मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना ने Still Alive वीडियो के साथ जबरदस्त वापसी की है। डेढ़ घंटे के इस वीडियो में उन्होंने 2025 में India’s Got Latent शो से जुड़े विवादों और अपनी मानसिक सेहत पर खुलकर बात की। समय ने बताया कि उस कठिन दौर में वे साइकोसिस जैसी गंभीर स्थिति से गुजर रहे थे, जहां उन्हें सच और कल्पना के बीच का अंतर समझ नहीं आ रहा था। बाहर से करोड़ों की फैन फॉलोइंग होने के बावजूद, वे अंदर से गहरी चिंता और पैनिक अटैक से लड़ रहे थे।
इस मुश्किल समय में समय के पिता उनकी सबसे बड़ी ताकत बने। समय ने भावुक होकर बताया कि जहां उनकी मां विवादों से डरी हुई थीं, वहीं उनके पिता कश्मीरी पंडित होने के नाते 1990 के विस्थापन का दर्द झेल चुके थे, इसलिए वे इस स्थिति में भी शांत थे। वे फैमिली ग्रुप में मीम्स भेजकर माहौल हल्का रखते थे। समय ने कहा, ‘मैंने अपने पिता को कभी टूटते नहीं देखा, उनकी इसी हिम्मत ने मुझे लड़ने की ताकत दी।’
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समय ने वह पल भी याद किया जब उन्होंने अपनी मां का वीडियो कॉल उठाया और उन्हें डर से कांपते देखा। मां रोते हुए पूछ रही थीं, ‘बेटा क्या हुआ?’ यह देखकर समय को बहुत पछतावा हुआ। दूसरी तरफ उनके पिता थे, जिन्होंने जेल जाने की धमकियों के बीच भी अपनी भावनाएं जाहिर नहीं कीं और बस खामोश रहे।
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समय ने मर्द होने की पुरानी सोच और भारतीय पिताओं की खामोशी पर भी गहरी बात की। उन्होंने कहा कि जो पुरुष अपनी भावनाओं को दबाते हैं, वे अक्सर अपने परिवार से भावनात्मक रूप से दूर हो जाते हैं। समय के अनुसार, ‘आपके पिता आपसे उतना ही प्यार करते हैं जितना मां, बस उन्हें जताना नहीं आता।’ उन्होंने युवाओं को चेतावनी दी कि भावनाओं को दबाकर मर्द बनने का रास्ता आपको अंदर से अधूरा बना देता है। एंड्रयू टेट जैसे लोगों की टॉक्सिक मर्दानगी वाली दुनिया में, समय ने यह संदेश दिया कि अपनी भावनाओं को जाहिर करना और अपनों के सामने रोना कमजोरी नहीं, बल्कि असली ताकत है।


