Heart Health: ज्यादातर लोग सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलने को अपनी कमजोरी या थकान मान लेते हैं, लेकिन असल में यह हमारे दिल की सेहत से जुड़ा एक बड़ा इशारा होता है। हार्ट एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब हम ऊपर की तरफ चढ़ते हैं, तो हमारी मांसपेशियों (Muscles) को अचानक बहुत ज्यादा ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। इसे पूरा करने के लिए हमारा दिल तेजी से धड़कने लगता है और पूरे शरीर में खून पंप करता है। वैसे तो यह प्रक्रिया बिल्कुल नॉर्मल है, लेकिन आपके रुकने के बाद आपका हार्ट कितनी जल्दी वापस नॉर्मल होता है। इसी से आप अपने दिल की सेहत का पता लगा सकते हैं। आज के लेख में आइए, डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल गोरखपुर में तैनात कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर रोहित गुप्ता से जानते हैं कि सीढ़ियां चढ़ने के बाद सांस के नॉर्मल होने की रफ्तार से हार्ट हेल्थ का कैसे पता चलता है।
रिकवरी की रफ्तार से जानें अपनी सेहत
डॉक्टर रोहित गुप्ता के अनुसार, दिल की रिकवरी की स्पीड को हार्ट रेट रिकवरी कहते हैं। अगर आपका दिल और फेफड़े पूरी तरह फिट हैं, तो सीढ़ियां चढ़ना बंद करने के 1 से 2 मिनट के भीतर आपकी सांसें और धड़कन वापस सामान्य हो जानी चाहिए। लेकिन, अगर आपको नॉर्मल महसूस करने में इससे कहीं ज्यादा समय लग रहा है, तो यह संकेत हो सकता है कि आपकी धमनियां (Arteries) सख्त हो रही हैं या दिल की पंप करने की क्षमता कम हो रही है। कई बार दिल की गंभीर बीमारी होने से कई साल पहले ही शरीर धीमी रिकवरी के जरिए ऐसे संकेत देने लगता है।
क्या होता है जब रिकवरी धीमी हो जाए?
रिकवरी की धीमी रफ्तार का मतलब है कि आपके शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सिस्टम सही से काम नहीं कर पा रहा है। स्वस्थ शरीर में ऑक्सीजन मांसपेशियों तक जल्दी पहुंचती है और वहां से गंदा खून और वेस्ट मटेरियल जल्दी साफ हो जाता है। लेकिन अगर हार्ट की मांसपेशियां कमजोर हैं या खून की नलियों में कोई रुकावट है, तो इस पूरी प्रक्रिया में देरी होने लगती है। यही कारण है कि सीढ़ियां चढ़ने के काफी देर बाद तक आप बहुत थका हुआ या कमजोर महसूस करते हैं। यह धीमी रिकवरी आगे चलकर हार्ट अटैक या ब्लॉकेज जैसी समस्याओं का शुरुआती ‘वॉर्निंग साइन’ हो सकती है।
इन लक्षणों पर दें खास ध्यान
हर बार सांस फूलना बीमारी नहीं होती, कभी-कभी शरीर में पानी की कमी या एक्सरसाइज न करने की आदत से भी ऐसा होता है। लेकिन अगर आपको सीढ़ियां चढ़ते ही सीने में भारीपन, दबाव, या चक्कर आने जैसा महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें। इसके अलावा, अगर आपकी सांसें रुकने के 5-10 मिनट बाद भी नॉर्मल नहीं हो रही हैं, तो यह सीधे तौर पर दिल की कमजोरी की ओर इशारा करता है। ऐसी स्थिति में समय रहते डॉक्टर से मिलकर ECG या ईको (Echocardiography) जैसे टेस्ट कराना समझदारी है।
दिल को मजबूत रखने के आसान तरीके
दिल को हेल्दी रखना बहुत मुश्किल नहीं है, बस आप अपनी डेली रुटिन में कुछ छोटे-छोटे बदलाव कर अपने दिल को हेल्दी रख सकते हैं।
सीढ़ियों का इस्तेमाल
लिफ्ट के बजाय सीढ़ियां चढ़ें, यह दिल के लिए सबसे अच्छी एक्सरसाइज है।
सैर और डाइट
रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें और खाने में ताजे फल-सब्जियों को जरुर शामिल करें।
स्मोकिंग छोड़ें
अगर आप स्मोकिंग करते हैं, तो इसे छोड़ना आपके दिल के हेल्थ के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
तनाव कम करें
मानसिक शांति और कम तनाव हार्ट हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है।


