किशनगंज जिले में शुक्रवार रात अचानक मौसम बदल गया। ठाकुरगंज और पुठिया के ग्रामीण इलाकों में तेज आंधी, भारी ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों की मक्का की फसल को भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आसमान में घने काले बादल छा गए और कुछ ही देर में तेज हवाएं चलने लगीं। इसके बाद जोरदार मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिसके साथ बड़े-बड़े ओले भी गिरे। करीब आधे घंटे तक चली ओलावृष्टि से खेत सफेद चादर से ढक गए। ओलावृष्टि ने मक्का की फसल को बुरी तरह किया नष्ट तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने खड़ी मक्का की फसल को बुरी तरह चपेट में ले लिया। ठाकुरगंज और पुठिया क्षेत्र में मक्का की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। कई जगहों पर ओलों की मार से मक्का के पौधे टूट गए, जिससे पत्तियां और बालियां क्षतिग्रस्त हो गईं। किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। आंधी और बारिश के कारण कई कच्चे मकानों की छतें उड़ गईं। बिजली के खंभे झुक गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सड़कों पर जलभराव होने से यातायात भी प्रभावित हुआ। किशनगंज जिले में हाल के दिनों में इस तरह की मौसमी घटनाएं किसानों के लिए लगातार परेशानी का सबब बन रही हैं। किशनगंज जिले में शुक्रवार रात अचानक मौसम बदल गया। ठाकुरगंज और पुठिया के ग्रामीण इलाकों में तेज आंधी, भारी ओलावृष्टि और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों की मक्का की फसल को भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, आसमान में घने काले बादल छा गए और कुछ ही देर में तेज हवाएं चलने लगीं। इसके बाद जोरदार मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिसके साथ बड़े-बड़े ओले भी गिरे। करीब आधे घंटे तक चली ओलावृष्टि से खेत सफेद चादर से ढक गए। ओलावृष्टि ने मक्का की फसल को बुरी तरह किया नष्ट तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने खड़ी मक्का की फसल को बुरी तरह चपेट में ले लिया। ठाकुरगंज और पुठिया क्षेत्र में मक्का की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। कई जगहों पर ओलों की मार से मक्का के पौधे टूट गए, जिससे पत्तियां और बालियां क्षतिग्रस्त हो गईं। किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया। आंधी और बारिश के कारण कई कच्चे मकानों की छतें उड़ गईं। बिजली के खंभे झुक गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सड़कों पर जलभराव होने से यातायात भी प्रभावित हुआ। किशनगंज जिले में हाल के दिनों में इस तरह की मौसमी घटनाएं किसानों के लिए लगातार परेशानी का सबब बन रही हैं।


