MP Weather: एमपी में मौसम ने ऐसा पलटा खाया कि किसानों की खुशियां कुछ ही मिनटों में मातम में बदल गईं। तेज हवाओं और आसमान से बरसी बर्फीली मार ने खेतों में खड़ी तैयार फसलों को जमीन पर गिरा दिया। जिन बालियों में सुनहरा सपना झलक रहा था, वे अचानक सफेद ओलों की चादर तले दब गईं।
दरअसल, उज्जैन के पासलोद गांव में अचानक मौसम खराब होने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंगलवार को तेज हवा के साथ करीब 10 मिनट तक ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है कि इस ओलावृष्टि से गेहूं सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
जमीन पर बिछ गई फसल, महीनों की मेहनत बर्बाद
ग्रामीणों के अनुसार तेज हवा के साथ हुई ओलावृष्टि इतनी तीव्र थी कि खेतों में खड़ी फसल जमीन पर बिछ गई। कई किसानों ने बताया कि उनकी पूरी मेहनत कुछ ही मिनटों में नष्ट हो गई। खेतों में ओलों की मोटी परत जम गई, जिससे फसल को संभलने का मौका तक नहीं मिला। किसानों ने बताया कि वे पहले ही सोयाबीन की खराब पैदावार से परेशान थे और इस बार गेहूं की फसल से उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने की स्थिति में थी और कुछ ही समय में कटाई शुरू होने वाली थी, लेकिन अचानक मौसम बदलने से पूरी फसल चौपट हो गई।
किसानों ने सरकार से लगाई गुहार
किसानों का कहना है कि वे दिन-रात मेहनत कर अपनी फसल तैयार करते हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के कारण उन्हें बार-बार नुकसान उठाना पड़ता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें। (MP Weather)


