इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक रेप पीड़िता को उसके गर्भ के समापन की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने पीड़िता की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव एवं न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने पीड़िता की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
पहचान गोपनीय रखने का निर्देश पीड़िता ने गर्भपात की अनुमति के लिए याचिका दाखिल की थी, जिस पर पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने के निर्देश दिए थे और सीएमओ शामली से गर्भपात के संदर्भ में रिपोर्ट मांगी थी। सीएमओ शामली की रिपोर्ट के अनुसार शामली में गर्भपात की उचित सुविधा उपलब्ध नहीं है लेकिन रिपोर्ट में पुष्टि की गई कि पीड़िता गर्भपात करा सकती है। विशेषज्ञों से मेडिकल कराने का आदेश इस पर कोर्ट ने पीड़िता को 26 मार्च को लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज मेरठ के प्रधानाचार्य के समक्ष उपस्थित होने की अनुमति दी है। साथ ही प्रधानाचार्य को विशेषज्ञ डॉक्टर से पीड़िता का परीक्षण कराकर गर्भपात की प्रक्रिया को बिना किसी देरी के संपन्न कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने संबंधित जांच अधिकारी को पीड़िता के साथ मेरठ मेडिकल कॉलेज जाने और पूरी प्रक्रिया में सहयोग करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सरकारी वकील को इस आदेश की जानकारी अविलंब मेरठ मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य और संबंधित जांच अधिकारी को देने का निर्देश दिया ताकि गुरुवार को समय पर प्रक्रिया शुरू हो सके।


