लखनऊ की MP-MLA कोर्ट में राहुल गांधी मामले की सुनवाई:कथित ब्रिटिश नागरिकता पर दूसरे दिन याचिकाकर्ता ने दो घंटे रखे दस्तावेज और तर्क

लखनऊ की MP-MLA कोर्ट में राहुल गांधी मामले की सुनवाई:कथित ब्रिटिश नागरिकता पर दूसरे दिन याचिकाकर्ता ने दो घंटे रखे दस्तावेज और तर्क

लखनऊ की स्पेशल MP-MLA कोर्ट में राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता से जुड़े आपराधिक प्रकरण में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सुनवाई हुई। यह मामला रायबरेली की स्पेशल MP-MLA कोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश पर स्थानांतरित होकर यहां पहुंचा है। अदालत ने विस्तृत बहस के बाद मामले की सुनवाई बुधवार के लिए स्थगित कर दी। स्पेशल कोर्ट में जारी रही आपराधिक वाद की सुनवाई मंगलवार 6 जनवरी 2026 को लखनऊ स्थित माननीय स्पेशल MP-MLA कोर्ट में क्रिमिनल मिस केस, जिसे अब पुनः क्रमांक 31/2026 दिया गया है, की सुनवाई हुई। इस प्रकरण की सुनवाई माननीय न्यायाधीश आलोक वर्मा की अदालत में की जा रही है। याचिकाकर्ता ने स्वयं रखे तर्क और दस्तावेज मामले में याचिकाकर्ता व शिकायतकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने स्वयं अदालत में पेश होकर करीब दो घंटे तक अपने तर्क रखे। उन्होंने अदालत के समक्ष यह दावा किया कि राहुल गांधी और ‘रॉल विन्ची’ एक ही व्यक्ति हैं, और इसके समर्थन में विभिन्न दस्तावेजों का हवाला दिया। पहले दिन पेश किए गए अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड सोमवार 5 जनवरी को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया कि यूके के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड, बार्कलेज बैंक में रॉल विन्ची के नाम से कथित खाता, वर्ष 2004 के अमेठी लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी के शपथ पत्र, नागरिकता अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम से जुड़े तथ्यों को अदालत के समक्ष रखा गया था। यूके होम ऑफिस और भारत सरकार के पत्रों का हवाला मंगलवार की सुनवाई में याचिकाकर्ता ने यूके सरकार के होम ऑफिस के वीज़ा एंड इमिग्रेशन विभाग से प्राप्त ई-मेल, वीज़ा से जुड़े दस्तावेज और इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के पूर्व निर्देशों की व्याख्या की। इसके साथ ही गृह मंत्रालय, नागरिकता शाखा और विदेशी प्रभाग से हुए कथित पत्राचार का भी उल्लेख किया गया। एफआईआर दर्ज कराने की मांग याचिका में अदालत से राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने पासपोर्ट अधिनियम, विदेशी अधिनियम, आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध होने का दावा किया है। बुधवार को फिर होगी सुनवाई अदालत ने दोनों दिनों की दलीलों को सुनने के बाद मामले की आगे की सुनवाई के लिए 7 जनवरी 2026 की तारीख तय की है। अब अगली सुनवाई में याचिकाकर्ता की दलीलों की निरंतरता और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर चर्चा होगी।

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