Divya Dutta Eve Teasing Incident: बॉलीवुड की दमदार अदाकारी के लिए पहचानी जाने वाली दिव्या दत्ता ने हाल ही में अपने जीवन से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसे उन्होंने अब तक सार्वजनिक रूप से नहीं बताया था। इस घटना में उन्होंने अपनी बहन को एक आपत्तिजनक स्थिति से बचाने के लिए साहसिक कदम उठाया था। अभिनेत्री का कहना है कि ऐसे हालात का सामना करने का आत्मविश्वास उन्हें बचपन से ही अपनी मां से मिला।
‘चिरैया’ में नजर आ रहीं दिव्या दत्ता (Divya Dutta Eve Teasing Incident)
दिव्या दत्ता इन दिनों हिंदी वेब सीरीज ‘चिरैया’ को लेकर चर्चा में हैं। इसी दौरान ‘ई-टाइम्स’ को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने निजी जीवन के कुछ संवेदनशील अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे परिवार से मिली सीख ने उन्हें गलत परिस्थितियों के खिलाफ आवाज उठाने की ताकत दी।
बहन के साथ हुई छेड़छाड़ (Divya Dutta Eve Teasing Incident)
अभिनेत्री ने बताया कि एक बार उन्हें अचानक एहसास हुआ कि उनकी बहन के साथ खड़े एक युवक का बर्ताव ठीक नहीं लग रहा है। एक्ट्रेस की मानें तो वो शख्स उनकी बहन के बट पर चूंटी काटने वाला था। स्थिति को समझते ही उन्होंने बिना देर किए तुरंत हस्तक्षेप किया और उस युवक को रोक दिया। उनके अनुसार उस समय उन्हें खुद भी समझ नहीं आया कि इतनी हिम्मत कहां से आई, लेकिन बाद में महसूस हुआ कि यह साहस उन्हें अपनी मां की परवरिश से मिला था। इस घटना के बाद आसपास मौजूद लोग भी मदद के लिए आगे आए और वह युवक वहां से भाग गया।
मां ने दिव्या को मजबूत बनाया (Divya Dutta Eve Teasing Incident)
दिव्या ने ये भी बताया कि बचपन में उनके साथ भी एक ऐसा अनुभव हुआ था, जिसने उन्हें अंदर से मजबूत बना दिया। पढ़ाई से लौटते समय एक लड़का अक्सर उनका पीछा करता था और परेशान करता था। जब उन्होंने ये बात अपनी मां को बताई, तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई करने का फैसला किया। अगले ही दिन वो उसी रास्ते पर कुछ लोगों के साथ खड़ी रहीं और उस लड़के को सीधे तौर पर समझाया। इसके बाद वो घटना दोबारा कभी नहीं हुई। अभिनेत्री का मानना है कि ऐसे अनुभव व्यक्ति के आत्मविश्वास को गहराई से प्रभावित करते हैं।
इंडस्ट्री में संघर्षों को भी किया याद
उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपने शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए कहा कि करियर के शुरुआती दौर में कई बार ऐसी परिस्थितियां आती हैं, जहां अपने फैसलों पर अडिग रहना आसान नहीं होता। लेकिन समय के साथ उन्होंने यह सीखा कि कब और कैसे ‘ना’ कहना जरूरी है। उनके मुताबिक सही फैसले लेने के लिए धैर्य और आत्मविश्वास दोनों जरूरी होते हैं।
दिव्या दत्ता का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री भले ही छोटी दुनिया हो, लेकिन यहां अपनी पहचान बनाने के लिए स्पष्ट सोच और मजबूत इच्छाशक्ति की जरूरत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि जब व्यक्ति अपने सिद्धांतों पर कायम रहता है, तो धीरे-धीरे लोग उसकी सोच को समझने लगते हैं और सम्मान भी मिलने लगता है।
दिव्या दत्ता का वर्कफ्रंट
वर्कफ्रंट की बात करें तो दिव्या दत्ता इन दिनों ‘चिरैया’ सीरीज में नजर आ रही हैं, जिसमें उनके साथ संजय मिश्रा, टीनू आनंद और सरिता जोशी जैसे अनुभवी कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई दे रहे हैं। इस सीरीज में उनकी भूमिका को दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।


