हिरण्यकश्यप भी माफिया सरीखा ही था…नरसिंह अवतार लेकर प्रभु ने वध कर समाज को दी नई दिशा : मुख्यमंत्री योगी

हिरण्यकश्यप भी माफिया सरीखा ही था…नरसिंह अवतार लेकर प्रभु ने वध कर समाज को दी नई दिशा : मुख्यमंत्री योगी

सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर पहुंचे यहां पांडेयहाता में होने वाले होलिका दहन उत्सव में शामिल हुए, उनके पहुंचने पर लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए। पांडेयहाता में होने वाले कार्यक्रम में योगी का सवा क्विंटल फूलों की पंखुड़ियों से स्वागत किया गया। सीएम के रास्ते में गुलाब की पंखुड़ियां बिछाई गईं। सीएम योगी ने भक्त प्रह्लाद और होलिका की आरती उतारी, और प्रदेशवासियों को शुभकामना दी।

अश्लील गाने समाज को पतन की ओर ले जाते हैं

सीएम योगी ने कहा कि होली पर्व के अवसर पर हम होलिका दहन के साथ अहंकार, नकारात्मकता, भ्रष्टाचार को जलाएं। होलिका दहन किसी के प्रतिष्ठान के सामने, घर के सामने नहीं होना चाहिए। उत्साह का आनद तभी होता है, जब हर व्यक्ति बिना किसी भय के आनंद ले सके।

होली के गाने गाएं, अग्नि की पूजा करें, अश्लील गाने न हों। जब भी किसी गाने में अश्लीलता होती है, तो वह पतन की ओर के जाता है। देर रात से चंद्र ग्रहण लग रहा है इसलिए होली 4 मार्च को होगी। केवल रंग का प्रयोग करें, जबरन किसी पर न डालें।

माफिया भी हिरण्यकश्यप की तरह ही हैं, वे भी लातों के भूत है

सीएम योगी ने कहा कि उस समय हिरण्यकश्यप माफिया व आतंकवाद के रूप में रह होगा। भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार ने उसका वध किया था। उस समय के समाज को सही दिशा दी थी। माफियागिरी जब भी होगी वे सभी हिरण्यकश्यप की तरह हैं। वे प्यार से नहीं मानेंगे क्योंकि लातों के भूत बातों से नहीं मानते।

पिछली सरकारों में त्योहारों पर लगते थे कर्फ्यू

पिछली सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए सीएम ने कहा कि 2014 के पहले ये उत्सव नहीं मनाए जा सकते थे। प्रदेश में त्योहार के पहले कर्फ्यू लगता था। अब पूरे प्रदेश में उत्सव है। बरसाना में 10 लाख लोग आए थे। वहां सरकार केवल व्यवस्था देते हैं लोग खुद आते हैं। उन्होंने कहां की त्योहारों में सभी भेदभाव सब लोग मिलकर होली का आनंद ले रहे हैं।

पूरे प्रदेश वासियों को होली की हार्दिक बधाई दी

सीएम योगी ने कहा कि आज देर रात होलिका दहन का कार्यक्रम सम्पन्न होगा। शोभायात्रा पर पूरे प्रदेश वासियों को होली की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। अव्यवस्था से व्यवस्था, अराजकता से अनुशासन, अधर्म से धर्म व असत्य से सत्य की यात्रा होती है, तो हम उत्सव की शोभायात्रा के गवाह बनते हैं।

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