हेलो.. मैं कलेक्टर बोल रहा हूं:पंचायत समिति में परिवादी से जिला कलेक्टर ने की बात, पूछा – आपकी शिकायत पर काम हुआ?

हेलो.. मैं कलेक्टर बोल रहा हूं:पंचायत समिति में परिवादी से जिला कलेक्टर ने की बात, पूछा – आपकी शिकायत पर काम हुआ?

हेलो…. मैं कलेक्टर बोल रहा हूं। आपने शिकायत की थी, उसकी वर्तमान स्थिति क्या है। क्या आपकी समस्या का समाधान हुआ है? जिला कलेक्टर आलोक रंजन आज गुरुवार को पंचायत समिति चित्तौड़गढ़ के ऑफिस पहुंचे। उन्होंने यहां निरीक्षण शुरू किया। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन असंतुष्ट परिवादी से बात की। ऑनलाइन परिवादी धनेत कलां निवासी श्वेता जोशी ने 10 मार्च 2025 को शिकायत की थी। शिकायत में बताया था कि सफाई नहीं हो रही है। सफाई नहीं होने के कारण बीमारी का खतरा बना हुआ है। नालियों की भी सफाई नहीं हुई है। नाली को साफ रखने के लिए लेबर लगाए, लेकिन पड़ोसियों द्वारा नालियों को साफ नहीं करने दे रहे हैं, क्योंकि उनके घर का निर्माण काम चल रहा था। नाली के ऊपर मिट्टी भी डलवा रखी थी। परिवादी की प्रॉब्लम सॉल्व होने के बावजूद असंतुष्ट मार्किंग होने के कारण जिला कलेक्टर ने विकास अधिकारी समुद्र सिंह को फोन करने को कहा। विकास अधिकारी ने श्वेता जोशी को फोन लगाया। दिए गए नंबर पर परिवादी के परिजन ने फोन उठाया। समुद्र सिंह ने पहले बात की, इस पर परिवादी ने कहा कि यह तो पुराना मामला है। कलेक्टर ने परिवादी से फोन पर की बात इस पर जिला कलेक्टर ने बात करते हुए कहा कि हेलो, मैं जिला कलेक्टर बोल रहा हूं। आप जोशी जी बात कर रहे हैं क्या? शिकायत तो बहुत पुरानी है। मैं ऐसे ही पढ़ रहा था तो मैंने देखा कि आपने इसमें कुछ सफाई के बारे में डाला था, तो इसकी वर्तमान में क्या स्थिति है। परिवादी : वो मिट्टी डाली थी, लेकिन उन्होंने उठा ली थी। उस समय निर्माण काम चल रहा था। उनको कहा पाइप डाल दो अंदर, पानी पाइप से निकल जाएगा, लेकिन उन्होंने नहीं डाला था, इसलिए ऑनलाइन शिकायत की थी। कलेक्टर : ठीक है। अब क्या स्थिति है? काम हो गया? परिवादी : हां, वो मिट्टी हटा दी है। कलेक्टर : आपने इसमें असंतुष्ट मार्क कर रखा है। अगर काम हो गया है और आपके पास फोन आया होगा, जैसे मैंने फोन किया, तो उसमें आप संतुष्ट बताएंगे तो हमने जो काम किया, उस टीम के लिए अच्छा होगा। परिवादी : जी सर, संतुष्ट हूं मैं। कलेक्टर : आप 181 पर संतुष्ट करा लीजिएगा। परिवादियों से लेना चाहिए फीडबैक जिला कलेक्टर ने निरीक्षण के बाद कहा कि पंचायत समिति चित्तौड़गढ़ का वार्षिक निरीक्षण किया गया। यहां खास तौर पर ग्रीवेंस पर ध्यान दिया गया। जो भी परिवादी आते हैं, उनका सही वेरिफिकेशन होना जरूरी है। अगर कोई परिवादी असंतुष्ट है तो राज्य सरकार के निर्देश अनुसार उससे बात करना और स्थिति जांचना जरूरी है। कुछ पुराने मामलों को देखा गया। एक-दो परिवादियों से बात कर वेरिफाई भी किया। वे संतुष्ट मिले, लेकिन रिकॉर्ड में असंतुष्ट दर्ज था। इस पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि ऐसे सभी मामलों को सही किया जाए, ताकि संतुष्टि प्रतिशत बढ़ सके। साथ ही जो असंतुष्ट परिवार हैं, उनका फील्ड वेरिफिकेशन करने के भी निर्देश दिए गए। बाहर की दुकानों की स्थिति सही नहीं निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पंचायत समिति की निजी आय ठीक हो रही है। लेकिन बाहर की दुकानों को लेकर स्थिति साफ नहीं है। कुछ दुकानों से किराया लिया जा रहा है, जबकि कुछ दुकानों के मामले न्यायालय में लंबित दिखाए गए हैं और उनसे किराया नहीं लिया जा रहा। लंबे समय से कोई आय नहीं हो रही है और कोर्ट में स्टे के नाम पर मामला चल रहा है। यह मामला ऑडिट में भी दर्ज है। इसे गंभीर मानते हुए तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

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