बिहारशरीफ सदर अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की बढ़ती संख्या और बेहतर उपचार की सुविधा को देखते हुए ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) सेवाओं के विकेंद्रीकरण का निर्णय लिया है। अब अस्पताल में हर रोग के विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए अलग-अलग ओपीडी कक्ष निर्धारित किए जाएंगे, जिससे मरीजों को लंबी कतारों और अफरा-तफरी से मुक्ति मिलेगी। इस नई व्यवस्था के संचालन के लिए सदर अस्पताल के पुराने इमरजेंसी वार्ड के भवन का कायाकल्प कर उसे इस्तेमाल में लाया जाएगा। सदर अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक (डीएस) डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि इस नई पहल को जमीन पर उतारने की तैयारी अंतिम चरण में है और पूरी संभावना है कि 15 मार्च से यह सेवा विधिवत रूप से शुरू हो जाएगी। वर्तमान में सदर अस्पताल के मॉडल भवन में संयुक्त ओपीडी सेवा संचालित होती है, जहां एक ही छत के नीचे विभिन्न रोगों के मरीज परामर्श लेते हैं। महिला रोगियों के लिए अलग ओपीडी की व्यवस्था है हालांकि, महिला रोगियों के लिए वर्तमान में भी अलग ओपीडी की व्यवस्था बहाल है, लेकिन अब अन्य सभी विभागों को भी स्वतंत्र केबिन आवंटित किए जाएंगे। नई कार्ययोजना के अनुसार, मेडिसिन, सर्जरी, ईएनटी (नाक-कान-गला), नेत्र रोग, शिशु रोग, हड्डी रोग और सिजेरियन परामर्श के लिए अलग-अलग केबिन बनाए जा रहे हैं। फिजिशियन और अन्य संवर्ग के विशेषज्ञ भी अपने निर्धारित कक्षों में बैठेंगे, जिससे संबंधित बीमारी के मरीजों को सीधे अपने डॉक्टर तक पहुंचने में आसानी होगी। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि इस बदलाव से न केवल मरीजों के परीक्षण और उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि भीड़ प्रबंधन में भी बड़ी मदद मिलेगी। 15 मार्च से शुरू होने वाली इस कवायद को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों और मरीजों के बीच उत्साह देखा जा रहा है। बिहारशरीफ सदर अस्पताल में आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की बढ़ती संख्या और बेहतर उपचार की सुविधा को देखते हुए ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) सेवाओं के विकेंद्रीकरण का निर्णय लिया है। अब अस्पताल में हर रोग के विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए अलग-अलग ओपीडी कक्ष निर्धारित किए जाएंगे, जिससे मरीजों को लंबी कतारों और अफरा-तफरी से मुक्ति मिलेगी। इस नई व्यवस्था के संचालन के लिए सदर अस्पताल के पुराने इमरजेंसी वार्ड के भवन का कायाकल्प कर उसे इस्तेमाल में लाया जाएगा। सदर अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक (डीएस) डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि इस नई पहल को जमीन पर उतारने की तैयारी अंतिम चरण में है और पूरी संभावना है कि 15 मार्च से यह सेवा विधिवत रूप से शुरू हो जाएगी। वर्तमान में सदर अस्पताल के मॉडल भवन में संयुक्त ओपीडी सेवा संचालित होती है, जहां एक ही छत के नीचे विभिन्न रोगों के मरीज परामर्श लेते हैं। महिला रोगियों के लिए अलग ओपीडी की व्यवस्था है हालांकि, महिला रोगियों के लिए वर्तमान में भी अलग ओपीडी की व्यवस्था बहाल है, लेकिन अब अन्य सभी विभागों को भी स्वतंत्र केबिन आवंटित किए जाएंगे। नई कार्ययोजना के अनुसार, मेडिसिन, सर्जरी, ईएनटी (नाक-कान-गला), नेत्र रोग, शिशु रोग, हड्डी रोग और सिजेरियन परामर्श के लिए अलग-अलग केबिन बनाए जा रहे हैं। फिजिशियन और अन्य संवर्ग के विशेषज्ञ भी अपने निर्धारित कक्षों में बैठेंगे, जिससे संबंधित बीमारी के मरीजों को सीधे अपने डॉक्टर तक पहुंचने में आसानी होगी। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि इस बदलाव से न केवल मरीजों के परीक्षण और उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि भीड़ प्रबंधन में भी बड़ी मदद मिलेगी। 15 मार्च से शुरू होने वाली इस कवायद को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों और मरीजों के बीच उत्साह देखा जा रहा है।


