अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर समाज में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उषा डेंटल क्लिनिक एंड इम्प्लांट सेंटर की ओर से एक निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में पहुंचे आम लोगों के दांतों की जांच की गई। इस दौरान विभिन्न समस्याओं का निदान करते हुए विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यक मार्गदर्शन किया गया। क्लिनिक की निदेशक और प्रख्यात दंत शल्य चिकित्सक डॉ. रूपम कुमारी रूपम ने शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि दांत का संबंध आत्मसंतुष्टि से है। हम लोग रोजाना अपने स्वाद के अनुसार भोजन करते है। इसके लिए जीवन पर्यंत स्वस्थ दांत की आवश्यकता होती है। जिसके सहारे हमलोग भोजन को चबाकर खाते है। इस क्रम में मिलने वाला स्टार्च हमें भोजन को पचाने में मदद करता है। मुफ्त में दी दवाई साथ ही बेहतर स्वाद का अनुभव करते है। जो दांत के अभाव में अधूरा रह सकता है। शिविर सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किया गया। डॉक्टर ने कहा कि महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष शिविर में आने वाले सभी मरीजों के दांतों की निःशुल्क जांच की गई और आवश्यकता के अनुसार आवश्यक दवाइयां भी निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। इस शिविर में लगभग 250 लोगों का जांच किया गया। जिसमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल थे। डॉ. रूपम ने बताया कि वर्तमान समय में लोगों में दांतों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेष रूप से दांतों में कीड़ा लगना, मसूड़ों की सूजन, पायरिया, दांतों में संवेदनशीलता (सेंसिटिविटी), मसूड़ों से खून आना, मुंह से बदबू आना और दांतों में पथरी जमना जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। जागरूकता के अभाव में कई लोग समय पर उपचार नहीं करा पाते, जिसके कारण छोटी समस्याएं भी गंभीर रूप ले लेती हैं। इसी उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस जनहितकारी शिविर का आयोजन किया गया। ताकि अधिक से अधिक लोग दंत स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा सकें। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर समाज में स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उषा डेंटल क्लिनिक एंड इम्प्लांट सेंटर की ओर से एक निःशुल्क दंत चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में पहुंचे आम लोगों के दांतों की जांच की गई। इस दौरान विभिन्न समस्याओं का निदान करते हुए विशेषज्ञ परामर्श और आवश्यक मार्गदर्शन किया गया। क्लिनिक की निदेशक और प्रख्यात दंत शल्य चिकित्सक डॉ. रूपम कुमारी रूपम ने शिविर में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि दांत का संबंध आत्मसंतुष्टि से है। हम लोग रोजाना अपने स्वाद के अनुसार भोजन करते है। इसके लिए जीवन पर्यंत स्वस्थ दांत की आवश्यकता होती है। जिसके सहारे हमलोग भोजन को चबाकर खाते है। इस क्रम में मिलने वाला स्टार्च हमें भोजन को पचाने में मदद करता है। मुफ्त में दी दवाई साथ ही बेहतर स्वाद का अनुभव करते है। जो दांत के अभाव में अधूरा रह सकता है। शिविर सुबह 9 से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किया गया। डॉक्टर ने कहा कि महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष शिविर में आने वाले सभी मरीजों के दांतों की निःशुल्क जांच की गई और आवश्यकता के अनुसार आवश्यक दवाइयां भी निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं। इस शिविर में लगभग 250 लोगों का जांच किया गया। जिसमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे शामिल थे। डॉ. रूपम ने बताया कि वर्तमान समय में लोगों में दांतों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेष रूप से दांतों में कीड़ा लगना, मसूड़ों की सूजन, पायरिया, दांतों में संवेदनशीलता (सेंसिटिविटी), मसूड़ों से खून आना, मुंह से बदबू आना और दांतों में पथरी जमना जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। जागरूकता के अभाव में कई लोग समय पर उपचार नहीं करा पाते, जिसके कारण छोटी समस्याएं भी गंभीर रूप ले लेती हैं। इसी उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस जनहितकारी शिविर का आयोजन किया गया। ताकि अधिक से अधिक लोग दंत स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जा सकें।


