वाली महिलाओं की शिकायतों को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना जाए और छोटे मामलों का निस्तारण थाने स्तर पर ही किया जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं को अनावश्यक रूप से अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि महिला जनसुनवाई में आने वाले मामलों की मॉनिटरिंग आयोग स्तर पर नियमित रूप से की जाती है, इसलिए किसी भी मामले को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। इस अवसर पर अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम दिग्विजय सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इससे पूर्व आयोग की सदस्य ने जिला कारागार के बंदी गृह का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।


