1 इंजेक्शन से हार्ट अटैक के मरीज को नई जिंदगी! वैज्ञानिकों का दावा- ऑपरेशन की नहीं पड़ेगी नौबत

1 इंजेक्शन से हार्ट अटैक के मरीज को नई जिंदगी! वैज्ञानिकों का दावा- ऑपरेशन की नहीं पड़ेगी नौबत

Heart Attack Injection News : दिल के मरीजों के लिए ये खुशखबरी की तरह है! खासकर, हार्ट अटैक आने के बाद मरीजों को सिर्फ एक इंजेक्शन देकर ठीक किया जा सकेगा। टेक्सास ए एंड एम, कोलिंबिया और ऑक्सफॉर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने मिलकर हार्ट अटैक का नया इंजेक्शन तैयार किया है। टीम का दावा है कि इस इंजेक्शन से मरीज को नई जिंदगी मिल सकती है। साथ ही छाती के ऑपरेशन की जरुरत भी खत्म हो जाएगी।

बांह पर लगेगा हार्ट अटैक का ये इंजेक्शन

टेक्सास ए एंड एम यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर और उनके साथियों ने दिल को ठीक करने वाला एक खास इंजेक्शन तैयार किया है। जिन लोगों को हार्ट अटैक आता है, उनकी बांह पर ये इंजेक्शन लगाकर हफ्तों तक दिल को ठीक करने में मदद मिल सकती है।

हार्ट अटैक का इंजेक्शन कैसे काम करता है?

जब किसी को हार्ट अटैक आता है, तो दिल को काफी नुकसान पहुंचता है और उस पर दबाव बढ़ जाता है। हमारा शरीर इस दबाव को कम करने के लिए ANP नाम का एक प्राकृतिक हार्मोन बनाता है। लेकिन शरीर इसे बहुत कम मात्रा में बनाता है, जो पूरी तरह ठीक होने के लिए पर्याप्त नहीं होता।

ऐसे में यह नया इंजेक्शन शरीर को एक खास निर्देश देगा जिसके बाद ये हार्मोन बनने लगेगा। बता दें, यह हार्मोन खून के जरिए दिल तक पहुंचता है, उसका तनाव कम करता है और उसे खुद को ठीक करने में मदद करता है।

इस इंजेक्शन में नया क्या है?

प्रोफेसर हुआंग के अनुसार, यह दिल की अपनी रक्षा प्रणाली को मजबूती देने जैसा है। इस इंजेक्शन में saRNA नाम की एक आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है:

  • यह कोशिकाओं को निर्देश देता है कि वे जरूरी हार्मोन बनाएं।
  • यह तकनीक अपनी खुद की कॉपी बना सकती है, जिससे कम खुराक में भी लंबे समय तक फायदा मिलता है।
  • सिर्फ एक बार इंजेक्शन लगाने से इसका असर कई हफ्तों तक रहता है।

अक्सर हार्ट अटैक के बाद दिल की मांसपेशियां बेहद कमजोर हो जाती हैं। फिलहाल ऐसी कोई दवा नहीं है जो इसे पूरी तरह रोक सके। यह इंजेक्शन उसी कमी को पूरा करेगा।

हार्ट अटैक का नया इंजेक्शन कब तक मिलेगा?

फिलहाल, कोलंबिया और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता इस पर और आगे के लिए काम कर रहे हैं। इंसानों पर इसके परीक्षण शुरू होने से पहले इसकी सुरक्षा और सही मात्रा की जांच की जा रही है। अगर सब ठीक रहा, तो यह हार्ट अटैक के इलाज का एक क्रांतिकारी तरीका साबित होगा।

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