मुरादाबाद में इंजीनियर युवती हिमशिखा की उसके भाई हार्दिक द्वारा चाकू से गोदकर हत्या किए जाने के मामले में परिवार की ओर से नए खुलासे सामने आए हैं। घटना के बाद उनके मामा दीपू शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ समय से हार्दिक का व्यवहार काफी बदला हुआ लग रहा था। वह मोबाइल पर असामान्य रूप से ज्यादा समय बिताता था। दीपू शर्मा ने बताया कि 22 फरवरी को हार्दिक और हिमशिखा अपनी ननिहाल बदायूं के जोगीपुरा मोहल्ले में आए थे। हिमशिखा अपनी एक सहेली की शादी में शामिल होने के लिए वहां पहुंची थी। दोनों भाई-बहन दो दिन तक ननिहाल में ही ठहरे थे। रात में घर से निकल जाता था बाहर मामा के मुताबिक इस दौरान हार्दिक का व्यवहार सामान्य नहीं था। वह अधिकतर समय मोबाइल फोन पर बिताता था। देर रात तक किसी से बात करता रहता था। कभी वह छत पर चला जाता था तो कभी देर रात घर से बाहर निकल जाता था। उस समय परिवार को यह अंदाजा नहीं था कि वह अपनी बहन की हत्या जैसी साजिश रच रहा है। उन्होंने बताया कि बच्चों के पिता ने बचपन में ही परिवार को छोड़ दिया था। जिसके बाद उनकी मां नीलिमा ने ही दोनों भाई-बहन का पालन-पोषण किया। साल 2016-17 के दौरान दोनों ब्लूमिंगडेल स्कूल में पढ़ते थे और शहर में किराए के मकान में रहते थे। दोनों का स्वभाव काफी शांत व संकोची था दोनों के पूर्व क्लास टीचर ने भी बताया कि छात्र जीवन में हार्दिक और हिमशिखा पढ़ाई में औसत थे और उनका स्वभाव काफी शांत व संकोची था। वे अपनी दुनिया में ही रहते थे और अन्य छात्रों से कम बातचीत करते थे। पीटीएम में भी दोनों हमेशा साथ ही आते थे। गौरतलब है कि मुरादाबाद में हार्दिक ने अपनी बहन हिमशिखा पर चाकू से 84 बार हमला कर उसकी हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने अपनी मां नीलिमा को भी ऑफिस से सरप्राइज के बहाने बुलाकर उन पर हमला करने की कोशिश की, हालांकि वह बच निकलीं। पुलिस जांच में इस घटना के पीछे हार्दिक की एक मुस्लिम गर्लफ्रेंड का भी जिक्र सामने आया है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है। सब्जी काटने के चाकू से किया कत्ल हार्दिक ने सब्जी काटने वाले चाकू से बहन का कत्ल किया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने चाकू बरामद किया। बाद में उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस बीच बहन की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई। हिमशिखा के शरीर पर कुल 84 जख्म मिले। हार्ट, लीवर, किडनी और पसलियां सब छलनी हो चुके थे। गर्दन पर भी चाकू के 4 वार मिले हैं। यहां तक कि उसके हाथ-पैर, कंधे और चेहरे तक पर चाकू के घाव थे। हार्दिक ने अपनी सगी और जुड़वा बहन हिमशिखा को इस कदर बेरहमी और नृशसंता से कत्ल किया था कि पोस्टमॉर्टम करने वाली टीम भी हैरान थी। पोस्टमॉर्टम के बाद हिमशिखा की डेडबॉडी का अंतिम संस्कार उसके मामा दीपू ने किया। पुलिस ने बदायूं सूचना भिजवाकर रिश्तेदारों को बुलवाया था। मां के अस्पताल में भर्ती होने की वजह से वो अपनी बेटी को आखिरी बार देख भी नहीं पाई। गुड़गांव में रहते थे दोनों भाई-बहन, भाई ने छोड़ दी थी नौकरी हिमशिखा और हार्दिक, दोनों ही जुड़वा भाई-बहन थे। दोनों इंजीनियरिंग करने के बाद गुड़गांव की आईटी कंपनी में काम करते थे। हिमशिखा जॉब के साथ-साथ एमबीए भी कर रही थी। जबकि हार्दिक भी डेढ़ साल पहले तक एक कंपनी में काम करता था। इंस्टाग्राम पर गुड़गांव की लड़की से इश्क होने के बाद उसने नौकरी छोड़ दी थी और यू-ट्यूब पर कंटेंट अपलोड करने लगा था। बहन का मर्डर करके बोला था- मां घर चलो सरप्राइज देना है नीलिमा मुरादाबाद में ही दिल्ली रोड पर बीमा कंपनी के दफ्तर में बतौर असिस्टेंट मैनेजर काम करती हैं। शुक्रवार (6 मार्च) को घर में बहन की हत्या करने के बाद हार्दिक मां को बुलाने दफ्तर पहुंचा था। बोला- मम्मी घर चलो, आपको एक सरप्राइज देना है। वो कार से मां को लेकर घर पहुंचा। मां ने जैसे ही घर का गेट खोलकर देखा तो पूरे घर में खून फैला हुआ था। कमरे में बिस्तर पर खून से लथपथ बेटी हिमशिखा की डेडबॉडी थी। इस पर उनकी चीख निकल गई। इससे पहले कि नीलिमा संभल पातीं, हार्दिक ने उन पर भी चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए थे। ———————————- ये भी पढ़ें: ‘बहन समझाती थी- इश्क में पागल मत हो, करियर बना’:मुरादाबाद में जिसके लिए बहन को 84 चाकू मारे, वो सिर्फ ऑनलाइन मोहब्बत थी मुरादाबाद में इंजीनियर बहन को चाकू से 84 वार करके मौत के घाट उतारने वाला इंजीनियर भाई हार्दिक जेल में पहुंच गया है। पुलिस पूछताछ में वो बहकी-बहकी बातें करता रहा है। बोला- मेरी मुस्लिम प्रेमिका को उसके घर वाले टॉर्चर करते थे। मेरी वजह से उसकी जिंदगी बर्बाद हो गई। पढ़ें पूरी खबर…


