Health Benefits: हाल ही में आई एक बड़ी रिसर्च यह साफ बताती है कि सेहतमंद रहने के लिए घंटों जिम में पसीना बहाना जरूरी नहीं है। चाहे आप रोज एक्सरसाइज करने वाले हों या ज्यादातर समय कुर्सी पर बैठकर काम करने वाले, अगर आप दिन में थोड़ा-सा भी ज्यादा चलना-फिरना शुरू कर दें, तो इससे आपकी उम्र और सेहत दोनों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
सिर्फ 5 मिनट भी कर सकते हैं कमाल
मेडिकल जर्नल The Lancet में छपी एक स्टडी के मुताबिक, रोजाना अपनी वॉक में सिर्फ पांच मिनट का इजाफा करने से मौत का खतरा कम हो सकता है। जो लोग पहले से थोड़ा एक्टिव थे, उनमें मौत का जोखिम करीब 10 फीसदी तक कम हुआ, जबकि सबसे कम एक्टिव लोगों में भी करीब 6 फीसदी की कमी देखी गई। इतना ही नहीं, अगर कोई इंसान दिन में बैठने का समय 30 मिनट कम कर दे, तो कुल मौतों का खतरा करीब 7 फीसदी तक घट सकता है। आमतौर पर लोग दिन में लगभग 10 घंटे बैठे रहते हैं, जबकि कुछ लोग 12 घंटे तक बैठे रहते हैं। ऐसे ज्यादा बैठने वालों में भी इसका फायदा देखा गया।
कम एक्टिव लोगों को सबसे ज्यादा फायदा
इस स्टडी की खास बात यह है कि सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को हुआ जो बिल्कुल कम चलते-फिरते हैं। यानी अगर आप सोचते हैं कि अब शुरू करके क्या होगा, तो यही लोग सबसे ज्यादा फायदा उठा सकते हैं। यह नतीजे नॉर्वे, स्वीडन, अमेरिका और ब्रिटेन समेत चार देशों के 1.35 लाख से ज्यादा लोगों के डेटा पर आधारित हैं, जिन्हें औसतन 8 साल तक फॉलो किया गया।
नींद, चलना और खाना तीनों का कॉम्बिनेशन जरूरी
एक दूसरी स्टडी, जो The Lancet समूह की eClinicalMedicine में छपी, बताती है कि अगर नींद, फिजिकल एक्टिविटी और डाइट तीनों में थोड़ा-थोड़ा सुधार किया जाए, तो इससे एक साल तक उम्र बढ़ सकती है। रिसर्च के मुताबिक, रोजाना सिर्फ 5 मिनट ज्यादा नींद, 2 मिनट तेज चलना या सीढ़ियां चढ़ना, और आधी सर्विंग ज्यादा सब्जी भी मिलकर बड़ा फर्क ला सकते हैं।
WHO की चेतावनी भी गंभीर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 2024 में दुनिया भर में करीब 1.8 अरब लोग ऐसे थे, जिन्हें कम फिजिकल एक्टिविटी की वजह से बीमारियों का खतरा था। भारत में तो लगभग 50 फीसदी लोग पर्याप्त शारीरिक गतिविधि नहीं करते।
छोटे कदम, बड़ा फायदा
सीसीडीसी की डॉक्टर शिफालिका गोयनका कहती हैं कि यह रिसर्च इसलिए अहम है क्योंकि यह दिखाती है कि 5-10 मिनट की एक्टिविटी और 30 मिनट कम बैठना भी बड़ा असर डाल सकता है। यह बात बुजुर्गों, बीमारी से उबर रहे मरीजों और ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करने वालों के लिए खास तौर पर जरूरी है। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि भारत के बड़े शहरों में, जहां हवा की गुणवत्ता खराब रहती है, वहां खुले में एक्सरसाइज के फायदे कुछ हद तक कम हो सकते हैं।


