शीतलहर से हार्ट और सांस के मरीज बढ़े:हाथरस में जिला अस्पताल में 100 से अधिक मरीज पहुंचे, चार की मौत

शीतलहर से हार्ट और सांस के मरीज बढ़े:हाथरस में जिला अस्पताल में 100 से अधिक मरीज पहुंचे, चार की मौत

हाथरस में शीतलहर के कारण सांस और दिल की बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 100 से अधिक ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ न होने के कारण गंभीर मरीजों को इलाज मिलना मुश्किल हो रहा है, जिससे उन्हें अन्यत्र रेफर करना पड़ रहा है। जिले में पिछले दो दिनों में चार लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है। पुरदिलनगर में बिजली विभाग के एक कैशियर की दो दिन पहले हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। इसके अलावा, मुरसान कोतवाली क्षेत्र के गांव मगरिया निवासी देवेंद्र की खेत पर काम करते समय, शहर के विवेकानंद निवासी भूरी सिंह की और गांव परसारा निवासी नवनीत की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई। मंगलवार को भी जिला अस्पताल की ओपीडी में इन बीमारियों से संबंधित 100 से अधिक मरीज पहुंचे। सर्दी बढ़ने के साथ संक्रामक रोगों के मरीजों की संख्या में कमी आई है, लेकिन दिल और सांस के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। एक माह पहले जहां प्रतिदिन 20 से 50 मरीज सांस की बीमारी के आते थे, वहीं अब यह संख्या 100 से अधिक हो गई है। सर्दी से करें अपना बचाव… अधिकांश मरीजों को सीने में दर्द और सांस फूलने की समस्या हो रही है। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. वरुण चौधरी ने बताया कि ठंड में नसें सिकुड़ने लगती हैं, जिससे सांस के मरीजों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं और ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है। उन्होंने विशेषकर बुजुर्गों और पहले से बीमार मरीजों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉ. कुमार के अनुसार, ठंड से बचाव के लिए सिर, हाथ और पैरों को अच्छी तरह ढककर रखना चाहिए। हृदय और ब्लड प्रेशर के मरीजों को सुबह घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और नियमित रूप से अपने ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहना चाहिए।

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