दोस्त की पत्नी पर आया दिल–पति के 10 टुकड़े किए:नीले ड्रम में पैक कर दी लाश, कहता था–वो मुझे बहुत पसंद थी, पढ़िए दोषी का कबूलनामा

दोस्त की पत्नी पर आया दिल–पति के 10 टुकड़े किए:नीले ड्रम में पैक कर दी लाश, कहता था–वो मुझे बहुत पसंद थी, पढ़िए दोषी का कबूलनामा

‘राकेश से मेरी बचपन की दोस्ती थी। 5 साल पहले शराबबंदी के बाद राकेश के साथ मिलकर मैंने शराब का धंधा शुरू किया। 2020 में सिकन्दरपुर पुलिस ने राकेश को शराब मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शराब के कारोबार को लेकर राकेश और उसकी पत्नी राधा के बीच जमकर झगड़ा होता था। जेल से छूटने के बाद राकेश कमाने के लिए दिल्ली चला गया। मैं राकेश के घर आने जाने लगा, इस दौरान मेरी राधा से नजदीकियां बढ़ गईं। हम दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने, साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं। 11 सितंबर को राधा के कहने पर राकेश दिल्ली से आया। 2 दिन बाद यानी 13 सितंबर 2021 को मैंने राकेश की हत्या कर दी।’ मुजफ्फरपुर के मुशहरी प्रखंड के बालूघाट में राकेश हत्याकांड के दोषी सुभाष ने पुलिस के सामने कबूलनामे में ये बात कही थी। इसी बयान और मौके के सबूत के आधार पर कोर्ट ने सुभाष को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सुभाष और राधा के बीच अफेयर की शुरुआत कैसे हुई? सुभाष ने अपने दोस्त राकेश की हत्या कैसे की? हत्या का खुलासा कैसे हुआ? सुभाष ने अपने कबूलनामे में क्या कहा, जो कोर्ट में रखा गया? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले वारदात वाली रात की कहानी जानिए राकेश हत्याकांड के दोषी सुभाष ने बताया था मेरी प्रेमिका और राकेश की पत्नी राधा ने तीज के बहाने अपने पति को 11 सितंबर को दिल्ली से मुजफ्फरपुर बुलाया था। राकेश दिल्ली से लौटा तो उसने पत्नी और बच्चों को बालूघाट वाले कमरे से हटाकर सिकन्दरपुर में नए किराए के मकान में शिफ्ट कर दिया। लेकिन बालूघाट वाला कमरा खाली नहीं किया था, क्योंकि इस कमरे में शराब की खेप रखकर दुबारा शराब का कारोबार शुरू करने की प्लानिंग थी। सुभाष के मुताबिक, मैंने बालूघाट के श्रीराम जयराम मंदिर के पीछे तीन फ्लोर वाले मकान के ऊपरी कमरे को किराए पर लिया था। यहां से थोड़ी दूर पर राकेश का पुराना मकान था, जहां से हम लोगों को दोबारा शराब का कारोबार शुरू करना था। दोषी ने बताया था कि 13 सितंबर की रात मैं अपने कमरे में था। मैंने सुभाष को बुलाया और हम दोनों ने एक साथ खाना खाया और फिर मैंने राकेश को जमकर शराब पिलाई। राकेश बिल्कुल बेसुध हो गया तो मैंने भाला से उसके गर्दन को गोद दिया। गर्दन से खून बहने लगा और राकेश छटपटाने लगा। इसके बाद मैंने उसके गर्दन को एक तौलिया से कसकर बांध दिया, थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई। राकेश की मौत के बाद मैंने घर में रखे दबिया (धारदार हथियार) से उसके सिर और धड़ को अलग कर दिया। फिर दोनों पैरों और हाथों को काटकर अलग कर दिया। इसके बाद राकेश के शरीर और गर्दन को घर में रखे नीले ड्रम में रख दिया। राकेश के पैर और हाथ के टुकड़ों को नदी में फेंका सुभाष ने बताया था कि राकेश की हत्या के बाद मैं स्कूटी से खून से सने बिस्तर, तौलिया, राकेश के कपड़े, हाथ-पैर के टुकड़ों को लेकर संगम घाट नदी पर पहुंचा। नदी में राकेश के हाथ-पैर के टुकड़ों को फेंक दिया। फिर बिस्तर और कपड़ों को हल्की मिट्टी खोदकर गाड़ दिया। अपने कबूलनामा में सुभाष ने पूरा इल्जाम अपने सिर ले लिया। इसमे राकेश की पत्नी राधा, उसकी साली कृष्णा और साढ़ू विकास का कोई जिक्र नहीं किया। अब जानिए सुभाष और राधा के बची अफेयर कैसे हुआ? सुभाष के मुताबिक, राकेश बचपन का दोस्त था। हम दोनों की शादी हो चुकी थी और हम दोनों पत्नी और बच्चों के साथ अलग-अलग मकान में रहते थे। चूंकि राकेश के साथ मिलकर मैं शराब का कारोबार करता था, लिहाजा मेरा उसके घर आना जाना लगा रहता था। शराब के केस में पकड़े जाने और फिर छूटने के बाद राकेश दिल्ली चला गया। घर पर पत्नी और बच्चे अकेले रहते थे। राकेश मुझे कॉल करके पत्नी और बच्चों का ख्याल रखने को कहता था। मैं लगातार राकेश के कमरे पर जाता रहता था। सुभाष के मुताबिक, राकेश के कमरे पर आने जाने के दौरान मेरा राकेश की पत्नी राधा से अफेयर शुरू हो गया। मैं देर रात तक राकेश की पत्नी के साथ रहता था। इसकी जानकारी राकेश को हो गई। फिर राकेश और राधा के बीच फोन पर झगड़ा भी हुआ। जब मुझे झगड़े की बात पता चली और ये जानकारी हुई कि अफेयर के बारे में राकेश को पता चल गया है। फिर मैंने उसकी हत्या की प्लानिंग की। राधा को मैंने कहा कि तीज के मौके पर राकेश को बुला लो, उसे यकीन दिलाओ कि हमारे बीच ऐसा कुछ नहीं है। फिर 11 सितंबर को राकेश मुजफ्फरपुर आया। दो दिनों बाद मैंने उसकी हत्या कर दी। हत्या के 5 दिन बाद कारोबारी सुनील शर्मा के घर में हुआ था धमाका हत्या के 5 दिनों के बाद यानी 18 सितंबर की रात बालूघाट में किताब कारोबारी सुनील शर्मा के मकान में जोरदार धमाका हुआ था। जिस कमरे में ब्लास्ट हुआ था, उस कमरे को सुभाष ने किराए पर लिया था। धमाके की सूचना के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो देखा कि कमरे में मलबा बिखरा है, मलबे में एक शख्स की डेडबॉडी भी है। तत्काल पुलिस ने FSL की टीम को जांच के लिए बुलाया था। कमरे से विस्फोट के कुछ अवशेष मिले थे। जिससे पता लगा कि ये केमिकल ब्लास्ट है। छानबीन में पता चला कि राकेश की हत्या करने के बाद लाश के 10 टुकडे किए गए, जिसके बाद टुकड़ों को नीले रंग के एक ड्रम में रखा गया। लाश को गलाने के लिए ड्रम में यूरिया, नमक और फिनाइल डाला गया है। नीले ड्रम के अगरबत्ती के संपर्क में आने से हुआ था धमाका जांच में सामने आया था कि कमरे से बदबू न आए, इसके लिए सुभाष ने कमरे में अगरबत्ती जलाई थी। जब वो घर से निकलता था तो अगरबत्ती जला देता था। कमरे से बदबू बाहर न जाए, इसलिए खिड़की और दरवाजे में कपड़े भी ठूंस दिए थे, जिससे कमरे में केमिकल के मिश्रण से निकलने वाली गैस भर गई थी। 18 सितंबर की रात कमरे से निकला तो अगरबत्ती जला दी। उधर, नीले ड्रम में यूरिया, नमक और फिनाइल के मिश्रण से गैस निकलने लगी। कमरे में जलने वाली अगरबत्ती के सम्पर्क में आने से इस गैस से जोरदार धमाका हो गया। धमाके के बाद कमरे में लगी थी आग, काबू पाने के बाद हत्या का खुला था राज बालूघाट के श्रीराम जयराम मंदिर के पीछे तीन फ्लोर वाले मकान के ऊपरी कमरे में धमाका हुआ था। ब्लास्ट के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। फ्लैट के आसपास रह रहे लोग घरों से निकलकर सड़क की ओर दौड़ पड़े थे। इस बीच पुलिस को भी सूचना दी गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि पूरा इलाका व बिल्डिंग हिल गया। लोगो ने कहा कि ऐसा लगा जैसे भूकम्प आ गया हो। घर से भागकर बाहर निकले तो पड़ोसी के फ्लैट में आग लगी थी। घटना के बाद घर के शीशे टूट गए थे। मकान मालिक सुनील शर्मा ने पुलिस को बताया कि एक महीने पहले कर्पूरी नगर के सुभाष कुमार ने किराए पर कमरा लिया था। उसने कहा था कि बाढ़ का पानी घर में घुस गया है। इसकी वजह से वह कुछ दिनों तक फ्लैट में रहेगा। पानी कम होने के बाद अपने घर वापस चला जाएगा। फिर, वह अपने दो बच्चे व पत्नी के साथ रहने लगा। कुछ दिनों बाद उसकी साली और साढू भी आकर रहने लगे। एक माह का किराया भी उसने छह हजार रुपए ऑनलाइन पेमेंट किया है। बीते तीन दिनों से रात में वह घर खाली कर रहा था। शव किसका है, उनको जानकारी नहीं है। 6 दिनों से राकेश का कुछ पता नहीं चल रहा था, पत्नी बोली- वे बाहर गए हैं मृतक राकेश सहनी का 13 सितंबर से कुछ पता नहीं चल रहा था। दिनेश ने पुलिस को बताया कि राकेश 6 दिन से घर से लापता थे। दिनेश की पत्नी राकेश को खोजते हुए बालूघाट वाले कमरे पर पहुंची। यहां राकेश की पत्नी राधा ने बातों में उलझाकर दिनेश की पत्नी को लौटा दिया। इसके बाद राधा सुभाष के कमरे पर पहुंची। राधा के पूछने पर सुभाष ने उसे बताया कि राकेश काेलकाता चला गया है, क्याेंकि पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए फिर से छापेमारी करने वाली थी। यह भी कहा कि राकेश ने माेबाइल बंद कर दिया है, ताकि पुलिस उसे ट्रेस नहीं कर सके। कुछ दिनाें बाद वह खुद संपर्क करेगा। राकेश के भाई दिनेश सहनी ने दर्ज कराई थी FIR राकेश हत्याकांड के खुलासे के लिए मुजफ्फरपुर के तत्कालीन SSP जयकांत ने 21 सदस्यीय टीम का गठन किया था। सुभाष के कबूलनामा के बाद मुजफ्फरपुर के सिकन्दरपुर ओपी के तत्कालीन प्रभारी हरेंद्र कुमार ने उसकी निशानदेही पर कपड़े और बिस्तर को बरामद किया था। हरेंद्र कुमार ने बताया था कि सुभाष के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, जिसके आधार पर उसके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। हालांकि, हत्याकांड की जांच के दौरान और FIR के अनुसार राकेश सहनी की हत्या में पत्नी राधा, साली कृष्णा और साढू विकास की भी संलिप्तता सामने आई थी। लेकिन, इनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला था। 19 सितंबर को राकेश के भाई दिनेश सहनी की ओर से दर्ज कराई गई FIR के आधार पर मुख्य आरोपी सुभाष और मृतक राकेश की पत्नी को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में पता लगा कि सुभाष और राकेश की पत्नी का अवैध सम्बन्ध है। इसी का विरोध करने पर राकेश की हत्या कर दी गयी। बाद में पुलिस ने PR बांड पर मृतक की पत्नी को छोड़ दिया था और सुभाष को जेल भेजा था। प्रेमिका के पति की हत्या करने के दोषी सुभाष को उम्रकैद, 50 हजार जुर्माना प्रेमिका के पति की हत्या करने के बाद शव के टुकड़े कर केमिकल से नष्ट करने के मामले में सोमवार को दोषी सुभाष शर्मा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। शहर के बालूघाट निवासी सुभाष को हत्या की धारा में उम्रकैद व 50 हजार रुपए जुर्माना और शव छिपाने की धारा में तीन साल व पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। दोनों धाराओं में जुर्माना नहीं चुकाने पर छह- छह माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा। तीन फरवरी को एडीजे-16 ने नगर थाना क्षेत्र के बालूघाट निवासी 30 वर्षीय राकेश सहनी की हत्या के मामले में स्थानीय सुभाष शर्मा को दोषी पाया था। ‘राकेश से मेरी बचपन की दोस्ती थी। 5 साल पहले शराबबंदी के बाद राकेश के साथ मिलकर मैंने शराब का धंधा शुरू किया। 2020 में सिकन्दरपुर पुलिस ने राकेश को शराब मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। शराब के कारोबार को लेकर राकेश और उसकी पत्नी राधा के बीच जमकर झगड़ा होता था। जेल से छूटने के बाद राकेश कमाने के लिए दिल्ली चला गया। मैं राकेश के घर आने जाने लगा, इस दौरान मेरी राधा से नजदीकियां बढ़ गईं। हम दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने, साथ जीने-मरने की कसमें खा लीं। 11 सितंबर को राधा के कहने पर राकेश दिल्ली से आया। 2 दिन बाद यानी 13 सितंबर 2021 को मैंने राकेश की हत्या कर दी।’ मुजफ्फरपुर के मुशहरी प्रखंड के बालूघाट में राकेश हत्याकांड के दोषी सुभाष ने पुलिस के सामने कबूलनामे में ये बात कही थी। इसी बयान और मौके के सबूत के आधार पर कोर्ट ने सुभाष को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सुभाष और राधा के बीच अफेयर की शुरुआत कैसे हुई? सुभाष ने अपने दोस्त राकेश की हत्या कैसे की? हत्या का खुलासा कैसे हुआ? सुभाष ने अपने कबूलनामे में क्या कहा, जो कोर्ट में रखा गया? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले वारदात वाली रात की कहानी जानिए राकेश हत्याकांड के दोषी सुभाष ने बताया था मेरी प्रेमिका और राकेश की पत्नी राधा ने तीज के बहाने अपने पति को 11 सितंबर को दिल्ली से मुजफ्फरपुर बुलाया था। राकेश दिल्ली से लौटा तो उसने पत्नी और बच्चों को बालूघाट वाले कमरे से हटाकर सिकन्दरपुर में नए किराए के मकान में शिफ्ट कर दिया। लेकिन बालूघाट वाला कमरा खाली नहीं किया था, क्योंकि इस कमरे में शराब की खेप रखकर दुबारा शराब का कारोबार शुरू करने की प्लानिंग थी। सुभाष के मुताबिक, मैंने बालूघाट के श्रीराम जयराम मंदिर के पीछे तीन फ्लोर वाले मकान के ऊपरी कमरे को किराए पर लिया था। यहां से थोड़ी दूर पर राकेश का पुराना मकान था, जहां से हम लोगों को दोबारा शराब का कारोबार शुरू करना था। दोषी ने बताया था कि 13 सितंबर की रात मैं अपने कमरे में था। मैंने सुभाष को बुलाया और हम दोनों ने एक साथ खाना खाया और फिर मैंने राकेश को जमकर शराब पिलाई। राकेश बिल्कुल बेसुध हो गया तो मैंने भाला से उसके गर्दन को गोद दिया। गर्दन से खून बहने लगा और राकेश छटपटाने लगा। इसके बाद मैंने उसके गर्दन को एक तौलिया से कसकर बांध दिया, थोड़ी देर बाद उसकी मौत हो गई। राकेश की मौत के बाद मैंने घर में रखे दबिया (धारदार हथियार) से उसके सिर और धड़ को अलग कर दिया। फिर दोनों पैरों और हाथों को काटकर अलग कर दिया। इसके बाद राकेश के शरीर और गर्दन को घर में रखे नीले ड्रम में रख दिया। राकेश के पैर और हाथ के टुकड़ों को नदी में फेंका सुभाष ने बताया था कि राकेश की हत्या के बाद मैं स्कूटी से खून से सने बिस्तर, तौलिया, राकेश के कपड़े, हाथ-पैर के टुकड़ों को लेकर संगम घाट नदी पर पहुंचा। नदी में राकेश के हाथ-पैर के टुकड़ों को फेंक दिया। फिर बिस्तर और कपड़ों को हल्की मिट्टी खोदकर गाड़ दिया। अपने कबूलनामा में सुभाष ने पूरा इल्जाम अपने सिर ले लिया। इसमे राकेश की पत्नी राधा, उसकी साली कृष्णा और साढ़ू विकास का कोई जिक्र नहीं किया। अब जानिए सुभाष और राधा के बची अफेयर कैसे हुआ? सुभाष के मुताबिक, राकेश बचपन का दोस्त था। हम दोनों की शादी हो चुकी थी और हम दोनों पत्नी और बच्चों के साथ अलग-अलग मकान में रहते थे। चूंकि राकेश के साथ मिलकर मैं शराब का कारोबार करता था, लिहाजा मेरा उसके घर आना जाना लगा रहता था। शराब के केस में पकड़े जाने और फिर छूटने के बाद राकेश दिल्ली चला गया। घर पर पत्नी और बच्चे अकेले रहते थे। राकेश मुझे कॉल करके पत्नी और बच्चों का ख्याल रखने को कहता था। मैं लगातार राकेश के कमरे पर जाता रहता था। सुभाष के मुताबिक, राकेश के कमरे पर आने जाने के दौरान मेरा राकेश की पत्नी राधा से अफेयर शुरू हो गया। मैं देर रात तक राकेश की पत्नी के साथ रहता था। इसकी जानकारी राकेश को हो गई। फिर राकेश और राधा के बीच फोन पर झगड़ा भी हुआ। जब मुझे झगड़े की बात पता चली और ये जानकारी हुई कि अफेयर के बारे में राकेश को पता चल गया है। फिर मैंने उसकी हत्या की प्लानिंग की। राधा को मैंने कहा कि तीज के मौके पर राकेश को बुला लो, उसे यकीन दिलाओ कि हमारे बीच ऐसा कुछ नहीं है। फिर 11 सितंबर को राकेश मुजफ्फरपुर आया। दो दिनों बाद मैंने उसकी हत्या कर दी। हत्या के 5 दिन बाद कारोबारी सुनील शर्मा के घर में हुआ था धमाका हत्या के 5 दिनों के बाद यानी 18 सितंबर की रात बालूघाट में किताब कारोबारी सुनील शर्मा के मकान में जोरदार धमाका हुआ था। जिस कमरे में ब्लास्ट हुआ था, उस कमरे को सुभाष ने किराए पर लिया था। धमाके की सूचना के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो देखा कि कमरे में मलबा बिखरा है, मलबे में एक शख्स की डेडबॉडी भी है। तत्काल पुलिस ने FSL की टीम को जांच के लिए बुलाया था। कमरे से विस्फोट के कुछ अवशेष मिले थे। जिससे पता लगा कि ये केमिकल ब्लास्ट है। छानबीन में पता चला कि राकेश की हत्या करने के बाद लाश के 10 टुकडे किए गए, जिसके बाद टुकड़ों को नीले रंग के एक ड्रम में रखा गया। लाश को गलाने के लिए ड्रम में यूरिया, नमक और फिनाइल डाला गया है। नीले ड्रम के अगरबत्ती के संपर्क में आने से हुआ था धमाका जांच में सामने आया था कि कमरे से बदबू न आए, इसके लिए सुभाष ने कमरे में अगरबत्ती जलाई थी। जब वो घर से निकलता था तो अगरबत्ती जला देता था। कमरे से बदबू बाहर न जाए, इसलिए खिड़की और दरवाजे में कपड़े भी ठूंस दिए थे, जिससे कमरे में केमिकल के मिश्रण से निकलने वाली गैस भर गई थी। 18 सितंबर की रात कमरे से निकला तो अगरबत्ती जला दी। उधर, नीले ड्रम में यूरिया, नमक और फिनाइल के मिश्रण से गैस निकलने लगी। कमरे में जलने वाली अगरबत्ती के सम्पर्क में आने से इस गैस से जोरदार धमाका हो गया। धमाके के बाद कमरे में लगी थी आग, काबू पाने के बाद हत्या का खुला था राज बालूघाट के श्रीराम जयराम मंदिर के पीछे तीन फ्लोर वाले मकान के ऊपरी कमरे में धमाका हुआ था। ब्लास्ट के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई। फ्लैट के आसपास रह रहे लोग घरों से निकलकर सड़क की ओर दौड़ पड़े थे। इस बीच पुलिस को भी सूचना दी गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि पूरा इलाका व बिल्डिंग हिल गया। लोगो ने कहा कि ऐसा लगा जैसे भूकम्प आ गया हो। घर से भागकर बाहर निकले तो पड़ोसी के फ्लैट में आग लगी थी। घटना के बाद घर के शीशे टूट गए थे। मकान मालिक सुनील शर्मा ने पुलिस को बताया कि एक महीने पहले कर्पूरी नगर के सुभाष कुमार ने किराए पर कमरा लिया था। उसने कहा था कि बाढ़ का पानी घर में घुस गया है। इसकी वजह से वह कुछ दिनों तक फ्लैट में रहेगा। पानी कम होने के बाद अपने घर वापस चला जाएगा। फिर, वह अपने दो बच्चे व पत्नी के साथ रहने लगा। कुछ दिनों बाद उसकी साली और साढू भी आकर रहने लगे। एक माह का किराया भी उसने छह हजार रुपए ऑनलाइन पेमेंट किया है। बीते तीन दिनों से रात में वह घर खाली कर रहा था। शव किसका है, उनको जानकारी नहीं है। 6 दिनों से राकेश का कुछ पता नहीं चल रहा था, पत्नी बोली- वे बाहर गए हैं मृतक राकेश सहनी का 13 सितंबर से कुछ पता नहीं चल रहा था। दिनेश ने पुलिस को बताया कि राकेश 6 दिन से घर से लापता थे। दिनेश की पत्नी राकेश को खोजते हुए बालूघाट वाले कमरे पर पहुंची। यहां राकेश की पत्नी राधा ने बातों में उलझाकर दिनेश की पत्नी को लौटा दिया। इसके बाद राधा सुभाष के कमरे पर पहुंची। राधा के पूछने पर सुभाष ने उसे बताया कि राकेश काेलकाता चला गया है, क्याेंकि पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए फिर से छापेमारी करने वाली थी। यह भी कहा कि राकेश ने माेबाइल बंद कर दिया है, ताकि पुलिस उसे ट्रेस नहीं कर सके। कुछ दिनाें बाद वह खुद संपर्क करेगा। राकेश के भाई दिनेश सहनी ने दर्ज कराई थी FIR राकेश हत्याकांड के खुलासे के लिए मुजफ्फरपुर के तत्कालीन SSP जयकांत ने 21 सदस्यीय टीम का गठन किया था। सुभाष के कबूलनामा के बाद मुजफ्फरपुर के सिकन्दरपुर ओपी के तत्कालीन प्रभारी हरेंद्र कुमार ने उसकी निशानदेही पर कपड़े और बिस्तर को बरामद किया था। हरेंद्र कुमार ने बताया था कि सुभाष के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं, जिसके आधार पर उसके खिलाफ चार्जशीट दायर की गई है। हालांकि, हत्याकांड की जांच के दौरान और FIR के अनुसार राकेश सहनी की हत्या में पत्नी राधा, साली कृष्णा और साढू विकास की भी संलिप्तता सामने आई थी। लेकिन, इनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला था। 19 सितंबर को राकेश के भाई दिनेश सहनी की ओर से दर्ज कराई गई FIR के आधार पर मुख्य आरोपी सुभाष और मृतक राकेश की पत्नी को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में पता लगा कि सुभाष और राकेश की पत्नी का अवैध सम्बन्ध है। इसी का विरोध करने पर राकेश की हत्या कर दी गयी। बाद में पुलिस ने PR बांड पर मृतक की पत्नी को छोड़ दिया था और सुभाष को जेल भेजा था। प्रेमिका के पति की हत्या करने के दोषी सुभाष को उम्रकैद, 50 हजार जुर्माना प्रेमिका के पति की हत्या करने के बाद शव के टुकड़े कर केमिकल से नष्ट करने के मामले में सोमवार को दोषी सुभाष शर्मा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। शहर के बालूघाट निवासी सुभाष को हत्या की धारा में उम्रकैद व 50 हजार रुपए जुर्माना और शव छिपाने की धारा में तीन साल व पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। दोनों धाराओं में जुर्माना नहीं चुकाने पर छह- छह माह अतिरिक्त जेल में रहना होगा। तीन फरवरी को एडीजे-16 ने नगर थाना क्षेत्र के बालूघाट निवासी 30 वर्षीय राकेश सहनी की हत्या के मामले में स्थानीय सुभाष शर्मा को दोषी पाया था।  

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