कटिहार के कदवा प्रखंड स्थित बरैया परती गांव में प्रधानमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत टी-04 कदवा माही नगर पथ पर एक पुल का निर्माण किया गया है। 8 करोड़ रुपये की लागत से यह पुल बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन इसके एप्रोच मार्ग के निर्माण में कथित तौर पर भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। एप्रोच निर्माण में ‘लीपापोती’ बंद करें,सही तरीके से बनाएं इन अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। सोमवार को ग्रामीणों ने कार्यस्थल पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि संवेदक की मनमानी बंद हो, कार्य में अनियमितता न बरती जाए और संबंधित अधिकारी इसकी जांच कर कार्रवाई करें। ग्रामीणों ने एप्रोच निर्माण में ‘लीपापोती’ बंद करने और इसे सही तरीके से बनाने की बात कही। ग्रामीणों ने बताया कि संवेदक जितेंद्र कुमार यादव द्वारा एप्रोच निर्माण में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। उनके अनुसार, जिस तरह से एप्रोच बनाया गया है, उससे भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। एप्रोच की ऊंचाई बहुत अधिक है और सड़क के किनारे गहरी खाई होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, जिससे जानमाल का नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने एप्रोच निर्माण में और मिट्टी डालने तथा दोनों छोर पर बैरिकेडिंग करने की आवश्यकता बताई। उनका कहना है कि वर्तमान स्थिति में यह एप्रोच बरसात के मौसम में पहली ही बारिश में ढह सकता है। इससे किसानों को ट्रैक्टर में मक्का, गेहूं, धान जैसी सामग्री ले जाने में भी काफी कठिनाई होगी। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लोगों की सुविधा के लिए उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कराया था, लेकिन संवेदक द्वारा बरती जा रही अनियमितताओं के कारण पुल का मूल उद्देश्य ही समाप्त होता दिख रहा है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में समाजसेवी गौतम यादव, बम झा, वागीश झा, फूल कुमार विश्वास, सुधीन विश्वास और विद्यानंद विश्वास सहित कई ग्रामीण शामिल थे। विश्वास सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निर्माणाधीन एप्रोच की जांच कराने की मांग करते हुए एप्रोच को मानक के अनुरूप कार्य कराने की मांग की हैं ताकि आम जनमानस को उसका सुविधा मिल सके कटिहार के कदवा प्रखंड स्थित बरैया परती गांव में प्रधानमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत टी-04 कदवा माही नगर पथ पर एक पुल का निर्माण किया गया है। 8 करोड़ रुपये की लागत से यह पुल बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन इसके एप्रोच मार्ग के निर्माण में कथित तौर पर भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं। एप्रोच निर्माण में ‘लीपापोती’ बंद करें,सही तरीके से बनाएं इन अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। सोमवार को ग्रामीणों ने कार्यस्थल पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। उन्होंने मांग की कि संवेदक की मनमानी बंद हो, कार्य में अनियमितता न बरती जाए और संबंधित अधिकारी इसकी जांच कर कार्रवाई करें। ग्रामीणों ने एप्रोच निर्माण में ‘लीपापोती’ बंद करने और इसे सही तरीके से बनाने की बात कही। ग्रामीणों ने बताया कि संवेदक जितेंद्र कुमार यादव द्वारा एप्रोच निर्माण में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। उनके अनुसार, जिस तरह से एप्रोच बनाया गया है, उससे भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। एप्रोच की ऊंचाई बहुत अधिक है और सड़क के किनारे गहरी खाई होने के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है, जिससे जानमाल का नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने एप्रोच निर्माण में और मिट्टी डालने तथा दोनों छोर पर बैरिकेडिंग करने की आवश्यकता बताई। उनका कहना है कि वर्तमान स्थिति में यह एप्रोच बरसात के मौसम में पहली ही बारिश में ढह सकता है। इससे किसानों को ट्रैक्टर में मक्का, गेहूं, धान जैसी सामग्री ले जाने में भी काफी कठिनाई होगी। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लोगों की सुविधा के लिए उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कराया था, लेकिन संवेदक द्वारा बरती जा रही अनियमितताओं के कारण पुल का मूल उद्देश्य ही समाप्त होता दिख रहा है। विरोध प्रदर्शन करने वालों में समाजसेवी गौतम यादव, बम झा, वागीश झा, फूल कुमार विश्वास, सुधीन विश्वास और विद्यानंद विश्वास सहित कई ग्रामीण शामिल थे। विश्वास सहित दर्जनों ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निर्माणाधीन एप्रोच की जांच कराने की मांग करते हुए एप्रोच को मानक के अनुरूप कार्य कराने की मांग की हैं ताकि आम जनमानस को उसका सुविधा मिल सके


