प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में पिछले दो सालों में किए गए काम के बारे में आज गुरूवार को हेल्थ मिनिस्टर स्याम बिहारी जायसवाल प्रेस कान्फेंस कर बताया। जायसवाल के अनुसार बीते दो सालों में 1600 से अधिक डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति की गई है। 30 से ज्यादा नए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की स्वीकृति, आयुष्मान भारत योजना के तहत 4500 करोड़ रुपए से अधिक का मुफ्त इलाज किया गया है। इसके अलावा जायसवाल ने अगले तीन वर्षों का रोडमैप भी पेश किया। 1639 नियुक्तियां, 2300 पदों पर भर्ती जारी स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानव संसाधन होता है। पिछले दो वर्षों में डीएचएस और एनएचएम के तहत डॉक्टर, नर्स व अन्य कैडर के 1639 पदों पर नियुक्ति की गई है। एनएचएम के अंतर्गत हर माह ऑनलाइन माध्यम से विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की जा रही है। 15 नए हॉस्पिटल बनाए गए 15वें वित्त आयोग, PM-ABHIM और राज्य बजट से दो वर्षों में प्रदेश में 3 जिला अस्पताल, 2 सिविल अस्पताल (220 बिस्तर), 8 सिविल अस्पताल (100 बिस्तर), 1 मानसिक अस्पताल (200 बिस्तर, सेन्दरी), 1 MCH अस्पताल, 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 11 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 34 उप स्वास्थ्य केंद्र स्वीकृत किए गए। इसके साथ ही 12 IPHL लैब, 31 BPHU, 1 क्रिटिकल हेल्थ केयर ब्लॉक भी मंजूर किए गए। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पिछले दो वर्षों में करीब 3 लाख आरोग्य मेले आयोजित किए गए, जहां इलाज के साथ वेलनेस सुविधाएं भी दी गईं। 3 लाख आरोग्य मेले लगाए गए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश के आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में पिछले दो वर्षों में करीब 3 लाख आरोग्य मेले आयोजित किए गए, जहां इलाज के साथ वेलनेस सुविधाएं भी दी गईं। मंत्री जायसवाल ने बताया आने वाले समय में— आयुष्मान भारत योजना के तहत 4 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत अब तक 31.44 लाख से अधिक क्लेम हो चुके हैं। 4, 551 करोड़ रुपए का उपचार भुगतान किया जा चुका है। प्रदेश के 90% राशन कार्डधारकों के आयुष्मान कार्ड बन चुके। पिछले 2 साल में 38.98 लाख नए कार्ड बने हैं। वहीं मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 2273 मरीजों को 62.20 करोड़ रुपए का उपचार हुआ है। इसके अलावा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस प्रोग्राम (NQAS) के तहत 884 शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को गुणवत्ता प्रमाणन हुआ। रायपुर और बलौदाबाजार जिला अस्पतालों की IPHL लैब को केंद्र से प्रमाणन मिला। अगले 3 वर्षों में सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को NQAS प्रमाणित करने का लक्ष्य रखा गया है। टेली-मेडिसिन और गैर-संचारी रोगों पर जोर टीबी, मलेरिया और कुपोषण पर नियंत्रण सिकल सेल पर विशेष अभियान स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ, मजबूत और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।


