कोटा ग्रामीण के मोड़क थाना क्षेत्र में शहर और ग्रामीण पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आदिल मिर्जा को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। पिछले दो दिनों से शहर और ग्रामीण पुलिस की टीमें अलग-अलग इलाकों में लगातार दबिश दे रही थीं। मोड़क इलाके में आदिल मिर्जा के छिपे होने की पुख्ता सूचना मिलने पर ग्रामीण पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि जैसे ही पुलिस ने इलाके को चारों ओर से घेरकर आदिल मिर्जा को सरेंडर करने के लिए कहा, उसने एक बार फिर पुलिस पर कई राउंड फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें आदिल मिर्जा के पैर में गोली लग गई और वह मौके पर ही घायल हो गया। कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि आदिल मिर्जा की सूचना पर ग्रामीण क्षेत्र की सांगोद थाना पुलिस और मोड़क पुलिस ने संयुक्त रूप से ऑपरेशन चलाया था। पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर लिया था, लेकिन उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में वह घायल हो गया, जिसके बाद उसे पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। साथ ही उसके फरार साथियों की तलाश तेज कर दी गई है और यह भी जांच की जा रही है कि फरारी के दौरान किस-किस ने उसे शरण दी। गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार रात सांगोद इलाके में भी आदिल मिर्जा को पकड़ने गई पुलिस टीम पर उसने फायरिंग की थी और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया था। केथूनिपोल थाना क्षेत्र में हुई एक पुरानी गोलीबारी की घटना के बाद से वह फरार चल रहा था। आदिल मिर्जा पर लूट, डकैती, अपहरण और हत्या सहित करीब 32 संगीन मुकदमे दर्ज हैं।


