#Ratlam में गेहूं काटने वाले हार्वेस्टर संचालकों को दी चेतावनी, नहीं करे ये कार्य

#Ratlam में गेहूं काटने वाले हार्वेस्टर संचालकों को दी चेतावनी, नहीं करे ये कार्य

रतलाम. गेहूं कटाई के बाद खेतों में बचने वाले अवशेष ‘नरवाई’ प्रबंध को लेकर इस साल प्रशासन सख्त नजर आ रहा हैं। गेहूं कटाई जिले में शुरू हो चुकी हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने गुरुवार को हार्वेस्टर संचालकों की बैठक लेकर उन्हे सख्ती लहजे में चेतावनी दी है कि यदि वे बगैर स्ट्रा रीपर के गेहूं की कटाई करेंगे तो उनके व किसान के खिलाफ नरवाई जलाने पर कार्रवाही की जाएगी।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मिशासिंह ने जिले में खेतों में नरवाई जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। हार्वेस्टर मशीनों के उपयोग के दौरान स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम अथवा स्ट्रॉ रीपर का उपयोग अनिवार्य किया है। बिना एसएमएस अथवा स्ट्रॉ रीपर के कंबाइन हार्वेस्टर चलाने पर वैधानिक कार्रवाही की जाएगी। नरवाई जलाने पर 2 एकड़ तक भूमि रुपए 2500 प्रति घटना, 2 से 5 एकड़ भूमि रुपए 5000 प्रति घटना, 5 एकड़ से अधिक भूमि रुपए 15000 प्रति घटना जुर्माना भी निर्धारित किया है।

2500 से 15 हजार रुपए तक अर्थदंड
हार्वेस्टर संचालक भी बोले की यदि ऐसा है तो वह किसानों से एग्रीमेंट करेंगे की बगैर स्ट्रा रीपर के कटाई नहीं करेंगे तथा किसी भी स्थिति में नरवाई नहीं जलाएंगे। उपसंचालक कृषि नीलमसिंह चौहान ने नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के संबंध में विस्तृत रूप से समझाया गया। हार्वेस्टर व स्ट्रा रीपर संचालकों को जिले में नरवाई प्रबंधन में उनकी भूमिका के बारे में बताया। साथ ही किसानों को भी नरवाई नहीं जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। हार्वेस्टर संचालकों से भी अपेक्षा है कि वह कटाई के पूर्व किसानों को जागरूक करेंगे, यदि किसान नरवाई जलाता है तो पर्यावरण विभाग, मध्य प्रदेश शासन के नोटिफिकेशन के अनुसार 2500 से 15000 रुपए तक प्रति घटना तक का अर्थ दंड लगाया जाएगा।

कार्यशाला में ये अधिकारी रहे मौजूद
गुरुवार को नरवाई प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट कार्यालय में कृषि विभाग के सभाकक्ष में किया। इसमें उपसंचालक कृषि नीलमसिंह चौहान, परियोजना संचालक आत्मा एनएस नर्गेश, सहायक संचालक कृषि भीका वास्के, सहायक कृषि यंत्री विजय मीणा, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी बीसी डोडियार, उपयंत्री कृषि अभियांत्रिकी पवन गुंदारिया, हार्वेस्टर व स्ट्रा रीपर संचालक उपस्थित रहे। बैठक में हार्वेस्टर संचालकों से अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा की गई तथा नरवाई प्रबंधन करने में आने वाली समस्याओं पर चर्चा की गई। नरवाई प्रबंधन के लिए प्रशासन-शासन की मंशा से हार्वेस्टर व स्ट्रा रीपर संचालकों को अवगत कराया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *