मोतिहारी के पिपरा थाना क्षेत्र के हार्दियाबाद गांव में रमजान के पवित्र महीने में सर्वधर्म सहयोग से इफ्तार का आयोजन किया गया। इस आयोजन में गांव के सभी समुदायों के लोगों ने एकजुट होकर रोजेदारों के लिए इफ्तार की व्यवस्था की, जो आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बना। रमजान के पाक महीने में मुस्लिम समुदाय के सदस्य देश और राज्य की सुख-शांति के लिए इबादत करते हुए रोजा रखते हैं। इसी भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हार्दियाबाद गांव में प्रतिवर्ष जनसहयोग से इफ्तार कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसमें गरीब, असहाय, बुजुर्ग महिलाएं और पुरुष सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर एक साथ रोजा खोलते हैं। इफ्तार कार्यक्रम के आयोजक मयंक कुमार ने बताया कि यह आयोजन गांव में कई वर्षों से आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के पर्व और त्योहारों में भाग लेते हैं, और इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हर साल इफ्तार का आयोजन किया जाता है। मयंक कुमार ने आगे कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करते हैं। गांव के लोग यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि सभी पर्व-त्योहार मिलजुल कर मनाए जाएं, जिससे समाज में प्रेम और सौहार्द का संदेश फैल सके। बबलू खान और रोजा खान ने बताया कि गांव के लोग हर साल मुस्लिम समुदाय के सदस्यों के लिए इफ्तार का आयोजन करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक सर्वधर्म समभाव वाला देश है, और सभी मिलकर आपसी भाईचारे को मजबूत करने का प्रयास करते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने देश और राज्य में अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआ और प्रार्थना की। इस आयोजन ने एक बार फिर समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का सशक्त संदेश दिया। मोतिहारी के पिपरा थाना क्षेत्र के हार्दियाबाद गांव में रमजान के पवित्र महीने में सर्वधर्म सहयोग से इफ्तार का आयोजन किया गया। इस आयोजन में गांव के सभी समुदायों के लोगों ने एकजुट होकर रोजेदारों के लिए इफ्तार की व्यवस्था की, जो आपसी भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बना। रमजान के पाक महीने में मुस्लिम समुदाय के सदस्य देश और राज्य की सुख-शांति के लिए इबादत करते हुए रोजा रखते हैं। इसी भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हार्दियाबाद गांव में प्रतिवर्ष जनसहयोग से इफ्तार कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसमें गरीब, असहाय, बुजुर्ग महिलाएं और पुरुष सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर एक साथ रोजा खोलते हैं। इफ्तार कार्यक्रम के आयोजक मयंक कुमार ने बताया कि यह आयोजन गांव में कई वर्षों से आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना के साथ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां सभी धर्मों के लोग एक-दूसरे के पर्व और त्योहारों में भाग लेते हैं, और इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हर साल इफ्तार का आयोजन किया जाता है। मयंक कुमार ने आगे कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करते हैं। गांव के लोग यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि सभी पर्व-त्योहार मिलजुल कर मनाए जाएं, जिससे समाज में प्रेम और सौहार्द का संदेश फैल सके। बबलू खान और रोजा खान ने बताया कि गांव के लोग हर साल मुस्लिम समुदाय के सदस्यों के लिए इफ्तार का आयोजन करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक सर्वधर्म समभाव वाला देश है, और सभी मिलकर आपसी भाईचारे को मजबूत करने का प्रयास करते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने देश और राज्य में अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआ और प्रार्थना की। इस आयोजन ने एक बार फिर समाज में आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे का सशक्त संदेश दिया।


