Heart Attack Risk: ओरल हाइजीन भले ही रोजमर्रा की एक छोटी-सी आदत लगे, लेकिन इसे नजरअंदाज करना आपकी सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है और यह नुकसान सिर्फ दांतों तक सीमित नहीं रहता। इंस्टाग्राम पर कंटेंट क्रिएटर और एनेस्थीसियोलॉजी व इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन फिजिशियन डॉ. कुनाल सूद ने बताया कि रात को ब्रश न करना दिल की सेहत के लिए भी खतरनाक हो सकता है। एक वायरल दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि सोने से पहले दांत साफ न करने से कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का जोखिम बढ़ सकता है, क्योंकि अच्छी ओरल हाइजीन दिल को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाती है।
मुंह के बैक्टीरिया और दिल का कनेक्शन
विशेषज्ञों के अनुसार, रात में ब्रश न करने से दांतों पर जमा प्लाक और बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं। ये बैक्टीरिया टॉक्सिन छोड़ते हैं, जो खून के जरिए शरीर में फैलकर सूजन बढ़ा सकते हैं। लंबे समय तक बनी यह सूजन नसों को नुकसान पहुंचाती है और धमनियों में फैट जमने का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि एक दिन ब्रश न करना सीधे हार्ट डिजीज नहीं बनाता, लेकिन लगातार खराब ओरल हाइजीन दिल की सेहत के लिए जोखिम जरूर बढ़ा सकती है।
ज्यादा ब्रश करने वालों का दिल क्यों रहता है स्वस्थ?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग दिन में दो से तीन बार ब्रश करते हैं और समय-समय पर डेंटल चेकअप कराते हैं, उनमें दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा तुलनात्मक रूप से कम देखा गया है।अच्छी ओरल हाइजीन से न सिर्फ मसूड़ों की बीमारी, दांतों का गिरना या संक्रमण कम होता है, बल्कि शरीर में सूजन का स्तर भी नियंत्रित रहता है। यही वजह है कि डॉक्टर इसे दिल की सेहत के लिए सबसे आसान और सुलभ उपायों में से एक मानते हैं।
अपनी हार्ट हेल्थ का आकलन कैसे करें?
किसी भी व्यक्ति की दिल से जुड़ी सेहत केवल एक ही वजह पर निर्भर नहीं करती, बल्कि इसके पीछे कई अहम फैक्टर काम करते हैं जैसे ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर का स्तर, परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास, साथ ही खान-पान, एक्सरसाइज और स्मोकिंग जैसी रोजमर्रा की आदतें। इसी पूरी तस्वीर में ओरल केयर भी एक जरूरी कड़ी है। मसूड़ों की बीमारी को रोककर और मुंह में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया को कंट्रोल में रखकर शरीर में होने वाली अनावश्यक सूजन को कम किया जा सकता है, जो आगे चलकर दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद करती है।
व्यस्त लाइफस्टाइल में ओरल हाइजीन कैसे बनाए रखें?
- दिन में कम से कम दो बार दो मिनट तक ब्रश करें।
- अगर संभव हो तो लंच के बाद हल्का ब्रश या कुल्ला।
- रात में सोने से पहले फ्लॉस या इंटरडेंटल ब्रश का इस्तेमाल।
- ऑफिस बैग में ट्रैवल टूथब्रश और पेस्ट रखें।
- हर छह महीने में एक बार डेंटिस्ट से जांच जरूर कराएं।


