नालंदा जिले के 11 प्रखंडों में फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक रणनीति तैयार की है। 10 फरवरी से शुरू होने वाले 5 दिवसीय सर्वजन दवा सेवन अभियान (एमडीए) के तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर पहुंचकर लोगों को फाइलेरियारोधी दवाएं उपलब्ध कराएंगे। यह अभियान 14 फरवरी तक चलेगा, जिसके बाद 3 दिन तक विशेष बूथों पर भी दवा वितरण की व्यवस्था की जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह और एसीएमओ डॉ. राममोहन सहाय ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि लगातार 5 वर्षों तक प्रतिवर्ष एक डोज दवा लेने से फाइलेरिया जैसी लाइलाज समझी जाने वाली बीमारी से बचाव संभव है। उन्होंने इस अभियान को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए जनता से सहयोग की अपील की। सिविल सर्जन ने कहा कि फाइलेरिया दिव्यांगता बढ़ाने वाली सबसे बड़ी बीमारियों में से एक है। इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को जीवनभर सूजन, दर्द और शारीरिक अक्षमता का सामना करना पड़ता है। समय पर रोकथाम ही इसका एकमात्र उपाय है। विशेष सावधानियां और छूट स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गर्भवती महिलाओं, 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी। इस संबंध में विशेष निर्देश जारी किए गए हैं और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण के दौरान इन बातों पर विशेष बल दिया गया है। ट्रेनर डॉ. सुपर्णा टाट ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विस्तृत माइक्रोप्लान तैयार किया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से काम कर सकें। सामूहिक भागीदारी की अपील सिविल सर्जन ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन तभी संभव है जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करे। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे इस दवा को लेकर किसी प्रकार की भ्रांति या भय न पालें और स्वास्थ्यकर्मियों का पूर्ण सहयोग करें। जिला को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए यह एमडीए अभियान एक निर्णायक कदम है। हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि इसे सफल बनाएं। 15 से 17 फरवरी तक बूथों पर भी उपलब्ध होगी दवा घर-घर अभियान के बाद 15 से 17 फरवरी तक विशेष बूथों पर भी लोगों को यह दवा उपलब्ध करायी जाएगी, जिससे कोई भी व्यक्ति छूटने न पाए। इस अभियान में बिहारशरीफ शहरी, चंडी, नूरसराय, थरथरी, रहुई, इस्लामपुर, एकंगरसराय, सिलाव, सरमेरा, बिंद और कातरिसराय प्रखंड शामिल हैं। नालंदा जिले के 11 प्रखंडों में फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के उन्मूलन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक रणनीति तैयार की है। 10 फरवरी से शुरू होने वाले 5 दिवसीय सर्वजन दवा सेवन अभियान (एमडीए) के तहत स्वास्थ्यकर्मी घर-घर पहुंचकर लोगों को फाइलेरियारोधी दवाएं उपलब्ध कराएंगे। यह अभियान 14 फरवरी तक चलेगा, जिसके बाद 3 दिन तक विशेष बूथों पर भी दवा वितरण की व्यवस्था की जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह और एसीएमओ डॉ. राममोहन सहाय ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि लगातार 5 वर्षों तक प्रतिवर्ष एक डोज दवा लेने से फाइलेरिया जैसी लाइलाज समझी जाने वाली बीमारी से बचाव संभव है। उन्होंने इस अभियान को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए जनता से सहयोग की अपील की। सिविल सर्जन ने कहा कि फाइलेरिया दिव्यांगता बढ़ाने वाली सबसे बड़ी बीमारियों में से एक है। इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति को जीवनभर सूजन, दर्द और शारीरिक अक्षमता का सामना करना पड़ता है। समय पर रोकथाम ही इसका एकमात्र उपाय है। विशेष सावधानियां और छूट स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गर्भवती महिलाओं, 2 वर्ष से कम आयु के बच्चों और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को यह दवा नहीं दी जाएगी। इस संबंध में विशेष निर्देश जारी किए गए हैं और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण के दौरान इन बातों पर विशेष बल दिया गया है। ट्रेनर डॉ. सुपर्णा टाट ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से विस्तृत माइक्रोप्लान तैयार किया जा रहा है। इसके तहत स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी सेविकाओं को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि वे जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से काम कर सकें। सामूहिक भागीदारी की अपील सिविल सर्जन ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन तभी संभव है जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करे। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे इस दवा को लेकर किसी प्रकार की भ्रांति या भय न पालें और स्वास्थ्यकर्मियों का पूर्ण सहयोग करें। जिला को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए यह एमडीए अभियान एक निर्णायक कदम है। हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि इसे सफल बनाएं। 15 से 17 फरवरी तक बूथों पर भी उपलब्ध होगी दवा घर-घर अभियान के बाद 15 से 17 फरवरी तक विशेष बूथों पर भी लोगों को यह दवा उपलब्ध करायी जाएगी, जिससे कोई भी व्यक्ति छूटने न पाए। इस अभियान में बिहारशरीफ शहरी, चंडी, नूरसराय, थरथरी, रहुई, इस्लामपुर, एकंगरसराय, सिलाव, सरमेरा, बिंद और कातरिसराय प्रखंड शामिल हैं।


