Heart Palpitations Symptoms : हार्ट पल्पिटेशन यानि धड़कनों का तेज होना। कई बार कुछ लोगों को महसूस होता है कि उनकी धड़कन तेजी से धड़क रही है या भाग रही है। जब दिल इस तरह के संकेत देता है तो इसका क्या मतलब है। क्या ये खतरनाक है या फिर इससे मौत हो सकती है? इस तरह के सवालों का जवाब अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के एक्सपर्ट्स ने अपने ब्लॉग में शेयर किया है।
Heart palpitations meaning | दिल की धड़कन तेज होने का मतलब
डर्हम, नॉर्थ कैरोलिना में ‘ड्यूक हेल्थ’ के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. लैरी आर. जैक्सन कहते हैं, “दिल की धड़कन तेज होने के व्यापक शब्द के भीतर कई तरह की बीमारियां या स्थितियां हो सकती हैं।” एक कार्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट के रूप में, वे हृदय की लय (Heart Rhythm) के विकारों का अध्ययन करते हैं।
वे कहते हैं कि इसके संभावित कारणों की लंबी लिस्ट को देखते हुए, “आप सीधे किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकते।”
दिल की धड़कन तेज होना क्या है?
डॉ. जैक्सन बताते हैं, लोग इसे धड़कन का तेज होना, जोर-जोर से धड़कना, फड़फड़ाहट या धड़कन के ‘छूट जाने’ (Skipped beats) के रूप में बयां करते हैं। यह अक्सर छाती में महसूस होता है। ये छाती के अलावा गर्दन या गले में भी महसूस किया जा सकता है। यह अहसास दिल के सामान्य से धीमे, तेज या अधिक जोर से धड़कने के कारण हो सकता है। साथ ही यह कुछ सेकंड, मिनट या उससे अधिक समय के लिए भी रह सकता है।
दिल की धड़कन तेज होने के कारण क्या हैं?
डॉ. जैक्सन बताते हैं कि इसके कई ट्रिगर्स हो सकते हैं। ये पर्सन टू पर्सन अलग-अलग हो सकता है-
- तनाव, चिंता, व्यायाम, अत्यधिक कैफीन या शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम, पोटेशियम या मैग्नीशियम) की गड़बड़ी हो सकती है।
- बंद नाक खोलने वाली दवाएं (Decongestants), अस्थमा और ADHD के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाएं, भी इसे ट्रिगर कर सकती हैं।
- यह दिल की लय की असामान्य स्थिति है, जैसे ‘एट्रियल फिब्रिलेशन’ (AFib) या ‘वेंट्रिकुलर टैचीकार्डिया’। ये गंभीर मेडिकल स्थितियां हैं जिनका इलाज जरूरी है।
क्या यह गंभीर है?
ज्यादातर मामलों में यह गंभीर नहीं होता, लेकिन इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए। उदाहरण के लिए, यदि ‘AFib’ का इलाज न किया जाए, तो स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। यदि आपको छाती में बेचैनी, सांस लेने में तकलीफ, मतली या हार्ट अटैक के अन्य लक्षण महसूस हों, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
इसके लिए क्या जांच कराएं
- खून की जांच: इससे थायराइड की समस्या, एनीमिया या इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का पता चलता है।
- ईसीजी या ईकेजी (ECG/EKG): यह दिल की लय के विकारों को पकड़ने में मदद करता है।


