‘गंदी-गंदी गालियां दे रहे थे, हम निकलते तो मार डालते’:4 घंटे तलाशा, नदी किनारे लहुलूहान मिले ससुर; बारात में बैड टच पर अधेड़ की पीट-पीटकर हत्या

‘गंदी-गंदी गालियां दे रहे थे, हम निकलते तो मार डालते’:4 घंटे तलाशा, नदी किनारे लहुलूहान मिले ससुर; बारात में बैड टच पर अधेड़ की पीट-पीटकर हत्या

‘रात करीब 10 बजे ससुर बारात से घर लौटे। आते ही अपने कमरे में चले गए और सो गए। कुछ ही देर बाद पड़ोसी हरिमुनी मांझी, उसकी पत्नी, बेटे और अन्य मेरे घर आए और ससुर का नाम लेकर गंदी-गंदी गालियां देने लगे।’ ‘हम लोगों कुछ समझ नहीं पाए। गाली-गलौज सुनकर मेरी नींद खुली। हरिमुनी मांझी और उसके साथ आए लोग हमें भी गालियां दे रहे थे और बाहर निकलने को कह रहे थे। मेरे ससुर घर कमरे से निकलकर दरवाजे पर पहुंचे तो हरिमुनी मांझी, उसकी पत्नी और बेटों ने मेरे ससुर को खींच लिया और उनके साथ मारपीट करने लगे।’ ‘मैंने और जेठानी ने छोड़ने की अपील की, लेकिन आरोपी पिटाई करने से नहीं रुके, डर की वजह से हम लोगों ने कमरा बंद कर लिया। अगर हम घर से बाहर निकलते तो हमारी भी हत्या कर दी जाती।’ नालंदा के दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत नदियौना गांव की रहने वाली 22 साल की पचोल देवी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही। दरअसल, पचोल देवी के 49 साल के ससुर उपेंद्र मांझी की बुधवार की रात आरोपियों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने नामजद सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पचोल देवी के ससुर की हत्या का क्या मामला है? आरोपियों ने महिला के ससुर की हत्या क्यों की? मृतक की बहू ने क्या-क्या बताया? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए, वारदात को लेकर पचोल देवी ने और क्या कहा? पचोल देवी ने बताया कि मेरे पति चार भाई हैं। मेरे पति अपने दो बड़े भाइयों के साथ मजदूरी के लिए बिहार से बाहर रहते हैं। मेरी सास की 6 साल पहले मौत हो चुकी है। घर में मैं अपनी जेठानी, उनके दो बच्चों, अविवाहित देवर, ननद और ससुर के साथ रहती हूं। मृतक उपेंद्र मांझी की बहू ने बताया कि गाली-गलौच क्यों हो रही थी, हमें कुछ नहीं पता था। जब मेरे ससुर बाहर आए और आरोपियों को रोकने की कोशिश की तो उनके साथ मारपीट की गई। ससुर जान बचाकर अंधेरे की ओर भागे और हम लोगों ने घर का दरवाजा बंद कर लिया। उन्होंने बताया कि जब आरोपियों का हंगामा शांत हुआ तो मैं अपने देवर, जेठानी के साथ अपने ससुर को तलाशने के लिए निकली। घर में दोनों बच्चों को ननद के भरोसे छोड़ दिया। पचोल देवी ने बताया कि करीब 4 घंटे तक मैं अपनी जेठानी के साथ मिलकर अपने ससुर को तलाश रही थी, लेकिन अंधेरा होने की वजह से कुछ पता नहीं चल पा रहा था। रात करीब 2 बजे हम लोग नदी की ओर गए, तो वहां अपने ससुर को बेसुध पड़ा देखा। मैंने अपने देवर और जेठानी के साथ मिलकर ससुर को उठाया, लेकिन वे खड़े नहीं हो पा रहे थे, क्योंकि आरोपियों ने उनके दोनों पैरों को तोड़ दिया था। सिर से लगातार खून निकल रहा था, शरीर पर मारपीट के 15 निशान थे पचोल देवी ने बताया कि घर आने के बाद हम लोगों ने देखा कि ससुर के सिर में कुल्हाड़ी से गहरे घाव थे, लगातार खून बह रहा था। ससुर लगातार हिचकी ले रहे थे, शायद उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। ससुर ने मुझसे पानी मांगा। मैं दौड़कर घर के अंदर गई और पानी के गिलास से ससुर को पानी पिलाने की कोशिश की। ससुर ने एक घूंट ही पानी पीया और उनकी मौत हो गई। अब जानिए, अधेड़ की पीट-पीटकर हत्या का मामला क्या है? नदियौना गांव में बुधवार को एक शादी थी। गांव के लोग बारात में शामिल होने एक मंदिर पहुंचे थे। दिन में शादी के बाद शाम तक दूल्हा दुल्हन को लेकर बारात समेत घर लौट आया। बारात में 49 साल का पेशे से किराना दुकानदार उपेंद्र मांझी भी शामिल था। बारात से लौटने के बाद उपेंद्र घर पहुंचा। थोड़ी देर बाद दुल्हन आने की खुशी में दूल्हे के घर के सामने डीजे बजाया जाने लगा, जहां गांव के लोग डांस करने लगे। शाम करीब 7 बजे उपेंद्र मांझी घर से निकला और डांस करने के लिए दूल्हे के घर के आगे पहुंचा। खाना खाने के बाद उपेंद्र डीजे की धुन पर डांस करने लगा। रात करीब 9 बजे के बाद डांस देखने के लिए गांव की कुछ महिलाएं डीजे के पास पहुंचीं। आरोप है कि डांस के दौरान उपेंद्र मांझी का हाथ गलती से डीजे के पास खड़ी हरिमुनि मांझी की बहू को लग गया। इसके बाद हरिमुनी मांझी की बहू ने जमकर बवाल काटा। शोर-शराबे के बीच डीजे बंद हो गया और हरिमुनी मांझी ने अपने बेटों और गांव के अन्य लोगों के साथ मिलकर उपेंद्र मांझी के साथ मारपीट कर दी। मारपीट के बाद उपेंद्र मांझी घर लौटा, बिना कुछ बताए सो गया दूल्हे के घर के पास मारपीट के बाद उपेंद्र मांझी चुपचाप घर लौट आया और घर में बिना किसी के कुछ बताए सो गया। आरोप है कि करीब 1 घंटे बाद यानी 10 बजे के आसपास हरिमुनी मांझी, उसकी पत्नी, बेटे गांव के अन्य लोगों के साथ उपेंद्र मांझी के घर के बाहर पहुंचे और गाली गलौच शुरू कर दी। उपेंद्र मांझी के साथ दोबारा मारपीट की, अंधेरे में भागा तो पीछे दौड़े आरोपी जानकारी के मुताबिक, हरिमुनी मांझी समेत अन्य आरोपियों ने उपेंद्र मांझी के घर में पहले तोड़फोड़ की, जब बाहर निकलकर उपेंद्र मांझी ने आरोपियों को रोका तो दोबारा उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। उपेंद्र मांझी बार-बार आरोपियों से कहता रहा कि उसने ये सब जान बूझकर नहीं किया है, बल्कि गलती से हाथ लग गया था, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी। आरोपियों को ज्यादा आक्रोशित होता देख उपेंद्र मांझी अंधेरे में नदी की ओर भागा। आरोपी भी उसके पीछे भागे। आरोप है कि नदी किनारे आरोपियों ने उपेंद्र मांझी की पहले लाठी डंडे से पिटाई की। उपेंद्र मांझी के दोनों पैर तोड़ दिए, फिर कुल्हाड़ी से सिर पर दो वार किए, जिससे उपेंद्र मांझी बुरी तरह घायल हो गया। करीब 4 घंटे तक आरोपी मौके पर ही पड़ा रहा। घरवाले अंधेरे में किसी तरह तलाशते हुए उपेंद्र मांझी तक पहुंचे और उसे उठाकर घर लाए। घर लाने के कुछ देर बाद ही उपेंद्र मांझी की मौत हो गई। वारदात की सूचना के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने अधेड़ के शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिजन को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया। इसके साथ ही जांच पड़ताल करते हुए मुख्य आरोपी हरिमुनी मांझी समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। ‘रात करीब 10 बजे ससुर बारात से घर लौटे। आते ही अपने कमरे में चले गए और सो गए। कुछ ही देर बाद पड़ोसी हरिमुनी मांझी, उसकी पत्नी, बेटे और अन्य मेरे घर आए और ससुर का नाम लेकर गंदी-गंदी गालियां देने लगे।’ ‘हम लोगों कुछ समझ नहीं पाए। गाली-गलौज सुनकर मेरी नींद खुली। हरिमुनी मांझी और उसके साथ आए लोग हमें भी गालियां दे रहे थे और बाहर निकलने को कह रहे थे। मेरे ससुर घर कमरे से निकलकर दरवाजे पर पहुंचे तो हरिमुनी मांझी, उसकी पत्नी और बेटों ने मेरे ससुर को खींच लिया और उनके साथ मारपीट करने लगे।’ ‘मैंने और जेठानी ने छोड़ने की अपील की, लेकिन आरोपी पिटाई करने से नहीं रुके, डर की वजह से हम लोगों ने कमरा बंद कर लिया। अगर हम घर से बाहर निकलते तो हमारी भी हत्या कर दी जाती।’ नालंदा के दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत नदियौना गांव की रहने वाली 22 साल की पचोल देवी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही। दरअसल, पचोल देवी के 49 साल के ससुर उपेंद्र मांझी की बुधवार की रात आरोपियों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने नामजद सभी 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पचोल देवी के ससुर की हत्या का क्या मामला है? आरोपियों ने महिला के ससुर की हत्या क्यों की? मृतक की बहू ने क्या-क्या बताया? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले जानिए, वारदात को लेकर पचोल देवी ने और क्या कहा? पचोल देवी ने बताया कि मेरे पति चार भाई हैं। मेरे पति अपने दो बड़े भाइयों के साथ मजदूरी के लिए बिहार से बाहर रहते हैं। मेरी सास की 6 साल पहले मौत हो चुकी है। घर में मैं अपनी जेठानी, उनके दो बच्चों, अविवाहित देवर, ननद और ससुर के साथ रहती हूं। मृतक उपेंद्र मांझी की बहू ने बताया कि गाली-गलौच क्यों हो रही थी, हमें कुछ नहीं पता था। जब मेरे ससुर बाहर आए और आरोपियों को रोकने की कोशिश की तो उनके साथ मारपीट की गई। ससुर जान बचाकर अंधेरे की ओर भागे और हम लोगों ने घर का दरवाजा बंद कर लिया। उन्होंने बताया कि जब आरोपियों का हंगामा शांत हुआ तो मैं अपने देवर, जेठानी के साथ अपने ससुर को तलाशने के लिए निकली। घर में दोनों बच्चों को ननद के भरोसे छोड़ दिया। पचोल देवी ने बताया कि करीब 4 घंटे तक मैं अपनी जेठानी के साथ मिलकर अपने ससुर को तलाश रही थी, लेकिन अंधेरा होने की वजह से कुछ पता नहीं चल पा रहा था। रात करीब 2 बजे हम लोग नदी की ओर गए, तो वहां अपने ससुर को बेसुध पड़ा देखा। मैंने अपने देवर और जेठानी के साथ मिलकर ससुर को उठाया, लेकिन वे खड़े नहीं हो पा रहे थे, क्योंकि आरोपियों ने उनके दोनों पैरों को तोड़ दिया था। सिर से लगातार खून निकल रहा था, शरीर पर मारपीट के 15 निशान थे पचोल देवी ने बताया कि घर आने के बाद हम लोगों ने देखा कि ससुर के सिर में कुल्हाड़ी से गहरे घाव थे, लगातार खून बह रहा था। ससुर लगातार हिचकी ले रहे थे, शायद उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। ससुर ने मुझसे पानी मांगा। मैं दौड़कर घर के अंदर गई और पानी के गिलास से ससुर को पानी पिलाने की कोशिश की। ससुर ने एक घूंट ही पानी पीया और उनकी मौत हो गई। अब जानिए, अधेड़ की पीट-पीटकर हत्या का मामला क्या है? नदियौना गांव में बुधवार को एक शादी थी। गांव के लोग बारात में शामिल होने एक मंदिर पहुंचे थे। दिन में शादी के बाद शाम तक दूल्हा दुल्हन को लेकर बारात समेत घर लौट आया। बारात में 49 साल का पेशे से किराना दुकानदार उपेंद्र मांझी भी शामिल था। बारात से लौटने के बाद उपेंद्र घर पहुंचा। थोड़ी देर बाद दुल्हन आने की खुशी में दूल्हे के घर के सामने डीजे बजाया जाने लगा, जहां गांव के लोग डांस करने लगे। शाम करीब 7 बजे उपेंद्र मांझी घर से निकला और डांस करने के लिए दूल्हे के घर के आगे पहुंचा। खाना खाने के बाद उपेंद्र डीजे की धुन पर डांस करने लगा। रात करीब 9 बजे के बाद डांस देखने के लिए गांव की कुछ महिलाएं डीजे के पास पहुंचीं। आरोप है कि डांस के दौरान उपेंद्र मांझी का हाथ गलती से डीजे के पास खड़ी हरिमुनि मांझी की बहू को लग गया। इसके बाद हरिमुनी मांझी की बहू ने जमकर बवाल काटा। शोर-शराबे के बीच डीजे बंद हो गया और हरिमुनी मांझी ने अपने बेटों और गांव के अन्य लोगों के साथ मिलकर उपेंद्र मांझी के साथ मारपीट कर दी। मारपीट के बाद उपेंद्र मांझी घर लौटा, बिना कुछ बताए सो गया दूल्हे के घर के पास मारपीट के बाद उपेंद्र मांझी चुपचाप घर लौट आया और घर में बिना किसी के कुछ बताए सो गया। आरोप है कि करीब 1 घंटे बाद यानी 10 बजे के आसपास हरिमुनी मांझी, उसकी पत्नी, बेटे गांव के अन्य लोगों के साथ उपेंद्र मांझी के घर के बाहर पहुंचे और गाली गलौच शुरू कर दी। उपेंद्र मांझी के साथ दोबारा मारपीट की, अंधेरे में भागा तो पीछे दौड़े आरोपी जानकारी के मुताबिक, हरिमुनी मांझी समेत अन्य आरोपियों ने उपेंद्र मांझी के घर में पहले तोड़फोड़ की, जब बाहर निकलकर उपेंद्र मांझी ने आरोपियों को रोका तो दोबारा उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। उपेंद्र मांझी बार-बार आरोपियों से कहता रहा कि उसने ये सब जान बूझकर नहीं किया है, बल्कि गलती से हाथ लग गया था, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक नहीं सुनी। आरोपियों को ज्यादा आक्रोशित होता देख उपेंद्र मांझी अंधेरे में नदी की ओर भागा। आरोपी भी उसके पीछे भागे। आरोप है कि नदी किनारे आरोपियों ने उपेंद्र मांझी की पहले लाठी डंडे से पिटाई की। उपेंद्र मांझी के दोनों पैर तोड़ दिए, फिर कुल्हाड़ी से सिर पर दो वार किए, जिससे उपेंद्र मांझी बुरी तरह घायल हो गया। करीब 4 घंटे तक आरोपी मौके पर ही पड़ा रहा। घरवाले अंधेरे में किसी तरह तलाशते हुए उपेंद्र मांझी तक पहुंचे और उसे उठाकर घर लाए। घर लाने के कुछ देर बाद ही उपेंद्र मांझी की मौत हो गई। वारदात की सूचना के बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने अधेड़ के शव को कब्जे में ले लिया और पोस्टमॉर्टम के बाद शव को परिजन को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया। इसके साथ ही जांच पड़ताल करते हुए मुख्य आरोपी हरिमुनी मांझी समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है।  

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