अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद (AHP) और राष्ट्रीय बजरंग दल के संस्थापक अध्यक्ष ने मंगलवार को बेगूसराय में आयोजित जनसभा में हिंदू संगठन, जनसंख्या नियंत्रण और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। बरौनी प्रखंड के पिपरा देवस स्थित भरथो भारत उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित हिंदू रक्षा निधि कार्यक्रम में उन्होंने हिंदू समाज से एकजुट होने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त की और नया नारा देते हुए कहा कि तीन बच्चे हिंदू अच्छे। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को अपनी जनसंख्या बढ़ाने के प्रति जागरूक होना होगा, तभी देश में हिंदू समाज मजबूत स्थिति में रह सकेगा। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाए रखने के लिए हिंदुओं की संख्या बढ़ाना जरूरी है। तीन बच्चों वाले परिवारों को सहायता की घोषणा तोगड़िया ने घोषणा की कि यदि आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू परिवार तीन बच्चे पैदा करते हैं, तो संगठन उनके तीसरे बच्चे की शिक्षा और स्वास्थ्य का खर्च उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को सम्मानित भी किया जाएगा। उनके अनुसार यह पहल हिंदू समाज की जनसंख्या और सामाजिक मजबूती दोनों के लिए जरूरी है। जनसंख्या नियंत्रण कानून की वकालत तोगड़िया ने देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों में पहले से चार या पांच बच्चे हैं, उनके लिए कड़े नियम बनाए जाने चाहिए। यदि ऐसे परिवारों में एक वर्ष के बाद नया बच्चा पैदा होता है, तो उस परिवार को मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं बंद कर दी जानी चाहिए। साथ ही ऐसे लोगों के वोट देने के अधिकार को भी समाप्त करने की बात कही। हर गांव में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आह्वान धार्मिक एकजुटता पर जोर देते हुए तोगड़िया ने मंगल-शनि अभियान की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जैसे अन्य समुदाय शुक्रवार को नमाज पढ़ते हैं, उसी तरह हिंदू समाज को प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। लोगों से सवाल करते हुए कहा कि क्या वे हर सप्ताह यह क्रम शुरू करने का संकल्प लेते हैं। उन्होंने कहा कि गांव और मोहल्लों में हनुमान चालीसा केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां नियमित रूप से सामूहिक पाठ कराया जाएगा। तोगड़िया ने कहा कि इससे हिंदुओं में धार्मिक जागरूकता बढ़ेगी और आपसी मतभेद व मनभेद खत्म होंगे। इन केंद्रों पर बच्चों की प्रतिभा को निखारने और लोगों को स्वास्थ्य व सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा। घुसपैठ और सुरक्षा का मुद्दा उठाया तोगड़िया ने देश में कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों बांग्लादेशी घुसपैठियों की मौजूदगी गंभीर चिंता का विषय है और सरकार को इस पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। हिंदुओं की सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा, जिससे समाज को रोजगार और विकास के अधिक अवसर मिल सकें। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा तोगड़िया ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि वहां की सरकार हिंदुओं की सुरक्षा नहीं कर सकती, तो भारत को बांग्लादेश को जाने वाले चावल, नमक और गंगा-ब्रह्मपुत्र के पानी की आपूर्ति पर पुनर्विचार करना चाहिए। जब तक बड़ी संख्या में हिंदू समाज अपनी आवाज नहीं उठाएगा, तब तक वैश्विक स्तर पर हिंदुओं के सम्मान और सुरक्षा की गारंटी नहीं मिल पाएगी। जातिगत भेदभाव खत्म करने की अपील तोगड़िया ने हिंदू समाज के भीतर जातिगत भेदभाव खत्म करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि चाहे कोई ठाकुर हो, यादव हो या कुर्मी, सबसे पहले सभी हिंदू हैं और समाज की एकता ही सबसे बड़ी ताकत है। संगठन सस्ती शिक्षा, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति, रोगमुक्ति अभियान, किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने और महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने जैसे कार्यक्रम भी चला रहा है। गरीब हिंदू परिवारों के लिए राशन व्यवस्था और सामाजिक सहयोग के दस प्रमुख कार्यक्रमों को प्राथमिकता से संचालित करने की भी बात कही।उन्होंने कहा कि देश में हिंदू समाज को संगठित करना और उसकी सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक मजबूती सुनिश्चित करना ही संगठन का मुख्य उद्देश्य है। राम मंदिर आंदोलन की शुरुआत उन्होंने सवा रुपये के चंदे से की थी, जो अब करोड़ों हिंदुओं की आस्था और सहभागिता का प्रतीक बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद (AHP) और राष्ट्रीय बजरंग दल के संस्थापक अध्यक्ष ने मंगलवार को बेगूसराय में आयोजित जनसभा में हिंदू संगठन, जनसंख्या नियंत्रण और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। बरौनी प्रखंड के पिपरा देवस स्थित भरथो भारत उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित हिंदू रक्षा निधि कार्यक्रम में उन्होंने हिंदू समाज से एकजुट होने और संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। सभा को संबोधित करते हुए डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया ने हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त की और नया नारा देते हुए कहा कि तीन बच्चे हिंदू अच्छे। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को अपनी जनसंख्या बढ़ाने के प्रति जागरूक होना होगा, तभी देश में हिंदू समाज मजबूत स्थिति में रह सकेगा। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाए रखने के लिए हिंदुओं की संख्या बढ़ाना जरूरी है। तीन बच्चों वाले परिवारों को सहायता की घोषणा तोगड़िया ने घोषणा की कि यदि आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू परिवार तीन बच्चे पैदा करते हैं, तो संगठन उनके तीसरे बच्चे की शिक्षा और स्वास्थ्य का खर्च उठाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि ऐसे परिवारों को सम्मानित भी किया जाएगा। उनके अनुसार यह पहल हिंदू समाज की जनसंख्या और सामाजिक मजबूती दोनों के लिए जरूरी है। जनसंख्या नियंत्रण कानून की वकालत तोगड़िया ने देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों में पहले से चार या पांच बच्चे हैं, उनके लिए कड़े नियम बनाए जाने चाहिए। यदि ऐसे परिवारों में एक वर्ष के बाद नया बच्चा पैदा होता है, तो उस परिवार को मिलने वाली सभी सरकारी सुविधाएं बंद कर दी जानी चाहिए। साथ ही ऐसे लोगों के वोट देने के अधिकार को भी समाप्त करने की बात कही। हर गांव में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आह्वान धार्मिक एकजुटता पर जोर देते हुए तोगड़िया ने मंगल-शनि अभियान की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जैसे अन्य समुदाय शुक्रवार को नमाज पढ़ते हैं, उसी तरह हिंदू समाज को प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। लोगों से सवाल करते हुए कहा कि क्या वे हर सप्ताह यह क्रम शुरू करने का संकल्प लेते हैं। उन्होंने कहा कि गांव और मोहल्लों में हनुमान चालीसा केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां नियमित रूप से सामूहिक पाठ कराया जाएगा। तोगड़िया ने कहा कि इससे हिंदुओं में धार्मिक जागरूकता बढ़ेगी और आपसी मतभेद व मनभेद खत्म होंगे। इन केंद्रों पर बच्चों की प्रतिभा को निखारने और लोगों को स्वास्थ्य व सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने का भी प्रयास किया जाएगा। घुसपैठ और सुरक्षा का मुद्दा उठाया तोगड़िया ने देश में कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों बांग्लादेशी घुसपैठियों की मौजूदगी गंभीर चिंता का विषय है और सरकार को इस पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। हिंदुओं की सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा, जिससे समाज को रोजगार और विकास के अधिक अवसर मिल सकें। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का मुद्दा तोगड़िया ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि वहां की सरकार हिंदुओं की सुरक्षा नहीं कर सकती, तो भारत को बांग्लादेश को जाने वाले चावल, नमक और गंगा-ब्रह्मपुत्र के पानी की आपूर्ति पर पुनर्विचार करना चाहिए। जब तक बड़ी संख्या में हिंदू समाज अपनी आवाज नहीं उठाएगा, तब तक वैश्विक स्तर पर हिंदुओं के सम्मान और सुरक्षा की गारंटी नहीं मिल पाएगी। जातिगत भेदभाव खत्म करने की अपील तोगड़िया ने हिंदू समाज के भीतर जातिगत भेदभाव खत्म करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि चाहे कोई ठाकुर हो, यादव हो या कुर्मी, सबसे पहले सभी हिंदू हैं और समाज की एकता ही सबसे बड़ी ताकत है। संगठन सस्ती शिक्षा, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति, रोगमुक्ति अभियान, किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने और महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण देने जैसे कार्यक्रम भी चला रहा है। गरीब हिंदू परिवारों के लिए राशन व्यवस्था और सामाजिक सहयोग के दस प्रमुख कार्यक्रमों को प्राथमिकता से संचालित करने की भी बात कही।उन्होंने कहा कि देश में हिंदू समाज को संगठित करना और उसकी सामाजिक, आर्थिक व सांस्कृतिक मजबूती सुनिश्चित करना ही संगठन का मुख्य उद्देश्य है। राम मंदिर आंदोलन की शुरुआत उन्होंने सवा रुपये के चंदे से की थी, जो अब करोड़ों हिंदुओं की आस्था और सहभागिता का प्रतीक बन चुका है।


