Heart Attack due to Gas Acidity Ki Dawa : अक्सर मेडिकल स्टोर वाला भी कह देता है कि गैस (एसिडिटी) की दवा सुबह खाली पेट खा लें, ठीक हो जाएगा। कई लोग ऐसा लंबे समय से करते आते हैं। हैदराबाद के डॉ. सैयद कमर अली (कार्डियोलॉजिस्ट) ने एक रियल स्टोरी शेयर की है। बताया है कि एक 35 साल की महिला मरीज हर सुबह खाली पेट गैस की दवा (Pantoprazole) खा रही थी और एक दिन उसे हार्ट अटैक आया।
वो कहते हैं कि वह अपनी दवा कभी नहीं भूलती थी। हर सुबह खाली पेट वो पेंटोप्राजोल (Pantoprazole) स्ट्रिप से दवा निकाल के खाती थी। क्योंकि उसे लगता था कि एसिडिटी एक मामूली सी बात है। उसे ये भी सलाह दी गई थी कि खाने से ठीक हो जाएगी।
जब वह 35 की हुई, तो उसके स्वभाव और शरीर में बदलाव आने लगा। यह बदलाव अचानक नहीं था, बल्कि बहुत धीमा और खतरनाक बदलाव था।
- उसे उदासी महसूस होती तो उसने सोचा, “शायद काम का तनाव है।”
- वह हर वक्त थकी रहती- उसने कहा, “वर्क प्रेशर ज्यादा है।”
- चीजों में उसकी दिलचस्पी खत्म होने लगी, उसे लगा यह “बर्नआउट” है।
- हाथों-पैरों में झुनझुनी होने लगी, उसने इसे “एंग्जायटी” का नाम दे दिया।
गैस की दवा का खतरनाक असर!
पर सच तो ये था कि सालों तक एसिड को दबाने वाली इन दवाओं ने पेट के उस एसिड को खत्म कर दिया था, जो विटामिन B12 को सोखने के लिए जरूरी होता है। गैस की दवा के कारण सालों का एसिड सप्रेशन, विटामिन B12 का गिरता स्तर, नसों पर असर, मूड में बदलाव और शरीर में ‘होमोसिस्टीन’ (Homocysteine) का बढ़ना। ये सब उस दवा के कारण हो रहा था जो बिना सोचे समझे महिला खा रही थी।
वो इस बात पर जोर देते हुए लिखे हैं, विटामिन B12 की कमी कभी शोर मचाकर नहीं आती। यह डिप्रेशन का नाटक करती है, यह एंग्जायटी की नकल करती है और चुपचाप नसों को डैमेज करती रहती है।
वह दिल का दौरा… जो अचानक नहीं था
कुछ लोगों में, लंबे समय तक विटामिन B12 की कमी कार्डियोवैस्कुलर (दिल की बीमारियों) के जोखिम को बढ़ा देती है। उसका हार्ट अटैक अचानक नहीं आया था। यह उन सालों का नतीजा था जब उसे बार-बार कहा गया:
- “आपकी रिपोर्ट्स नॉर्मल हैं।”
- “बस टैबलेट जारी रखें।”*
- “एसिडिटी तो आम बात है।”
पेंटोप्राजोल ने उसे रातों-रात बीमार नहीं किया। लेकिन बिना किसी मॉनिटरिंग के इसके लंबे समय तक इस्तेमाल ने एक ऐसी कमी (Deficiency) को जन्म दिया जिसे किसी ने नोटिस नहीं किया। बता दें, लाखों लोग रोज एसिडिटी की दवाएं लेते हैं। बहुत कम लोगों को बताया जाता है कि उन्हें क्या चेक करवाते रहना चाहिए। उससे भी कम लोगों को B12 के बारे में चेतावनी दी जाती है।
डॉक्टर की सलाह
- B12 की कमी के वे शुरुआती संकेत जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
- अगर आप PPIs (पेंटोप्राजोल आदि) ले रहे हैं, तो आपको B12 टेस्ट कब और क्यों करवाना चाहिए?
डॉ. अली ने जो बात सोशल मीडिया पर शेयर की है उससे ये समझना है कि कभी भी दवा को बिना किसी डॉक्टरी सलाह के ना लें। विटामिन की कमी को भी नजरअंदाज ना करें। कुल मिलाकर डॉक्टर के सलाह से ही किसी भी तरह का इलाज कराना सबसे सही होता है।


