एचआईवी-एसटीडी रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान:24 फरवरी से 10 मार्च तक विशेष शिविरों का करेगा आयोजन

एचआईवी-एसटीडी रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग का अभियान:24 फरवरी से 10 मार्च तक विशेष शिविरों का करेगा आयोजन

स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचआईवी/एड्स और यौन जनित रोगों (एसटीडी) की रोकथाम के लिए 24 फरवरी से 10 मार्च तक विशेष समेकित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले समुदायों, प्रवासी मजदूरों, ट्रक चालकों, महिला कर्मियों और अन्य संवेदनशील समूहों के बीच एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता, परामर्श और जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है। राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एचआईवी संक्रमण के प्रसार को रोकना है। इसके तहत जोखिम समूहों को निःशुल्क और गोपनीय जांच सुविधा प्रदान की जाएगी। प्रत्येक जिले में जिला एड्स नियंत्रण सोसाइटी की निगरानी में स्वास्थ्य टीमें जन जागरूकता गतिविधियां, परामर्श सत्र, रक्त जांच, सिफलिस टेस्ट और आवश्यक चिकित्सा परामर्श प्रदान करेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रवासी मजदूर और ट्रक चालक एचआईवी संक्रमण के प्रति संवेदनशील माने जाते हैं। इन वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अभियान को विशेष रूप से योजनाबद्ध किया गया है। शिविरों में विशेषज्ञ डॉक्टर, लैब तकनीशियन, काउंसलर और सामाजिक कार्यकर्ताओं की टीम लोगों को संक्रमण से बचाव के उपाय, सुरक्षित व्यवहार और उपचार सुविधाओं के बारे में जानकारी देगी। अभियान के तहत लोगों को यह भी बताया जाएगा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ भेदभाव न करें। समय पर जांच और उपचार कराकर स्वस्थ जीवन जीना संभव है। सभी सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध होंगी और जांच पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने आम जनता से अपील की है कि वे इन शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने अपने आस-पास के लोगों को भी जांच और परामर्श के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। सामुदायिक सहयोग से ही एचआईवी और एसटीडी जैसी बीमारियों के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा एचआईवी/एड्स और यौन जनित रोगों (एसटीडी) की रोकथाम के लिए 24 फरवरी से 10 मार्च तक विशेष समेकित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस बारे में सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले समुदायों, प्रवासी मजदूरों, ट्रक चालकों, महिला कर्मियों और अन्य संवेदनशील समूहों के बीच एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता, परामर्श और जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है। राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एचआईवी संक्रमण के प्रसार को रोकना है। इसके तहत जोखिम समूहों को निःशुल्क और गोपनीय जांच सुविधा प्रदान की जाएगी। प्रत्येक जिले में जिला एड्स नियंत्रण सोसाइटी की निगरानी में स्वास्थ्य टीमें जन जागरूकता गतिविधियां, परामर्श सत्र, रक्त जांच, सिफलिस टेस्ट और आवश्यक चिकित्सा परामर्श प्रदान करेंगी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रवासी मजदूर और ट्रक चालक एचआईवी संक्रमण के प्रति संवेदनशील माने जाते हैं। इन वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए अभियान को विशेष रूप से योजनाबद्ध किया गया है। शिविरों में विशेषज्ञ डॉक्टर, लैब तकनीशियन, काउंसलर और सामाजिक कार्यकर्ताओं की टीम लोगों को संक्रमण से बचाव के उपाय, सुरक्षित व्यवहार और उपचार सुविधाओं के बारे में जानकारी देगी। अभियान के तहत लोगों को यह भी बताया जाएगा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ भेदभाव न करें। समय पर जांच और उपचार कराकर स्वस्थ जीवन जीना संभव है। सभी सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध होंगी और जांच पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने आम जनता से अपील की है कि वे इन शिविरों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने अपने आस-पास के लोगों को भी जांच और परामर्श के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। सामुदायिक सहयोग से ही एचआईवी और एसटीडी जैसी बीमारियों के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।  

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