मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल मुख्यालय में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित दो निजी क्लीनिकों पर बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई अनियमितताओं और आवश्यक मानकों का पालन नहीं करने के कारण की गई है। यह कार्रवाई गोरपार गांव निवासी दुर्गानंद उर्फ दुर्गा यादव की शिकायत के बाद शुरू हुई। उन्होंने गुरुवार को अनुमंडल पदाधिकारी को दिए आवेदन में आरोप लगाया था कि क्लिनिक तय मानकों और योग्य चिकित्सकों के संचालित हो रहा है, जिससे मरीजों की जान को खतरा है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को तत्काल जांच के निर्देश दिए। इसके बाद सिविल सर्जन विजय कुमार के नेतृत्व में एक विभागीय टीम ने उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में संचालित इन निजी क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान हेल्थ केयर सेंटर आवश्यक दस्तावेज, पंजीकरण प्रमाण पत्र और चिकित्सकों की योग्यता से संबंधित कागजात प्रस्तुत करने में विफल रहा। अनियमितताएं पाए जाने पर सिविल सर्जन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस सेंटर की ओपीडी, एनएसयू (नवजात शिशु इकाई) और अल्ट्रासाउंड यूनिट को सील कर दिया। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि बिना वैध अनुमति और निर्धारित मानकों के चिकित्सा सेवाएं संचालित करना कानूनन अपराध है। इसके बाद पटेल चौक स्थित राधे कृष्ण नर्सिंग होम की भी जांच की गई, जहां कई खामियां सामने आईं। जांच पूरी होने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी पंकज कुमार घोष और सिविल सर्जन ने इस नर्सिंग होम को भी सील करने का आदेश दिया। अधिकारियों ने दोहराया कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी निजी स्वास्थ्य संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य निजी क्लीनिक और नर्सिंग होम संचालकों में हड़कंप मच गया है। शिकायतकर्ता दुर्गानंद यादव ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अवैध क्लीनिकों पर रोक लगेगी और आम लोगों को सुरक्षित इलाज मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे संस्थानों की जांच आगे भी लगातार जारी रहेगी। मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल मुख्यालय में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित दो निजी क्लीनिकों पर बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई अनियमितताओं और आवश्यक मानकों का पालन नहीं करने के कारण की गई है। यह कार्रवाई गोरपार गांव निवासी दुर्गानंद उर्फ दुर्गा यादव की शिकायत के बाद शुरू हुई। उन्होंने गुरुवार को अनुमंडल पदाधिकारी को दिए आवेदन में आरोप लगाया था कि क्लिनिक तय मानकों और योग्य चिकित्सकों के संचालित हो रहा है, जिससे मरीजों की जान को खतरा है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को तत्काल जांच के निर्देश दिए। इसके बाद सिविल सर्जन विजय कुमार के नेतृत्व में एक विभागीय टीम ने उदाकिशुनगंज अनुमंडल क्षेत्र में संचालित इन निजी क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान हेल्थ केयर सेंटर आवश्यक दस्तावेज, पंजीकरण प्रमाण पत्र और चिकित्सकों की योग्यता से संबंधित कागजात प्रस्तुत करने में विफल रहा। अनियमितताएं पाए जाने पर सिविल सर्जन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस सेंटर की ओपीडी, एनएसयू (नवजात शिशु इकाई) और अल्ट्रासाउंड यूनिट को सील कर दिया। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि बिना वैध अनुमति और निर्धारित मानकों के चिकित्सा सेवाएं संचालित करना कानूनन अपराध है। इसके बाद पटेल चौक स्थित राधे कृष्ण नर्सिंग होम की भी जांच की गई, जहां कई खामियां सामने आईं। जांच पूरी होने के बाद अनुमंडल पदाधिकारी पंकज कुमार घोष और सिविल सर्जन ने इस नर्सिंग होम को भी सील करने का आदेश दिया। अधिकारियों ने दोहराया कि मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि है और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी निजी स्वास्थ्य संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य निजी क्लीनिक और नर्सिंग होम संचालकों में हड़कंप मच गया है। शिकायतकर्ता दुर्गानंद यादव ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अवैध क्लीनिकों पर रोक लगेगी और आम लोगों को सुरक्षित इलाज मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे संस्थानों की जांच आगे भी लगातार जारी रहेगी।


