लखनऊ में शनिवार को जनेश्वर मिश्र पार्क के गेट नंबर 6 स्थित रोज़ गार्डन में रोज़ फेस्टिवल का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर प्रकृति, कला और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। लखनऊ विकास प्राधिकरण के सचिव विवेक श्रीवास्तव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इसका लोकार्पण किया। यह आयोजन शहर के नव विकसित 15 एकड़ के रोज़ गार्डन के लोकार्पण का भी ऐतिहासिक क्षण था। यह नवनिर्मित रोज़ गार्डन अब देश का दूसरा सबसे बड़ा रोज़ गार्डन माना जा रहा है। इसमें बड़ी संख्या में गुलाब के पौधे लगाए गए हैं। इन पौधों को ‘रेनबो थीम’ के तहत सजाया गया है, जो प्रकृति की विविधता और सुंदरता को दर्शाता है। आगंतुकों ने रंग-बिरंगे गुलाबों के बीच तस्वीरें लीं और परिवार के साथ समय बिताया। मुख्य संदेश ‘लव फॉर द एनवायरनमेंट’ रहा इस फेस्टिवल का आयोजन रेपर्टवा फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश ‘लव फॉर द एनवायरनमेंट’ रहा। ‘अवेयरनेस टू एक्शन’ गैलरी में इमर्सिव इंस्टॉलेशन के माध्यम से वृक्षों के महत्व, जैव विविधता और शहरी हरियाली के प्रति जागरूकता फैलाई गई। मियावाकी पद्धति का लाइव प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र रहा, जिसमें तेजी से घने वन विकसित करने की तकनीक का प्रदर्शन किया गया।फिल्म निर्माता रूडी सिंह द्वारा क्यूरेट किए गए संवाद सत्रों में विशेषज्ञों ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। पहले सत्र में डॉ. वी. रामकांथा, रामवीर तनवर और तनिषा मुखर्जी ने वन और जल संरक्षण पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कलाकार राहगीर ने ‘कच्चा घड़ा’ और ‘मेरे गांव में’ जैसे गीतों से दर्शकों को मनमोह लिया दूसरे सत्र में अमित सियाल सहित अन्य वक्ताओं ने युवाओं से जलवायु परिवर्तन के खिलाफ सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।शाम को लोक कलाकार राहगीर ने ‘कच्चा घड़ा’ और ‘मेरे गांव में’ जैसे गीतों से दर्शकों को मनमोह लिया। इसके बाद पॉप-रॉक बैंड नालायक की प्रस्तुति ने माहौल में ऊर्जा भर दी।फेस्टिवल में पॉप-अप मार्केट, वर्कशॉप, कविता पाठ और कहानी सत्र भी आयोजित किए गए। ‘ब्रीथ फार्मिंग’ पहल के तहत पौधों का वितरण कर लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रेरित किया गया।


