Climate Change Impact: जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि इस समय राजस्थान के किसान दोहरी मार झेल रहे हैं—एक ओर लगातार खराब मौसम और ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद हो रही हैं, तो दूसरी ओर समय पर मुआवजा नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति डगमगा गई है।
गहलोत सोमवार को सिविल लाइंस स्थित अपने निवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने राज्य में किसानों की स्थिति और चिकित्सा सेवाओं को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन को मौजूदा हालात का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि अप्रैल माह में इस तरह के मौसम का होना असामान्य है। “क्लाइमेट चेंज का असर साफ दिखाई दे रहा है, जिससे मौसम की भविष्यवाणियां भी बदल रही हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है,” उन्होंने कहा। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों को जल्द से जल्द क्षतिपूर्ति दी जाए, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति और खराब न हो।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता में किसान सबसे ऊपर होना चाहिए। “किसान दिन-रात मेहनत करता है, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के कारण उसकी फसलें नष्ट हो जाती हैं, जिससे उसे भारी नुकसान उठाना पड़ता है,” गहलोत ने कहा।
इसके साथ ही गहलोत ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत दवा दुकानदारों और निजी अस्पतालों का करीब एक हजार करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है, जिसके कारण अब कई मेडिकल स्टोर्स ने दवाइयां देना बंद कर दिया है और निजी अस्पताल भी मरीजों से सीधे पैसे वसूलने लगे हैं।
उन्होंने बताया कि पहले जहां मरीजों को इस योजना के तहत मुफ्त इलाज मिलता था, अब उनसे लाखों रुपये तक की मांग की जा रही है। “प्राइवेट अस्पतालों का कहना है कि सरकार से भुगतान नहीं मिल रहा है, इसलिए वे मरीजों से शुल्क ले रहे हैं। कई अस्पतालों ने तो RGHS के तहत इलाज देना ही बंद कर दिया है,” गहलोत ने कहा।
गहलोत ने यह भी कहा कि इस योजना से पेंशनर्स, रिटायर्ड कर्मचारी और पत्रकार जुड़े हुए हैं, जो अब सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह इस मुद्दे पर स्पष्टता लाए और बताए कि भुगतान कब तक किया जाएगा।
अंत में उन्होंने कहा कि प्रदेश में मेडिकल सेवाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है और आम लोगों में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह इस गंभीर स्थिति को समझते हुए तत्काल प्रभाव से समाधान निकाले, ताकि जनता को राहत मिल सके।


