हिमाचल प्रदेश का पहला मलीय कीचड़ और सेप्टेज प्रबंधन (एफएसएसएम) सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट धर्मशाला के सकोह में बनकर लगभग तैयार हो गया है। इसका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और इसे मार्च के अंतिम पखवाड़े तक शुरू करने का लक्ष्य है। यह प्लांट नगर निगम धर्मशाला में शामिल किए गए आठ वार्डों के निवासियों को सेप्टिक टैंक खाली करवाने की व्यवस्थित सुविधा प्रदान करेगा। नगर निगम धर्मशाला के कई क्षेत्रों में अभी तक सीवरेज नेटवर्क नहीं पहुंच पाया है, जिसके कारण लोगों को सेप्टिक टैंक पर निर्भर रहना पड़ता है। इस समस्या के समाधान के लिए सकोह में एफएसएसएम तकनीक पर आधारित यह विशेष सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जा रहा है। प्लांट चालू होने के बाद, मर्ज किए गए क्षेत्रों के घरों से सेप्टिक टैंक का मल विशेष वाहनों द्वारा एकत्र कर सकोह लाया जाएगा, जहां इसका वैज्ञानिक तरीके से उपचार किया जाएगा। जल शक्ति विभाग को भेजा 136 करोड़ रुपए का प्रस्ताव धर्मशाला के नगर निगम बनने से पहले, नगर परिषद में आठ वार्ड थे जहां सीवरेज की सुविधा उपलब्ध थी। नगर निगम बनने के बाद वार्डों की संख्या बढ़कर 17 हो गई। इनमें वार्ड 9 और 12 से 17 तक के क्षेत्र नए जुड़े हैं, जहां अभी तक सीवरेज की व्यवस्था नहीं है। इन क्षेत्रों में स्थायी सीवरेज नेटवर्क स्थापित करने के लिए लगभग 136 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार कर शहरी विकास विभाग और जल शक्ति विभाग को भेजा गया है, लेकिन अभी तक इसके लिए धनराशि स्वीकृत नहीं हुई है। चार विशेष वाहनों की व्यवस्था जल शक्ति विभाग धर्मशाला के मुख्य अभियंता दीपक गर्ग ने बताया कि सकोह में बन रहे इस प्लांट के लिए स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लगभग 10 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। परियोजना में निर्माण कार्य के साथ-साथ अगले पांच वर्षों तक इसके रखरखाव का प्रावधान भी शामिल है। प्लांट के संचालन के बाद चार विशेष वाहनों की व्यवस्था की जाएगी, जो मर्ज किए गए क्षेत्रों के घरों से सेप्टिक टैंक का मल एकत्र कर ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाएंगे। यहां देखें फोटो…


