शराबबंदी से सालाना 30 हजार करोड़ घाटा, पर निर्णय ऐतिहासिक : सम्राट

शराबबंदी से सालाना 30 हजार करोड़ घाटा, पर निर्णय ऐतिहासिक : सम्राट

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि शराबबंदी से बिहार को हर साल करीब 28 से 30 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीवन का सबसे ऐतिहासिक निर्णय है उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने करीब 50 साल तक बिहार को समय दिया है। अब वह बिहार से बाहर जा रहे हैं। यह बिहार के लोगों के लिए चिंता का विषय है, जो स्वाभाविक है। सम्राट ने कहा कि बिहार के लोग निश्चिंत रहें। नीतीश कुमार की देखरेख में राज्य का विकास आगे भी जारी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार का सपना जरूर पूरा होगा। पटना में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के बिहार चैप्टर की वार्षिक बैठक में शनिवार को उन्होंने निवेशकों को बिहार आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि बिहार अब बदल चुका है। पहले का बिहार और आज का बिहार अलग है। एक समय था जब राज्य में किडनैपिंग उद्योग चल रहा था। लोग पैसा कमाने के लिए अपहरण करते थे। सुशासन की सरकार ने उस उद्योग को पूरी तरह बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य में चार नए हवाई अड्डे बनाए जा रहे हैं। … शराबबंदी से कई परिवारों की स्थिति सुधरी शराबबंदी पर सख्ती भी… जनवरी से नवंबर 2025 : बड़ी कार्रवाई के आंकड़े 33.30 लाख ली. शराब जब्त
मद्य निषेध इकाई ने जनवरी से नवंबर 2025 के बीच पूरे बिहार में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। इस दौरान कुल 33 लाख 30 हजार 727 लीटर देसी और विदेशी शराब जब्त की गई। इसमें 16 लाख 79 हजार 703 लीटर देसी और 16 लाख 5 हजार 24 लीटर विदेशी शराब शामिल है। औसतन हर महीने करीब 3 लाख 2 हजार 793 लीटर शराब पकड़ी गई। शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाए जा रहे हैं। 169 ट्रक-कंटेनर जब्त
शराब तस्करी पर रोक के लिए बिहार पुलिस और मद्य निषेध इकाई ने वाहनों पर भी बड़ी कार्रवाई की है। नवंबर 2025 तक शराब से लदे 169 ट्रक और कंटेनर पकड़े गए। इसके अलावा 474 छोटी गाड़ियां और बाइक भी जब्त की गईं। अधिकतर मामले सीमावर्ती इलाकों से जुड़े हैं। बिहार की सीमाएं झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से लगती हैं। इन राज्यों में शराबबंदी नहीं होने के कारण वहां से शराब लाने की कोशिशें होती रहती हैं। सीमा पर लगातार निगरानी है। 48,955 तस्कर गिरफ्तार
राज्य के सभी जिलों में एंटी लीकर टास्क फोर्स ने लगातार अभियान चलाया। इस दौरान 16 लाख 16 हजार 920 लीटर शराब बरामद की गई। साथ ही 48,955 तस्करों, सप्लायरों और शराब के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया गया। तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने राज्य से बाहर भी कार्रवाई की। बिहार पुलिस ने अन्य राज्यों में 36 ऑपरेशन चलाए। इन अभियानों में 2 लाख 15 हजार 237 लीटर शराब जब्त की गई। निवेशकों से बोले- बिहार अब बदल चुका
सम्राट चौधरी ने निवेशकों से कहा कि बिहार अब तेजी से बदल रहा है। राज्य में उद्योग और निवेश के लिए माहौल बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले बिहार की पहचान अपराध और अपहरण से जुड़ी थी। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है। सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने निवेशकों से बिहार में निवेश करने का आग्रह किया। चार नए हवाई अड्डे बनाए जा रहे
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार में चार नए हवाई अड्डों का निर्माण किया जा रहा है। इससे राज्य की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। निवेशकों और उद्योगों को भी फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क से उद्योगों को बढ़ावा मिलता है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि शराबबंदी से बिहार को हर साल करीब 28 से 30 हजार करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जीवन का सबसे ऐतिहासिक निर्णय है उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने करीब 50 साल तक बिहार को समय दिया है। अब वह बिहार से बाहर जा रहे हैं। यह बिहार के लोगों के लिए चिंता का विषय है, जो स्वाभाविक है। सम्राट ने कहा कि बिहार के लोग निश्चिंत रहें। नीतीश कुमार की देखरेख में राज्य का विकास आगे भी जारी रहेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार का सपना जरूर पूरा होगा। पटना में भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के बिहार चैप्टर की वार्षिक बैठक में शनिवार को उन्होंने निवेशकों को बिहार आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि बिहार अब बदल चुका है। पहले का बिहार और आज का बिहार अलग है। एक समय था जब राज्य में किडनैपिंग उद्योग चल रहा था। लोग पैसा कमाने के लिए अपहरण करते थे। सुशासन की सरकार ने उस उद्योग को पूरी तरह बंद कर दिया है। उन्होंने बताया कि उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य में चार नए हवाई अड्डे बनाए जा रहे हैं। … शराबबंदी से कई परिवारों की स्थिति सुधरी शराबबंदी पर सख्ती भी… जनवरी से नवंबर 2025 : बड़ी कार्रवाई के आंकड़े 33.30 लाख ली. शराब जब्त
मद्य निषेध इकाई ने जनवरी से नवंबर 2025 के बीच पूरे बिहार में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की। इस दौरान कुल 33 लाख 30 हजार 727 लीटर देसी और विदेशी शराब जब्त की गई। इसमें 16 लाख 79 हजार 703 लीटर देसी और 16 लाख 5 हजार 24 लीटर विदेशी शराब शामिल है। औसतन हर महीने करीब 3 लाख 2 हजार 793 लीटर शराब पकड़ी गई। शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए लगातार छापेमारी अभियान चलाए जा रहे हैं। 169 ट्रक-कंटेनर जब्त
शराब तस्करी पर रोक के लिए बिहार पुलिस और मद्य निषेध इकाई ने वाहनों पर भी बड़ी कार्रवाई की है। नवंबर 2025 तक शराब से लदे 169 ट्रक और कंटेनर पकड़े गए। इसके अलावा 474 छोटी गाड़ियां और बाइक भी जब्त की गईं। अधिकतर मामले सीमावर्ती इलाकों से जुड़े हैं। बिहार की सीमाएं झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल से लगती हैं। इन राज्यों में शराबबंदी नहीं होने के कारण वहां से शराब लाने की कोशिशें होती रहती हैं। सीमा पर लगातार निगरानी है। 48,955 तस्कर गिरफ्तार
राज्य के सभी जिलों में एंटी लीकर टास्क फोर्स ने लगातार अभियान चलाया। इस दौरान 16 लाख 16 हजार 920 लीटर शराब बरामद की गई। साथ ही 48,955 तस्करों, सप्लायरों और शराब के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया गया। तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस ने राज्य से बाहर भी कार्रवाई की। बिहार पुलिस ने अन्य राज्यों में 36 ऑपरेशन चलाए। इन अभियानों में 2 लाख 15 हजार 237 लीटर शराब जब्त की गई। निवेशकों से बोले- बिहार अब बदल चुका
सम्राट चौधरी ने निवेशकों से कहा कि बिहार अब तेजी से बदल रहा है। राज्य में उद्योग और निवेश के लिए माहौल बेहतर हुआ है। उन्होंने कहा कि पहले बिहार की पहचान अपराध और अपहरण से जुड़ी थी। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है। कानून व्यवस्था में सुधार हुआ है। सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने निवेशकों से बिहार में निवेश करने का आग्रह किया। चार नए हवाई अड्डे बनाए जा रहे
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार में चार नए हवाई अड्डों का निर्माण किया जा रहा है। इससे राज्य की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। निवेशकों और उद्योगों को भी फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क, रेल और हवाई संपर्क से उद्योगों को बढ़ावा मिलता है।  

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