सब इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2016 में कम योग्यता (शारीरिक दक्षता) वालों के चयन से जुड़े मामले में अदालती आदेश की पालना नहीं होने पर हाईकोर्ट ने तत्कालीन एडीजीपी, पदौन्नति एवं भर्ती बोर्ड (वर्तमान पुलिस कमिश्नर) सचिन मित्तल को तलब किया हैं। जस्टिस अशोक कुमार जैन की अदालत ने यह आदेश प्रतीप मीणा व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने पुलिस कमिश्नर को 30 जनवरी को सुबह साढ़े 10 बजे अदालत में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। दरअसल याचिकाकर्ताओं ने भर्ती में कम योग्यता वालो के चयन को चुनौती दी थी। मिलीभगत करके लाभ पहुंचाने का आरोप
अधिवक्ता तनवीर अहमद ने बताया कि एसआई भर्ती-2016 में 456 पदों पर भर्ती हुई थी। सफल अभ्यर्थियों को जुलाई 2021 में नियुक्ति दी गई। लेकिन भर्ती में 8 अभ्यर्थी ऐसे है, जो शारीरिक दक्षता पूरी नहीं करते हैं। हमने कोर्ट को बताया कि भर्ती नियमों के अनुसार पुरुष अभ्यर्थी की लंबाई 168 सेमी और चेस्ट की माप 81-86 सेमी होनी चाहिए। वहीं इन मानकों को पूरा करने वाले अभ्यर्थी मौजूद नहीं होने पर ही कम योग्यता वाले अभ्यर्थियों का चयन किया जा सकता हैं। याचिकाकर्ता सभी योग्यता पूरी करते थे, लेकिन मिलीभगत करके इन 8 अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया। अदालती आदेश की पालना नहीं होने पर जताई नाराजगी
उन्होने बताया कि अदालत ने हमारी याचिका पर सुनवाई करते हुए भर्ती बोर्ड को 14 मार्च 2024 को आदेश देते हुए नए सिरे से इन चयनित 8 अभ्यर्थियों और याचिकाकर्ताओं की हाइट और चेस्ट मापन रिपोर्ट पेश करने करने के निर्देश दिए थे। साथ ही उस समय मापी गई रिपोर्ट भी पेश करने के लिए कहा। लेकिन पुलिस विभाग ने तीन बार शपथ पत्र पेश करके केवल पुरानी रिपोर्ट ही पेश की। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए तत्कालीन एडीजीपी को तलब कर लिया।


