न्यायिक अधिकारियों पर आपत्तिजनक पोस्ट पर हाईकोर्ट सख्त:हाईकोर्ट ने कहा- पोस्ट अदालतों को बदनाम करने वाली, गरिमा को भी ठेस

न्यायिक अधिकारियों पर आपत्तिजनक पोस्ट पर हाईकोर्ट सख्त:हाईकोर्ट ने कहा- पोस्ट अदालतों को बदनाम करने वाली, गरिमा को भी ठेस

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट करने के मामले में सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्र की खंडपीठ ने अवमानना अर्जी पर सुनवाई करते हुए टिप्पणी करने के आरोपी दीपक सिंह और देवेंद्र सिंह को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने प्रथमदृष्टया पाया कि इन दोनों व्यक्तियों की सोशल मीडिया पर लिखी गई पोस्ट न केवल अदालतों को बदनाम करने वाली हैं, बल्कि उनसे न्यायपालिका की गरिमा को भी ठेस पहुंची है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं तो यह कृत्य न्यायालय अवमानना अधिनियम की धारा 12 के तहत दंडनीय है। दोनों आरोपी नैनी जेल में निरुद्ध हैं इसलिए कोर्ट ने जेल अधीक्षक के माध्यम से उन्हें नोटिस तामील कराने का निर्देश दिया है। साथ ही ​जवाब दाखिल करने के लिए गैर आवेदकों को दो सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी अपना वकील करने में असमर्थ रहते हैं तो हाईकोर्ट विधिक सेवा समिति उन्हें अधिवक्ता मुहैया कराएगी। इसके अलावा पुलिस कमिश्नर प्रयागराज को साइबर सेल की मदद से उस मुख्य व्यक्ति का पता लगाने का निर्देश दिया है, जिसने इन आरोपियों को ऐसी अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने के लिए उकसाया था। मामले में अगली सुनवाई दो अप्रैल को होगी।

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