पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खन्ना में अकाली नेता यादविंदर सिंह यादू की गिरफ्तारी के मामले में सुनवाई की है। अदालत ने तत्कालीन एसएसपी, एसडीएम समेत पांच अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई 2026 को होगी। यादविंदर सिंह यादू ने आरोप लगाया है कि जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनाव की वोटों की गिनती के दौरान उन्हें काउंटिंग सेंटर से जबरदस्ती उठाया गया। उन्होंने बताया कि उन्हें करीब तीन घंटे तक अवैध हिरासत में रखा गया और फिर उनके खिलाफ झूठा मामला दर्ज कर दिया गया। यादू के अनुसार, पुलिस उन्हें रात 8 बजकर 56 मिनट पर ले गई थी, जबकि एसडीएम द्वारा लिखित शिकायत रात करीब 11 बजकर 40 मिनट पर दी गई। इसके बाद रात 12 बजे के बाद उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक दबाव में की गई गलत, गैरकानूनी और बेबुनियाद बताया है। इस मामले को लेकर यादू ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने दर्ज किए गए केस को रद्द करने और झूठा मामला दर्ज करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी के साथ इस तरह का अन्याय न हो। हाईकोर्ट ने जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किया है, उनमें खन्ना के तत्कालीन एसएसपी डॉ. ज्योति यादव बैंस, एसडीएम स्वाति टिवाना, डीएसपी विनोद कुमार, सीआईए स्टाफ इंचार्ज नरपिंदर पाल सिंह और सिटी थाना-2 के एसएचओ हरदीप सिंह शामिल हैं। यादविंदर सिंह यादू ने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताते हुए न्याय मिलने की उम्मीद व्यक्त की है। इस मामले को लेकर खन्ना के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, और सभी की नजरें 12 मई 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।


