हजारीबाग प्रशासन पर मंगला जुलूस रोकने का आरोप:विधायक प्रदीप प्रसाद ने दी चेतावनी- रोकेंगे तो हजारीबाग बंद, लोगों में नाराजगी

हजारीबाग प्रशासन पर मंगला जुलूस रोकने का आरोप:विधायक प्रदीप प्रसाद ने दी चेतावनी- रोकेंगे तो हजारीबाग बंद, लोगों में नाराजगी

हजारीबाग में रामनवमी से पहले निकलने वाले पारंपरिक मंगला जुलूस को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर जुलूस को जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने साफ कहा कि यदि मंगला जुलूस को रोका गया, तो गुरुवार को पूरे हजारीबाग में बंद का आह्वान किया जाएगा। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन कई स्थानों पर जुलूस को रोक रहा है और बाजा-गाजा हटाने का निर्देश दे रहा है, जिससे रामभक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। कम संख्या में निकला जुलूस, लोगों में नाराजगी दूसरे मंगलवार को निकले मंगला जुलूस में इस बार अपेक्षाकृत कम भीड़ देखने को मिली। इसे लेकर शहर के कई इलाकों में नाराजगी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगला जुलूस हजारीबाग की वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। इसे सीमित या बाधित करना आस्था के साथ खिलवाड़ है। हर साल होली के बाद पड़ने वाले मंगलवार को यह जुलूस निकाला जाता है, जिसमें ढोल-नगाड़े और बाजा-गाजा के साथ रामभक्त सड़कों पर निकलते हैं। पूरा शहर धार्मिक माहौल में रंग जाता है। विधायक की चेतावनी, प्रशासन पर बढ़ा दबाव विधायक प्रदीप प्रसाद ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि शहर की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के साथ किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि यदि प्रशासन का यही रवैया जारी रहा, तो न केवल हजारीबाग बंद किया जाएगा, बल्कि इस वर्ष रामनवमी का मुख्य जुलूस भी नहीं निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। फिलहाल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ते इस विवाद को लेकर सभी की नजरें टिकी हैं कि आने वाले दिनों में इसका क्या समाधान निकलता है और रामनवमी के आयोजन किस तरह से संपन्न होते हैं। हजारीबाग में रामनवमी से पहले निकलने वाले पारंपरिक मंगला जुलूस को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर जुलूस को जानबूझकर रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने साफ कहा कि यदि मंगला जुलूस को रोका गया, तो गुरुवार को पूरे हजारीबाग में बंद का आह्वान किया जाएगा। विधायक ने आरोप लगाया कि प्रशासन कई स्थानों पर जुलूस को रोक रहा है और बाजा-गाजा हटाने का निर्देश दे रहा है, जिससे रामभक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। कम संख्या में निकला जुलूस, लोगों में नाराजगी दूसरे मंगलवार को निकले मंगला जुलूस में इस बार अपेक्षाकृत कम भीड़ देखने को मिली। इसे लेकर शहर के कई इलाकों में नाराजगी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंगला जुलूस हजारीबाग की वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। इसे सीमित या बाधित करना आस्था के साथ खिलवाड़ है। हर साल होली के बाद पड़ने वाले मंगलवार को यह जुलूस निकाला जाता है, जिसमें ढोल-नगाड़े और बाजा-गाजा के साथ रामभक्त सड़कों पर निकलते हैं। पूरा शहर धार्मिक माहौल में रंग जाता है। विधायक की चेतावनी, प्रशासन पर बढ़ा दबाव विधायक प्रदीप प्रसाद ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि शहर की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के साथ किसी भी तरह का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि यदि प्रशासन का यही रवैया जारी रहा, तो न केवल हजारीबाग बंद किया जाएगा, बल्कि इस वर्ष रामनवमी का मुख्य जुलूस भी नहीं निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। फिलहाल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़ते इस विवाद को लेकर सभी की नजरें टिकी हैं कि आने वाले दिनों में इसका क्या समाधान निकलता है और रामनवमी के आयोजन किस तरह से संपन्न होते हैं।  

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