सभी विश्वविद्यालयों में ‘नशा मुक्त कैंपस’ कार्यक्रम अनिवार्य हो : स्वास्थ्य मंत्री

सभी विश्वविद्यालयों में ‘नशा मुक्त कैंपस’ कार्यक्रम अनिवार्य हो : स्वास्थ्य मंत्री

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव ने कहा कि राज्य Karnataka की सभी विश्वविद्यालयों में ‘नशा मुक्त कैंपस’ drug free campus कार्यक्रम लागू किया जाना चाहिए। वे राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, दिशाबोध फाउंडेशन और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित स्वस्थ नशा मुक्त भारत, नशा मुक्त कर्नाटक, नशा मुक्त कैंपस और अंगदान अभियान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

आगे चलकर लत में बदल जाती है

मंत्री ने कहा कि कई बार नशे की शुरुआत दोस्तों के दबाव या कम उम्र की जिज्ञासा से होती है, जो आगे चलकर लत में बदल जाती है। स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए नशामुक्त कर्नाटक बनाना अनिवार्य है, हालांकि यह एक बड़ी चुनौती भी है।

समाज में व्यापक जागरूकता जरूरी

उन्होंने चिंता जताई कि ड्रग्स Drugs के कारण जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ रही है। नशे से मानसिक और शारीरिक समस्याएं पैदा हो रही हैं। केवल कानून बनाने से इस समस्या पर काबू नहीं पाया जा सकता, इसके लिए समाज में व्यापक जागरूकता जरूरी है।

बच्चों की गतिविधियों और व्यवहार पर नजर रखें

उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की गतिविधियों और व्यवहार पर नजर रखें।अंगदान के विषय में मंत्री ने कहा कि देश में कर्नाटक तीसरे स्थान पर है, लेकिन इसमें और सुधार की जरूरत है। गरीबों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। अंगदान करने वाले परिवारों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाता है, ताकि समाज में जागरूकता बढ़े। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों को ऑर्गन ट्रांसप्लांट सेंटर के रूप में विकसित किया जाना चाहिए और इस दिशा में निरंतर विचार-विमर्श चल रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि दवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग उचित नियम बनाने और लगातार निगरानी रखने का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में विधान परिषद के सभापति बसवराज होरट्टी, गृह मंत्री डॉ. जी. परमेश्वर, विधायक रिजवान अर्शद और मुख्य सचिव शालिनी रजनीश सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *