हलसी प्रखंड में शुक्रवार शाम आई तेज आंधी और बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। तेज हवा और पानी के कारण खेतों में खड़ी गेहूं, चना, मसूर, सरसों, मकई सहित दलहन और तिलहन की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर फसलें खेतों में गिरकर बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। आंधी का असर आम के बागानों पर भी देखा गया, जहां तेज हवा से मंजर और छोटे फल झड़ गए। इससे इस वर्ष आम के उत्पादन में कमी आने की आशंका है। किसानों ने बताया कि इस वर्ष प्रखंड क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं ने उन्हें लगातार प्रभावित किया है। पहले बाढ़ से धान की फसल नष्ट हुई थी, और जो धान बचा था, वह कटाई के समय हुई बेमौसम बारिश से खराब हो गया। दलहन और तिलहन की फसलों को भी नुकसान बूंदाबांदी से दलहन और तिलहन की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। जिन किसानों ने सरसों की अगेती बुवाई की थी और फसल कटनी शुरू हो चुकी थी, उनके कटे हुए सरसों के बोझों पर बारिश का पानी पड़ने से दाने काले पड़कर खराब हो सकते हैं। दलहन की फसल का भी यही हाल है, बारिश की बूंदें अनाज को खराब कर सकती हैं। किसान राजेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम मौसम अचानक बदल गया, जिससे तेज आंधी और बारिश हुई। उन्होंने कहा कि बारिश से आम की फसल को नुकसान पहुंचा है, हालांकि कुछ हद तक आम के मंजर को फायदा भी हो सकता है, क्योंकि मार्च में सुबह के कोहरे और कीड़ों के प्रभाव से मंजर काले पड़ गए थे। बारिश से इसमें कुछ राहत की उम्मीद है। वहीं, किसान अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि गेहूं की फसल लगभग पककर तैयार थी, लेकिन बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इससे फसल खराब होने के साथ-साथ किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से क्षति का आकलन कर शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। गौरतलब है कि मौसम विभाग ने पहले ही आंधी-बारिश की संभावना जताई थी, जिसका असर लखीसराय एवं हलसी में स्पष्ट रूप से देखने को मिला। हलसी प्रखंड में शुक्रवार शाम आई तेज आंधी और बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। तेज हवा और पानी के कारण खेतों में खड़ी गेहूं, चना, मसूर, सरसों, मकई सहित दलहन और तिलहन की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर फसलें खेतों में गिरकर बर्बाद हो गईं, जिससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। आंधी का असर आम के बागानों पर भी देखा गया, जहां तेज हवा से मंजर और छोटे फल झड़ गए। इससे इस वर्ष आम के उत्पादन में कमी आने की आशंका है। किसानों ने बताया कि इस वर्ष प्रखंड क्षेत्र में प्राकृतिक आपदाओं ने उन्हें लगातार प्रभावित किया है। पहले बाढ़ से धान की फसल नष्ट हुई थी, और जो धान बचा था, वह कटाई के समय हुई बेमौसम बारिश से खराब हो गया। दलहन और तिलहन की फसलों को भी नुकसान बूंदाबांदी से दलहन और तिलहन की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। जिन किसानों ने सरसों की अगेती बुवाई की थी और फसल कटनी शुरू हो चुकी थी, उनके कटे हुए सरसों के बोझों पर बारिश का पानी पड़ने से दाने काले पड़कर खराब हो सकते हैं। दलहन की फसल का भी यही हाल है, बारिश की बूंदें अनाज को खराब कर सकती हैं। किसान राजेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार शाम मौसम अचानक बदल गया, जिससे तेज आंधी और बारिश हुई। उन्होंने कहा कि बारिश से आम की फसल को नुकसान पहुंचा है, हालांकि कुछ हद तक आम के मंजर को फायदा भी हो सकता है, क्योंकि मार्च में सुबह के कोहरे और कीड़ों के प्रभाव से मंजर काले पड़ गए थे। बारिश से इसमें कुछ राहत की उम्मीद है। वहीं, किसान अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि गेहूं की फसल लगभग पककर तैयार थी, लेकिन बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इससे फसल खराब होने के साथ-साथ किसानों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा। किसानों ने प्रशासन से क्षति का आकलन कर शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। गौरतलब है कि मौसम विभाग ने पहले ही आंधी-बारिश की संभावना जताई थी, जिसका असर लखीसराय एवं हलसी में स्पष्ट रूप से देखने को मिला।


