हरदा के आईआईटीयन ने 2.3 करोड़ का पैकेज ठुकराया:श्रेयांश बोले- मेरी स्थिति अंग्रेजी की कहावत ‘आई वास इन टू माइंड’ की तरह थी

हरदा के आईआईटीयन ने 2.3 करोड़ का पैकेज ठुकराया:श्रेयांश बोले- मेरी स्थिति अंग्रेजी की कहावत ‘आई वास इन टू माइंड’ की तरह थी

मध्यप्रदेश के हरदा निवासी श्रेयांश बड़ोदिया ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 194वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि उन्होंने 2.3 करोड़ रुपए सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी की और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल कर ली। श्रेयांश का कहना है कि उन्हें नौकरी से आर्थिक सुविधा तो मिल रही थी, लेकिन मन को संतुष्टि नहीं मिल रही थी। वे समाज और देश के लिए कुछ बेहतर करना चाहते थे। श्रेयांश ने कहा कि जब मैने जॉब छोड़ने का सोचा तो मेरी स्थिति अंग्रेजी की कहावत “आई वास इन टू माइंड” की तरह थी। एक तरफ सोच रहा था कि जो चल रहा है बढ़िया है, जीवन में एक कंफर्ट है। लेकिन दूसरी तरफ अंदर से मन को संतुष्टि नहीं थी। मैं चाहता हूं कि भविष्य में जब अपने जीवन को देखूं तो यह लगे कि हां, मैं अपने समाज और देश के लिए कुछ बेहतर कर सका हूं। आईआईटी से बीटेक के बाद शुरू की आईटी नौकरी
श्रेयांश ने वर्ष 2018 में आईआईटी मुंबई से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे गुरुग्राम की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य करने लगे। नौकरी के दौरान ही उनके मन में सिविल सर्विस में जाने का विचार आने लगा। उनके कई मित्र सिविल सर्विसेस में थे, जिनसे उन्हें प्रेरणा मिली। इसी दौरान उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने का निर्णय लिया। अगस्त 2024 में छोड़ी नौकरी, शुरू की तैयारी
श्रेयांश ने बताया कि छह साल की नौकरी के दौरान कई बार उन्होंने यूपीएससी की तैयारी करने की योजना बनाई थी, लेकिन वह अमल में नहीं आ पाई। आखिरकार साल 2024 में उन्होंने अपने मन की सुनी और परिवार को जानकारी देने के बाद नौकरी से इस्तीफा दे दिया। अगस्त 2024 में नौकरी छोड़ने के बाद वे मुंबई में रहकर पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। पहले प्रयास में ही मिली सफलता
श्रेयांश ने मई 2025 में यूपीएससी का प्रीलिम्स दिया, जिसे उन्होंने पास कर लिया। इसके बाद अगस्त 2025 में मेंस परीक्षा दी और जनवरी 2026 में इंटरव्यू भी सफलतापूर्वक पास किया। करीब नौ माह की तैयारी में उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाने वाली यूपीएससी को पहले ही प्रयास में पास कर लिया। कंफर्ट जोन से बाहर निकलने का फैसला
श्रेयांश का कहना है कि आईटी सेक्टर में काम करते हुए उन्हें एक कंफर्ट जोन जरूर मिला था, लेकिन वहां उन्हें संतुष्टि नहीं मिल रही थी। उन्हें बार-बार लगता था कि उनके अंदर और भी क्षमताएं हैं, जिनका उपयोग समाज के लिए किया जा सकता है। उनका मानना है कि प्रशासनिक सेवा में जाकर वे अपनी क्षमताओं का बेहतर उपयोग कर सकते हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में करना चाहते हैं काम
श्रेयांश का कहना है कि भविष्य में वे शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिए काम करना चाहते हैं। खासकर प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने पर उनका विशेष ध्यान रहेगा। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, जिसे दूर करना जरूरी है। बच्चों की अच्छी शिक्षा से ही समाज का भविष्य मजबूत बन सकता है। इसके अलावा वे स्वास्थ्य क्षेत्र में “आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर” को कम करने पर भी काम करना चाहते हैं, ताकि लोगों को इलाज के लिए अपनी जेब से ज्यादा पैसा खर्च न करना पड़े। परिवार मुंबई में रहता है
श्रेयांश का परिवार फिलहाल मुंबई में रहता है। उनके पिता जीडी बड़ोदिया नर्मदापुरम में जिला कोषालय अधिकारी रह चुके हैं और मेहर गढ़वाल समाज के अध्यक्ष भी रहे हैं। विधानसभा चुनाव 2023 में उनके पिता विधायक पद के लिए प्रत्याशी के रूप में चुनाव भी लड़ चुके हैं। परिवार में माता-पिता, भाई और भतीजा शामिल हैं। परिणाम घोषित होने के बाद परिवार श्रेयांश के साथ मध्यप्रदेश लौटे। उन्होंने भोपाल में अपने रिलेटिव से मुलाकात की और इसके बाद अपने गृह जिले लौट गए। ये खबर भी पढ़ें… UPSC 2025 रिजल्‍ट…टॉप 10 में MP के 2 कैंडिडेट UPSC ने सिविल सर्विस एग्जाम 2025 के फाइनल रिजल्ट जारी कर दिए हैं। 958 कैंडिडेट अलग-अलग सर्विस के लिए क्वालिफाई हुए। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल-इंडिया एग्जाम में टॉप किया। वहीं टॉप 5 रैंक भोपाल के ईशान भटनागर को मिलीं, जबकि धार जिले के पक्षल सेक्रेटरी ने 8वीं रैंक हासिल की।पूरी खबर पढ़ें

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