हरदा शहर में सोमवार सुबह से ही तीनों गैस एजेंसियों के कार्यालयों के बाहर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दरअसल, एजेंसी संचालकों द्वारा अचानक गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी बंद कर दिए जाने से लोग सीधे एजेंसी पहुंचकर सिलेंडर लेने लगे। इससे एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गईं और उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ा। लाइन में खड़े कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि एजेंसी संचालकों ने झूठा संकट पैदा करने और गैस की किल्लत की अफवाह फैलाने के लिए होम डिलीवरी बंद की है। उनका कहना है कि इसकी आड़ में शहर के होटलों और शादी-विवाह समारोहों में गैस सिलेंडर महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं। उपभोक्ताओं का यह भी कहना है कि शासन की ओर से होम डिलीवरी बंद करने के कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। कटाई के समय किसानों को हो रही परेशानी
मसनगांव से आए युवा किसान मयंक गुर्जर ने बताया कि इस समय खेतों में कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में उन्हें अपना काम छोड़कर गैस सिलेंडर लेने के लिए शहर आना पड़ा और घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी संचालक ‘शॉर्टेज’ की अफवाह फैलाकर उपभोक्ताओं को परेशान कर रहे हैं। मयंक ने यह भी बताया कि बुकिंग के लिए दिए गए नंबरों पर कॉल करने के बाद भी बुकिंग नहीं हो पा रही है, जिसके कारण उन्हें गांव से आकर लाइन में खड़ा होना पड़ा। एक अन्य उपभोक्ता ममता नागले ने बताया कि वह खाना बनाने का काम करती हैं। गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण उन्हें बच्चों को सुबह नाश्ते के लिए सिर्फ सेव-धानी देकर स्कूल भेजना पड़ा। उन्होंने कहा कि काम से लौटने के बाद अब उन्हें गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में लगना पड़ रहा है। एजेंसी संचालक बोले—कमी नहीं, अचानक मांग बढ़ने से परेशानी हो रही
वहीं गैस एजेंसी संचालक मननसिंह ने गैस की किल्लत से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि इन दिनों आम दिनों की तुलना में गैस की मांग करीब डेढ़ गुना बढ़ गई है। पहले एक दिन में करीब 300 सिलेंडर वितरित किए जाते थे, लेकिन अब लगभग 450 सिलेंडर वितरित हो रहे हैं। उपभोक्ताओं को गैस की नली लेने के लिए मजबूर करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने पांच साल से नली नहीं बदली है, उन्हें सुरक्षा के लिहाज से नई नली लेने की सलाह दी जा रही है ताकि किसी तरह की दुर्घटना न हो। जिले में 1.39 लाख घरेलू उपभोक्ता
खाद्य विभाग के अनुसार जिले की 11 गैस एजेंसियों में करीब 1 लाख 39 हजार 900 घरेलू और लगभग 800 व्यावसायिक उपभोक्ता हैं। विभाग का कहना है कि जिले में फिलहाल गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है। वहीं एजेंसियों का कहना है कि ट्रैफिक बढ़ने के कारण बुकिंग के लिए दिए गए नंबरों पर कॉल कनेक्ट नहीं हो पा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।


