डूंगरपुर के खडगदा स्थित भगवान श्रीक्षेत्रपाल जी मंदिर में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर 1 और 2 अप्रैल को मेला आयोजित किया जाएगा। मेले का शुभारंभ 1 अप्रैल बुधवार को श्रीप्रभुदास धाम रामद्वारा सागवाड़ा के महंत उदयराम महाराज और रामकथा वाचक कमलेश भाई शास्त्री सहित अन्य संतों की उपस्थिति में होगा। 2 अप्रैल गुरुवार को भगवान क्षेत्रपाल जी की शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस वर्ष मेले में धार्मिक आस्था के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति और क्षेत्रीय विरासत का संगम भी देखने को मिलेगा। मंदिर प्रबंध समिति मेले को भव्य बनाने के लिए व्यापक तैयारियां कर रही है। नई पीढ़ी परंपराओं से जोड़ने की कोशिश
समिति अध्यक्ष अशोक भट्ट और मेला संयोजक हरीश रोत के नेतृत्व में आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। सभाध्यक्ष चंद्रेश व्यास ने बताया कि इस बार मेले में आदिवासी लोकसंस्कृति को विशेष स्थान दिया गया है, ताकि नई पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ सके। शोभायात्रा में पारंपरिक गैर नृत्य, ढोल-मांदल और लोक वाद्ययंत्रों से सुसज्जित दल मुख्य आकर्षण होंगे। कलश यात्रा प्रभारी देवीलाल ताबियाड़ ने बताया कि अधिक से अधिक श्रद्धालुओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गांव-गांव में प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। मेला सह संयोजक बदामीलाल दर्जी और दिनेश यादव ने बताया कि मंदिर परिसर में आकर्षक सजावट, रंग-रोगन और विशेष रोशनी की व्यवस्था की जा रही है।
इस आयोजन में जनार्दन द्विवेदी, गौरीशंकर भट्ट, जगदीशचंद्र दवे सहित कई कार्यकर्ता सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। यह मेला धार्मिक आस्था के साथ वागड़ की समृद्ध संस्कृति और लोकजीवन का जीवंत उत्सव बनेगा।


