जयपुर में ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’, BJP MLA बालमुकुंद आचार्य और कांग्रेस MLA अमीन कागजी का बीच सड़क हंगामा, जानें क्या है वजह? 

जयपुर में ‘हाई वोल्टेज ड्रामा’, BJP MLA बालमुकुंद आचार्य और कांग्रेस MLA अमीन कागजी का बीच सड़क हंगामा, जानें क्या है वजह? 

राजस्थान की राजधानी जयपुर का परकोटा इलाका एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। संजय सर्किल के पास स्थित चांदपोल सब्जी मंडी की एक मजार पर छत बनाने की बात को लेकर शनिवार को भारी हंगामा हुआ। विवाद उस समय बढ़ गया जब हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य निर्माण कार्य रुकवाने मौके पर पहुँचे, जिसके तुरंत बाद किशनपोल विधायक अमीन कागजी भी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुँच गए। दोनों विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे इलाके में कुछ देर के लिए सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

निर्माण कार्य पर आपत्ति, MLA बालमुकुंदाचार्य का हस्तक्षेप

घटना की शुरुआत उस समय हुई जब मजार पर पक्की छत डालने का काम शुरू किया गया। स्थानीय स्तर पर विरोध की सूचना मिलते ही भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य मौके पर पहुँचे। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना उचित अनुमति और पुराने स्वरूप को बदलकर नया निर्माण किया जा रहा है।

विधायक ने मौके पर ही काम रुकवा दिया और प्रशासन से स्पष्टीकरण की मांग की। बालमुकुंदाचार्य का कहना था कि शहर के विरासत क्षेत्रों में किसी भी नए निर्माण के लिए सख्त नियमों का पालन होना चाहिए।

अमीन कागजी बोले, ‘क्षेत्र में करें नेतागिरी’

काम रुकने की खबर मिलते ही क्षेत्रीय विधायक अमीन कागजी भी मौके पर पहुँच गए। उन्होंने निर्माण कार्य से जुड़े कागजात और प्रशासन की कथित स्वीकृति दिखाते हुए बालमुकुंदाचार्य के हस्तक्षेप का विरोध किया।

कागजी ने कड़े शब्दों में कहा कि “बालमुकुंदाचार्य को अपने विधानसभा क्षेत्र (हवामहल) में ध्यान देना चाहिए, दूसरे के क्षेत्र में आकर माहौल खराब नहीं करना चाहिए।”

कागजी ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने क्षेत्र में कई मंदिरों का भी जीर्णोद्धार करवाया है और वे केवल विकास और मरम्मत कार्यों का समर्थन कर रहे हैं, जो कानूनी रूप से वैध है।

डीसीपी नॉर्थ ने संभाला मोर्चा

तनाव बढ़ता देख डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच बीच-बचाव किया और भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है और शांति कायम करने के लिए अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया है। प्रशासन अब निर्माण कार्य की वैध अनुमति की जांच कर रहा है।

जयपुर की ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ पर सवाल?

यह पहली बार नहीं है जब परकोटा क्षेत्र में किसी धार्मिक स्थल या अतिक्रमण को लेकर विवाद हुआ हो। पिछले कुछ समय से लाउडस्पीकर, मजारों के रखरखाव और मंदिरों के जीर्णोद्धार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हुई है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि राजनीति के चक्कर में जयपुर की पुरानी साझी संस्कृति और शांति भंग हो रही है।

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