बिहार में रामनवमी के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पूरे राज्य में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षाबलों की 45 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। साथ ही पुलिस मुख्यालय ने सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। बुधवार को डीजीपी विनय कुमार ने सभी रेंज आईजी, डीआईजी और जिलों के एसपी के साथ सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने शरारती व असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखने और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सुरक्षा के मद्देनज़र पूरे राज्य में 29 मार्च तक अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। बिहार में रामनवमी का पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा।
सैप की 30 कंपनियां तैनात
एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने कहा कि रामनवमी के मौके पर विभिन्न मंदिरों और ठाकुरबाड़ियों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। साथ ही कई जगहों पर महावीरी झंडा के जुलूस और शोभायात्राएं निकालने की परंपरा भी है। ऐसे में पुलिस इन आयोजनों पर कड़ी नजर रखेगी, ताकि उनकी आड़ में कोई शरारती, सांप्रदायिक या असामाजिक तत्व कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा न कर सके।
उन्होंने बताया कि इसे ध्यान में रखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। राज्य में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बी-सैप की 30 कंपनियां, क्षेत्रीय कार्यालयों की रिजर्व 12 कंपनियां और केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों की 3 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा 21,500 से अधिक नवनियुक्त प्रशिक्षु सिपाही, एएसआई और 5,100 से अधिक होमगार्ड जवानों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
अफवाहों का तत्काल खंडन करें
पुलिस की सोशल मीडिया टीम तीन दिनों तक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर होने वाली गतिविधियों पर कड़ी नजर रखेगी। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों का तुरंत खंडन करने के साथ-साथ संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि जुलूस मार्ग पर उत्पन्न होने वाले किसी भी विवाद को स्थानीय लोगों की मदद से सुलझाया जाए। साथ ही असामाजिक और सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
जिलों के एसपी को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वयं निगरानी करें और किसी भी सांप्रदायिक घटना की स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचें। इसके अलावा, दंगा-निरोधी इकाइयों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है। उन्हें पर्याप्त मात्रा में हेलमेट, सुरक्षा उपकरण, आंसू गैस, वाटर कैनन और लाठियों से लैस किया गया है। किसी भी घटना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए हर जिले में क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का भी गठन किया गया है।


