काजोल के पर्सनालिटी राइट्स पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, अब बिना इजाजत इस्तेमाल किया नाम तो होगी सजा

काजोल के पर्सनालिटी राइट्स पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, अब बिना इजाजत इस्तेमाल किया नाम तो होगी सजा

Delhi High Court On Kajol Personality Rights: बॉलीवुड अभिनेत्री काजोल ने दिल्ली हाई कोर्ट से अपने पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स की सुरक्षा को लेकर बड़ी जीत हासिल की है। कोर्ट ने कई ऑनलाइन प्लेटफार्म्स और एआई सेवाओं को काजोल का नाम, छवि, और आवाज बिना अनुमति के इस्तेमाल करने पर रोक लगाई है। इसमें प्रमुख ई-कॉमर्स वेबसाइट्स, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और एआई सर्विसेज शामिल हैं।

कोर्ट ने काजोल को अंतरिम राहत दी (Delhi High Court On Kajol Personality Rights)

20 फरवरी 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने काजोल के पक्ष में फैसला सुनाया और उनके पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की। काजोल ने कई ऑनलाइन प्लेटफार्म्स के खिलाफ मुकदमा दायर किया था, जिनमें प्रमुख ई-कॉमर्स वेबसाइट्स जैसे अमेजन, सोशल मीडिया कंपनियां मेटा और यूट्यूब और एआई सेवाएं जैसे टॉकी एआई डॉट कॉम शामिल थीं। काजोल का आरोप था कि इन प्लेटफार्मों ने उनके नाम, छवि, आवाज और लुक्स का बिना अनुमति के इस्तेमाल किया था, जैसे कि मर्चेंडाइज बेचना और एआई-जनरेटेड कंटेंट बनाना। कोर्ट ने इन्हें तुरंत सामग्री हटाने का आदेश दिया।

एआई जनरेटेड कंटेंट और आपत्तिजनक सामग्री पर रोक

काजोल की टीम ने अदालत में यह भी बताया कि इन प्लेटफार्म्स ने सिर्फ मर्चेंडाइज ही नहीं, बल्कि उनके नाम का इस्तेमाल करके डीपफेक्स (मॉर्फ की गई छवियां) और अश्लील कंटेंट भी बनाया था। अदालत ने कहा कि इस तरह की सामग्री काजोल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रही है और यह लोगों को गलत जानकारी दे सकती है। कोर्ट ने काजोल के नाम के अलग-अलग रूपों जैसे ‘काजोल मुखर्जी’, ‘काजोल देवगन’ और ‘काजोल मुखर्जी देवगन’ का भी अवैध इस्तेमाल रोकने का आदेश दिया है। एआई टूल्स, डीपफेक्स और एआई चैटबॉट्स के जरिए उनके व्यक्तित्व के गलत उपयोग को भी प्रतिबंधित किया है।

ऑनलाइन प्लेटफार्म्स और वेबसाइट्स पर कार्रवाई

कोर्ट ने ई-कॉमर्स प्लेटफार्म्स जैसे काश कलेक्टिव और पिंक स्वैग को तुरंत काजोल के नाम या छवि वाले सभी उत्पादों को हटाने का आदेश दिया है। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स और वेबसाइट्स को काजोल से संबंधित अवैध सामग्री को 72 घंटों के भीतर हटाने के लिए कहा गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने ये निर्देश भी दिया कि दूरसंचार मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय उन वेबसाइट्स को 72 घंटे के भीतर ब्लॉक कर दें। इस मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल 2026 को होगी।

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