साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और ट्रफ के एक्टिव होने से एमपी में 2 दिन से ओले-बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। गुरुवार को प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला रहा। कहीं ओले गिरे तो कहीं बारिश हुई। शुक्रवार को भी ऐसा ही मौसम बना रहेगा। IMD (मौसम केंद्र) ने ग्वालियर-जबलपुर समेत 34 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक और ट्रफ एमपी के बीचोंबीच में सक्रिय है। अगले 24 घंटे के दौरान सिवनी, मंडला, बालाघाट, दतिया, निवाड़ी और टीकमगढ़ में ओले गिर सकते हैं। वहीं, बाकी 28 जिलों में कहीं आकाशीय बिजली गिरने, गरज-चमक, आंधी और बारिश होने का अनुमान है। भोपाल में बादल छाए रह सकते हैं। आंधी की रफ्तार 30 से 50Km प्रतिघंटा तक शुक्रवार को जिन जिलों में मौसम बदला रहेगा, वहां आंधी की रफ्तार भी तेज रहेगी। बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा और पांढुर्णा में आंधी की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रहेगी। बाकी जिलों में यह रफ्तार 30 से 50 किमी प्रतिघंटा तक रह सकती है। 22 मार्च से फिर नया सिस्टम सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि प्रदेश में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 22 मार्च से एक्टिव होगा। यह उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, यह मौजूदा सिस्टम जितना स्ट्रॉन्ग नहीं रहेगा। अगले 1-2 दिन में तस्वीर साफ हो सकती है। ओले के साथ तेज आंधी, बारिश का दौर भी इससे पहले गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदला रहा। खरगोन, सिवनी, छिंदवाड़ा में ओले गिरने की जानकारी है। वहीं, पांढुर्णा, बैतूल, मंडला, जबलपुर, नरसिंहपुर, खंडवा, हरदा, देवास, बुरहानपुर समेत कई जिलों में बारिश, तेज आंधी, आकाशीय बिजली गिरने या चमकने का दौर बना रहा। बदले मौसम की वजह से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में पहली बार ऐसा हुआ इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च से गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हुआ है। जिसका असर अगले 2 दिन और रहेगा। इस दौरान मार्च में पहली बार ओले भी गिर रहे हैं। 22 मार्च के बाद फिर से तेज गर्मी पड़ेगी सिस्टम गुजरने के बाद 22 मार्च से फिर से तेज गर्मी पड़ेगी। यानी, मार्च का आखिरी सप्ताह तेज गर्मी वाला रह सकता है। बता दें कि मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है, जबकि रात में 14 से 20 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। नर्मदापुरम में लगातार तीन दिन तक पारा 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है। अप्रैल-मई में चलेगी लू मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अबकी बार अप्रैल और मई में हीट वेव यानी, लू चलेगी। 15 से 20 दिन तक लू चल सकती है। मार्च के दूसरे सप्ताह में नर्मदापुरम में लगातार 3 दिन तक तीव्र लू वाला मौसम रहा। मौसम विभाग ने बताया कि मार्च के आखिरी सप्ताह से लू का असर दिखाई देने लगेगा। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड… भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भी
उज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।


