हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) ने राज्य की पावर यूटिलिटीज को सेवा गुणवत्ता और जवाबदेही सुधारने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक (CSI), बैलेंस्ड स्कोरकार्ड सिस्टम लागू करने और सभी पावर यूटिलिटीज के लिए ISO प्रमाणन अनिवार्य कर दिया है। HERC के अध्यक्ष नंद लाल शर्मा ने राज्य सलाहकार समिति (SAC) की 33वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अब SAC की बैठक साल में तीन बार होगी और इन बैठकों में लिए गए फैसलों को तय समय सीमा में लागू करना अनिवार्य होगा। 3 महीने में CSI, सेक्शन लेवल तक होगी जवाबदेही आयोग ने निर्देश दिए कि तीन माह के भीतर उपभोक्ता संतुष्टि सूचकांक लागू किया जाए, जिसकी मासिक निगरानी होगी। CSI का मूल्यांकन जूनियर इंजीनियर से लेकर सब-डिवीजन, डिवीजन और यूटिलिटी स्तर तक किया जाएगा, ताकि फील्ड लेवल पर जिम्मेदारी तय हो सके। 4 महीने में बैलेंस्ड स्कोरकार्ड सिस्टम लक्ष्य आधारित प्रदर्शन को संस्थागत रूप देने के लिए चार माह में बैलेंस्ड स्कोरकार्ड प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें वित्तीय और गैर-वित्तीय लक्ष्यों की मासिक समीक्षा होगी। उपभोक्ता संतुष्टि, ऑपरेशनल एफिशिएंसी, सेफ्टी, लाइन लॉस में कमी और सेवा गुणवत्ता जैसे पैरामीटर शामिल होंगे। ISO सर्टिफिकेशन सभी यूटिलिटीज के लिए जरूरी आयोग ने बताया कि फिलहाल हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) ही ISO प्रमाणित है। अब HVPN, UHBVN और DHBVN को भी ISO सर्टिफिकेशन लेना होगा, ताकि प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और एकरूपता लाई जा सके। बिजली खरीद में नुकसान रोकने पर जोर अध्यक्ष ने हरियाणा पावर परचेज सेंटर (HPPC) की कार्यप्रणाली को और मजबूत करने की जरूरत बताई, ताकि शॉर्ट और मीडियम टर्म पावर खरीद में होने वाले वित्तीय नुकसान से बचा जा सके। उपभोक्ताओं पर बोझ कम करने के लिए यूपी और हिमाचल प्रदेश की बेस्ट प्रैक्टिस अपनाने की सलाह दी गई। ₹51,156 करोड़ का ARR प्रस्ताव बैठक में DHBVN के एमडी विक्रम सिंह ने बताया कि ATC हानियों को कम करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। UHBVN और DHBVN ने अगले वित्तीय वर्ष के लिए ₹51,156.71 करोड़ की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) का अनुमान पेश किया है। बिलिंग विवाद और बिजली दुर्घटनाओं पर सख्ती HERC ने बिलिंग से जुड़े बढ़ते विवादों पर चिंता जताई और यूटिलिटीज को सिस्टम सुधार के निर्देश दिए। साथ ही घातक विद्युत दुर्घटनाओं का विवरण मांगा गया। झूलती लाइनों, खुले तारों और ट्रांसफॉर्मरों के पास असुरक्षित हालात तुरंत ठीक करने को कहा गया। रूफटॉप सोलर पर रैंडम जांच अनिवार्य रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन में कमीशनिंग के बाद निगरानी को कमजोर बताते हुए आयोग ने निर्देश दिए कि 10 से 25% इंस्टॉलेशन का रैंडम क्वालिटी इंस्पेक्शन किया जाए। वेंडर परफॉर्मेंस रेटिंग सार्वजनिक की जाए और सोलर से जुड़ी शिकायतों को सामान्य शिकायत प्रणाली में जोड़ा जाए। बैठक के अंत में अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ताओं से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान और सेवा गुणवत्ता में सुधार ही हरियाणा की पावर यूटिलिटीज की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।


